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पिता को ‘बजनिया’ कहकर चिढ़ाते थे लोग, बेटे ने कर दिखाया ऐसा कमाल, आज ताना मारने वाले कहते- ‘गलती कर दी’

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कई बार लोग पिता के इस पेशे का उनके सामने मजाक उड़ाते थे. नौशाद अली ने बताया कि पढ़ाई के दौरान भी इस तरफ की उलाहना और मजाक उड़ाया जाता था. तभी सोच लिया था कि इस पेशे को ही प्रोफेशनल बनाऊंगा और जिले का टॉप बैंड ब…और पढ़ें

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बैंड बाजा कि बड़ी डिमांड

हाइलाइट्स

  • मिलन बैंड हर साल 100 से अधिक बुकिंग लेता है.
  • नौशाद अली ने पिता के व्यवसाय को सफल बनाया.
  • मिलन बैंड में 30 से अधिक कलाकार काम करते हैं.

औरंगाबाद:- औरंगाबाद जिले में शादी विवाह का सीजन आते ही किसी भी तरह के बैंड बाजा की जरूरत पड़ती है. सबसे ज्यादा लोग मिलन बैंड के पास आते हैं. इस प्रिंस मिलन बैंड द्वारा हर साल लग्न में 100 से अधिक बुकिंग लिया जाता है. वहीं इसमें उनके 30 से अधिक कलाकार स्टाफ हैं. वहीं बैंड बाजा, रेडलाइट, बारात लगाने का सभी तरह का सामान सहित लोक कलाकार भी इनके पास उपलब्ध होती है.

पिता के काम का मजाक उड़ाते थे लोग
इस दुकानदार के मालिक नौशाद अली ने लोकल 18 को बताया कि उनके पिता अमीर जी नौशाद के द्वारा पिछले 35 वर्षों से बैंड बजाने का काम किया जाता था. कई बार लोग पिता के इस पेशे का उनके सामने मजाक उड़ाते थे. नौशाद अली ने बताया कि पढ़ाई के दौरान भी इस तरफ की उलाहना और मजाक उड़ाया जाता था. तभी सोच लिया था कि इस पेशे को ही प्रोफेशनल बनाऊंगा और जिले का टॉप बैंड बनाऊंगा. नौशाद अली ने बताया कि पिता की उम्र होने के बाद उन्होंने ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद इस व्यवसाय को ही प्रोफेशन बना लिया.

हर साल लग्न में 100 से अधिक बुकिंग
पिछले 10 वर्षों से नौशाद ने मेहनत के बल पर मिलन बैंड को जिले का टॉप बैंड बना दिया. अब किसी भी तरह की शादी विवाह की बुकिंग में लोग इस प्रिंस मिलन बैंड को बुक करना ज्यादा पसंद करते हैं. नौशाद जी ने बताया कि उनके पास 30 से अधिक कलाकार हैं, जो गांव से जुड़े हुए हैं. इन्हें यहां रोजाना काम मिलता है. बता दें कि मिलन बैंड के द्वारा हर साल 100 से अधिक बुकिंग लिया जाता है, जिससे सालाना लगभग 4 लाख रुपए कि कमाई होती है.

30 से अधिक कलाकार करते हैं काम
मिलन बैंड के मालिक ने Local 18 को बताया कि उनके द्वारा जयमाला से लेकर बारात लगाने और किसी भी तरह के जुलुश को लेकर बैंड बाजा की पूरी व्यवस्था है. बता दें कि उनके यहां काम करने वाला कलाकार की दिहाड़ी रोजाना की 1500 रुपए तक है. नौशाद अली ने बताया कि उनके द्वारा जिले सहित जिले के बाहर और दूसरे राज्यों झारखंड, कोलकाता और पटना से भी बुकिंग लिया गया है.

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पिता को ‘बजनिया’ कहकर चिढ़ाते थे लोग, आज बेटे ने खड़ा कर दिया लाखों का बिजनेस


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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