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पति की छूटी नौकरी, तो पत्नी ने उठाया जिम्मा, बैंक से लोन लेकर खड़ा किया खुद का बिजनेस, अब महीने में हो रही 40000 की कमाई

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Success Story: बिहार में सारण जिले के सोनपुर की रहने वाली जयमाला देवी ने लॉकडाउन में जीविका से 2 लाख का लोन लेकर जैकेट का उद्योग शुरू किया, जिससे कई महिलाओं को रोजगार मिला और महीने में 30-40 हजार की कमाई होती ह…और पढ़ें

पति की छूटी नौकरी, तो पत्नी ने उठाया जिम्मा, इस बिजनेस से कमा रही 40000 रुपए

जयमाला देवी पति की कलाकारी को बनाया कमाई का हथियार 

हाइलाइट्स

  • जयमाला देवी ने 2 लाख का लोन लेकर जैकेट का उद्योग शुरू किया.
  • उद्योग से कई महिलाओं को रोजगार मिला और महीने में 30-40 हजार की कमाई होती है.
  • सरकार की योजना से जुड़कर विभिन्न मेलों में जैकेट बेचने की अनुमति मिली.

छपरा: बिहार के छपरा की जयमाला देवी की कहानी बेहद प्रेरणादायक है. जयमाला देवी जीविका से जुड़ी हैं और सारण जिले के सोनपुर की रहने वाली हैं. पहले वह बेरोजगार थीं और उनके पति लुधियाना में जैकेट सिलाई का काम करते थे. उनकी कमाई से ही घर चलता था, लेकिन जब लॉकडाउन लगा, तो फैक्ट्री बंद हो गई. इसके बाद उनके पति घर आ गए. फिर उन्होंने खुद का रोजगार कर बढ़िया कमाई कर रही हैं.

पति के साथ तैयार किया ये उद्योग

लॉकडाउन के बाद उनके पति वापस घर आ गए और घर का कमाई का स्रोत बंद हो गया. इस कठिन समय में जयमाला देवी ने स्थिति को संभालते हुए खुद कमाई का जरिया ढूंढ़ा. जीविका से जुड़े होने का लाभ उठाते हुए. उन्होंने अपने पति की सलाह से जीविका से 2 लाख का लोन लिया और घर पर एक उद्योग शुरू किया. इस उद्योग में उन्होंने लगभग आधा दर्जन महिलाओं को रोजगार दिया, जो पहले बेरोजगार थीं.

पति की कला को बनाया कमाई का जरिया

जयमाला देवी के पति लुधियाना में जैकेट सिलाई का प्रशिक्षण ले चुके थे और वहीं, काम कर रहे थे. लॉकडाउन के दौरान नौकरी छूट गई और वह घर आ गए. उस समय जयमाला देवी जीविका से जुड़ी थीं. उन्होंने 2 लाख का लोन लिया और पति के साथ मिलकर घर पर जैकेट तैयार करने का उद्योग शुरू किया. उनके प्रोडक्ट मार्केट में बहुत बिके, जिससे कई महिलाओं को रोजगार मिला.

जयमाला देवी ने लोकल 18 से बताया कि उनके पति शिव शंकर कुमार लुधियाना में 20 सालों से जैकेट बना रहे थे. लॉकडाउन के कारण फैक्ट्री बंद हो गई और वे घर आ गए. घर की स्थिति खराब होने के बाद, उन्होंने जीविका से 2 लाख का लोन लेकर जैकेट का उद्योग शुरू किया. इसके बाद बिहार के विभिन्न हिस्सों में उनके जैकेट बिकने लगे.

सरकार की योजना से लाभ

जयमाला देवी ने बताया कि सरकार की योजना से जुड़कर कई महिलाओं को लाभ हुआ है. उन्होंने अपने उद्योग में आधा दर्जन बेरोजगार महिलाओं को रोजगार दिया है. महीने में 30 से 40 हजार की कमाई हो जाती है. उन्होंने बताया कि सरस मेला, पटना गांधी मैदान, सोनपुर मेला सहित विभिन्न जगहों पर स्टाल लगाकर जैकेट बेचने की अनुमति मिलती है. जहां उनके जैकेट खूब बिकते हैं.

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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