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मिल गया नरक का दरवाजा! क्या इसी में समाएगी पूरी दुनिया? सबूत मिलने से NASA भी थर्राया

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Supermassive Black Hole: NASA ने ब्रह्मांड के एक और रहस्य को सुलझाया है. NASA के खगोलविदों को एक विशालकाय ब्लैक होल के सबूत मिले हैं. विशाल अण्डाकार आकाशगंगा M87 के केंद्र में सूर्य के द्रव्यमान से 2.6 बिलियन ग…और पढ़ें

मिल गया नरक का दरवाजा! इसी में समाएगी पूरी दुनिया? सबूत से NASA भी थर्राया

NASA के खगोलविदों को एक विशालकाय ब्लैक होल के सबूत मिले हैं. (फोटो X/@NASAHubble)

हाइलाइट्स

  • NASA ने ब्रह्मांड के एक और रहस्य को सुलझा लिया है.
  • NASA के खगोलविदों को एक विशालकाय ब्लैक होल के सबूत मिले हैं.
  • M87 के केंद्र में सूर्य के द्रव्यमान से 2.6 बिलियन गुना अधिक वजन का एक ब्लैक होल

Supermassive Black Hole: ब्रह्मांड रहस्यों से भरा होता है. इन रहस्यों के जानने के लिए वैज्ञानिक दिन रात जुटे होते हैं. जब भी कुछ नए चीज की खोज होती है तो दुनिया में तहलका मच जाता है. ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाने के लिए ही अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) काम कर रही है. NASA ने ब्रह्मांड के कई रहस्यों को सुलझाया है. हाल ही में NASA को एक ऐसी चीज मिली है जिससे पूरी दुनिया में तहलका मच गया है. यहां तक कि इस चीज पर शोध कर रहे वैज्ञानिक भी थर्रा गए.

NASA ने एक बयान में कहा है कि खगोलविदों को इस बात के रोचक सबूत मिले हैं कि विशाल अण्डाकार आकाशगंगा M87 के केंद्र में सूर्य के द्रव्यमान से 2.6 बिलियन गुना अधिक वजन का एक ब्लैक होल मौजूद है. इसकी तस्वीर NASA के हबल स्पेस टेलीस्कोप (HST) द्वारा ली गई है. तस्वीरों से पता चलता है कि M87 के केंद्र में एक गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र है जिसे एक विशाल ब्लैक होल होने का सबूत माना जा रहा है.

पढ़ें- कब बना पानी, महाविस्फोट के बाद कितने साल लगे? वैज्ञानिक के खुलासे से दुनिया में नई हलचल

क्या है M87?
M87 कन्या राशि के तारामंडल में आकाशगंगाओं के एक नजदीकी समूह के केंद्र में है. जो 52 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर है और इसमें 100 बिलियन से अधिक तारे हैं. स्थानीय ब्रह्मांड की सबसे चमकदार आकाशगंगाओं में से एक M87 छोटी दूरबीनों में भी दिखाई देती है.इस सदी की शुरुआत में खगोलविदों ने प्लाज्मा के एक विशाल प्लम या “जेट” की खोज की थी जो जाहिर तौर पर M87 नाभिक से बाहर निकला था. बाद में जेट और नाभिक को मजबूत रेडियो और एक्स-रे विकिरण उत्सर्जित करते हुए पाया गया.



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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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