मध्यप्रदेश

Dead body of PHE watchman found in Ratlam | रतलाम में पीएचई के चौकीदार का मिला शव: सिर पर चोट के निशान, हत्या की आशंका – Ratlam News

रतलाम के रावटी में रविवार सुबह पीएचई के एक चौकीदार का शव मिला है। चौकीदार के सिर पर भारी वस्तु से हमला कर के निशान मिले है। पुलिस व परिजनों को हत्या की आशंका है।

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मृतक का नाम बाला (40) पिता बाबू भाभर निवासी कुंवरपाड़ा थाना रावटी है। मृतक पीएचई विभाग में चौकीदार है। रावटी के स्टेशन रोड पर पीएचई का संपवेल बना हुआ है। संपवेल पर वह रात में चौकीदारी करता है। यहां एक कमरा बना हुआ है। रात में वह वहीं रुकता है।

मृतक बाला भाभर।

शनिवार रात 10 बजे वह अपनी ड्यटी पर गया था। रविवार सुबह 8 बजे ड्यूटी चेंज होने पर एक अन्य कर्मचारी गणेश पहुंचा। तो देखा कि बाला बेसुध है। उठाने पर नहीं उठा। पुलिस व परिजनों को सूचना दी। रावटी थाने से सब इंस्पेक्टर एमआई खान व अन्य पुलिसकर्मी पहुंचे। हत्या की आशंका के चलते रतलाम से एफएसएल अधिकारी अतुल मित्तल भी पहुंचे। आसपास जांच की।

रतलाम मेडिकल कॉलेज में बैठे मृतक के परिजन।

रतलाम मेडिकल कॉलेज में बैठे मृतक के परिजन।

शरीर पर मिले चोट के निशान

बाला का शव करवट लिए एक तरफ लेटा हुआ था। सिर व शरीर पर चोट के निशान पाए गए। हाथ में भी चोट थी। पुलिस ने मौके से पंचनामा बनाकर दोपहर 12 बजे शव को पीएम के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेजा। दोपहर में पीएम के बाद शव परिजनों को सौंपा।

घर से एक किमी दूर है संपवेल

जिस स्थान पर शव मिला है वह मृतक के घर से एक किमी दूर है। परिवार में पिता बाबू भी पीएचई विभाग से रिटायर्ट हुए है। मां गीता बाई भी है। माता-पिता अलग बेटे के घर से दूर रहते है। मृतक की पत्नी पारी बाई है। तीन बच्चे है। बेटा अंकित (16), बेटी पूजा (12) व संगीता (12) है।

किसी से दुश्मनी नहीं

मृतक के काका के लड़के कन्हैयालाल ने बताया कि 2016 से भाई पीएचई में नौकरी कर रहा है। रोज रात को चौकीदारी के लिए संपवेल पर ड्यूटी करने जाता है। संपवेल पर कमरा बना हुआ है। उसी में रात रुकता है। रोज रात 11 बजे जाता था। शनिवार को वह 10 बजे घर से निकल गया था। भाई की किसी से दुश्मनी नहीं है।

पुलिस कर रही जांच

रावटी थाना पुलिस ने मर्ग कायम किया है। हत्या की आशंका के चलते भी जांच कर रही है।

रावटी थाने के सब इंस्पेक्टर एमआई खान ने दैनिक भास्कर को बताया कि मर्ग कायम किया है। सिर पर चोट के निशान मिले है। सारे तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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