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Design Institute inaugurated at Devi Ahilya Vishwavidyalaya | भारत को फिर मिलेगा विश्वगुरु का स्थान: इंदौर में मंत्री बोले- नई शिक्षा नीति युवाओं को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा योग्य बनाएगा – Indore News

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मंत्री इंदर सिंह परमार शनिवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए।

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इंदौर पहुंचे उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लागू की गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को फिर से विश्वगुरु के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह शिक्षा नीति भारतीयता पर

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इंदर सिंह परमार शनिवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) परिसर में आयोजित डिजाइन संस्थान के शुभारंभ एवं सिविल इंजीनियरिंग अनुसंधान एवं कंसल्टेंसी प्रयोगशाला के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री परमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति न केवल पाठ्यक्रम आधारित सुधार है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण है, जो भारतीय विद्यार्थियों को रोजगार, शोध और नवाचार के लिए वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा योग्य बनाएगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी, व्यवसायिक एवं रचनात्मक शिक्षा से सशक्त बनाना है। कार्यक्रम में मंत्री परमार ने बैचलर ऑफ डिजाइन (B.Des) पाठ्यक्रम के शुभारंभ को समयानुकूल पहल बताया और कहा कि डिजाइन क्षेत्र में यह शिक्षा युवाओं को वैश्विक अवसर प्रदान करेगी।

यह रोजगार सृजन का भी बड़ा माध्यम बनेगी। उन्होंने IET एलुमनाई द्वारा निर्मित सिविल इंजीनियरिंग प्रयोगशाला को पूर्व छात्रों की सराहनीय सहभागिता बताते हुए इसे शिक्षा संस्थानों में जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

शनिवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) परिसर में आयोजित डिजाइन संस्थान के शुभारंभ एवं सिविल इंजीनियरिंग अनुसंधान एवं कंसल्टेंसी प्रयोगशाला के लोकार्पण कार्यक्रम में मंत्री इंदर सिंह परमार शामिल हुए।

शनिवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) परिसर में आयोजित डिजाइन संस्थान के शुभारंभ एवं सिविल इंजीनियरिंग अनुसंधान एवं कंसल्टेंसी प्रयोगशाला के लोकार्पण कार्यक्रम में मंत्री इंदर सिंह परमार शामिल हुए।

यह विश्वविद्यालय के लिए एक नई पहचान कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. राकेश सिंघई ने की। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए एक नई पहचान है। यह नवाचार, रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम है। विश्वविद्यालय के इस प्रयास से इंदौर को डिजाइन और सिविल इंजीनियरिंग में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

कार्यक्रम में राऊ विधायक मधु वर्मा ने कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता के गुणात्मक सुधार के ‍लिए तेजी से प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय की जरूरत है कि विश्वविद्यालय की भूमि के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान बनाया जाए।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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