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Rath Yatra of Mehandipur Balaji started in Betul | बैतूल में मेंहदीपुर बालाजी की निकली रथयात्रा: भक्तों ने रस्सियों से खींचा रथ, रामलला और बाहुबली हनुमान की प्रतिकृति ने खींचा ध्यान – Betul News

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बैतूल में हनुमान जयंती के अवसर पर मेंहदीपुर बालाजी की भव्य रथयात्रा निकाली गई। यह धार्मिक आयोजन कोठी बाजार स्थित श्री हनुमान मंदिर से विशेष पूजा-अर्चना और आरती के बाद शुरू हुआ। स्वर्ण आभा से दमकते रथ पर विराजित बालाजी महाराज का नगर भ्रमण भक्तिमय माहौ

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रथयात्रा में बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल भी शामिल हुए। यात्रा जैसे-जैसे शहर के कोठीबाजार और गंज के मुख्य मार्गों से गुजरी, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ता गया। महिलाएं और पुरुष अलग-अलग रस्सियों से रथ खींचते हुए आगे बढ़ते रहे, वहीं रास्तों में पुष्प वर्षा कर बालाजी का स्वागत किया गया।

सोने के वर्क वाला लड्डू बना आकर्षण का केंद्र

इस वर्ष की खासियत रही 250 ग्राम शुद्ध देसी घी और ड्रायफ्रूट से बना विशेष भोग लड्डू, जिस पर 24 कैरेट सोने का वर्क चढ़ाया गया। बैतूल में पहली बार इस तरह का भव्य लड्डू बालाजी को अर्पित किया गया, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहा।

रामलला की प्रतिकृति और बाहुबली हनुमान का प्रदर्शन

रथयात्रा में अयोध्या स्थित राम मंदिर में विराजित रामलला की श्रृंगारित मूर्ति की प्रतिकृति भी शामिल की गई। साथ ही एक बड़े वाहन पर बाहुबली हनुमान अपनी वानर सेना के साथ दर्शन दे रहे थे, जिससे श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।

मेंहदीपुर बालाजी को अर्पित किया गया महाभोग भी अत्यंत विशाल और भव्य रहा। 2 क्विंटल बूंदी, 5 प्रकार के मीठे लड्डू, हलवा, और 101 कचौड़ियां यात्रा मार्ग में भक्तों में वितरित की गईं।

पांच स्थानों पर महाआरती की गई

रथयात्रा के दौरान पांच प्रमुख स्थानों पर महाआरती का आयोजन किया गया, जिनमें न्यू बैतूल स्कूल ग्राउंड, दीक्षित निवास, लल्ली चौक, बिजासनी माता मंदिर और माता मंदिर गंज शामिल हैं। इसके अतिरिक्त टांगा स्टैंड चौक पर श्री मेंहदीपुर बालाजी महाराज की विशेष महाआरती कर भक्तों को पवित्र छीटों से आशीर्वाद दिया गया।

श्रद्धालुओं ने मनोकामनाओं की अर्जी लगाई

श्रद्धालुओं ने रथ में लाल कपड़े में लिपटी अर्जियां, जिसमें 10 रुपए का सिक्का, 11 चावल के दाने और मनोकामना लिखी जाती है, अर्पित कीं। इन अर्जियों को हर वर्ष की तरह राजस्थान स्थित श्री घाटा मेंहदीपुर बालाजी मंदिर में पहुंचाया जाएगा, जिससे वे भक्त जो स्वयं नहीं जा सकते, अपनी आस्था व्यक्त कर सकें।

देखें तस्वीरें…

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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