Chhatarpur Villagers Angry With Actions Of Panchayat Sarpanch Secretary Money Was Grabbed Through Fake Bills – Amar Ujala Hindi News Live

सड़क और नाले की स्थिति
– फोटो : अमर उजाला
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छतरपुर जिले में महाराजपुर विधानसभा के ग्राम पंचायत नुना के सरपंच सचिव द्वारा कराए जा रहे कार्य से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। हाईस्कूल के पास बने नाले को अभी एक साल ही हुआ था कि वो जगह-जगह टूटने लगा है, जिसमें पानी का बहाव ठीक तरीके से नहीं हो पा रहा है और रास्ते में कई जगह पानी का भराव हो रहा है। इस कारण ग्रामीणों को निकलने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बता दें कि वार्ड नंबर-1 हरिजन बस्ती में कई जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है और बिना सफाई कराए पंचायत के सरपंच सचिव ने सफाई के अपने चहेतों के नाम फर्जी बिल बनाकर राशि आहरित कर ली, जिस कारण ग्रामीणों में रोष व्याप्त है और सरपंच सचिव अपनी-अपनी मनमानी पर आमादा हैं। ग्राम में बनी गौशाला में गायों की सेवा के बहाने भूसा एवं मुरमिकरण जैसे अन्य कार्य में खर्च दिखाकर उसके भी फर्जी बिल लगाकर सरपंच सचिव ने राशि आहरित कर ली।
अभी हाल में जिला पंचायत की सीईओ के आदेश के बाद गायों की संख्या जरूर गौशाला में सरपंच सचिब ने बढ़वा दी है, ताकि कोई जांच अधिकारी आए तो वो उसे सही सिद्ध कर पाए। ग्राम में जगह-जगह गंदगी के अंबार लगे हुए हैं और रास्तों में बरसात का पानी भरा हुआ है। लेकिन ये सब जानते हुए सरपंच सचिव मौन धारण किए हुए हैं और शासकीय राशि को ठिकाने लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत का सचिव कभी कभार ही ग्राम पंचायत में आता है। सचिव अपना निवास ब्लॉक मुख्यालय नोगांव में बनाए हुए हैं। ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव को ग्रामीणों की समस्याओं से कोई सरोकार नजर नहीं आता है।
नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि सरपंच सचिव द्वारा बिना सुविधा शुल्क के कोई कार्य नहीं किए जाते हैं। यदि ग्रामीणों को सरपंच सचिव से पेंशन पर्ची, जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, खाद्यान्न पर्ची या अन्य कार्य के लिए प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ती है तो सचिव महोदय बिना सुविधा शुल्क के कोई कार्य नहीं करते हैं।
सरपंच सचिव द्वारा जो कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर कराए गए हैं, वे बेहद घटिया किस्म के हैं और उनके कार्य में ग्राम पंचायत के उपयंत्री भी उनका भरपूर सहयोग करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे, जिस कारण से सरपंच सचिव के हौसले बुलंद हैं और और अपनी-अपनी मनमानी करने पर आमादा हैं, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
इनका कहना है
मामले में सचिव ग्राम पंचायत नुना वंशगोपाल पटेल का कहना है कि मेरा निवास नोगांव में है। आपके द्वारा जानकारी प्राप्त हुई है, मैं ग्राम पंचायत में जाकर देखता हूं, मेरे द्वारा सफाई एवं अन्य कार्य के जो भी बिल लगाए गए हैं, वह सब सही हैं।
यहां वार्डों में जगह-जगह, गली-गली लगा गंदगी का अंबार
छतरपुर के नगर परिषद घुवारा के वार्ड नंबर 12 में इन दोनों गंदगी का अंबार लगा हुआ है और नालियों का पानी रोड पर बहने से लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। वार्ड नंबर 12 में पानी सड़क पर बहाने से कीचड़ हो गया। कीचड़ से लोगों को निकलना पड़ रहा है, जिससे आसपास के राहगीरों को गंदे रास्ते से निकलने में काफी दिक्कत होती है।
वार्ड नंबर 12-13 में आए दिन लोग बीमार होते रहते हैं, जिससे लोग काफी परेशान हो चुके हैं। कई बार नगर परिषद से बात की पर कोई इस पर ध्यान नहीं दे रहा। इस प्रकार सरकार की स्वच्छता मिशन का किस प्रकार मजाक बनाया जा रहा है, अब देखना है कि इस और अधिकारी ध्यान देते या नहीं।
कोई नहीं दे रहा ध्यान
नगर में गंदगी के ढेर स्वच्छता अभियान की पोल खोल रही है। अधिकारी और सफाई कर्मचारी आश्वासन देते हुए उसके बावजूद भी कोई समाधान नहीं होता दिख रहा। लोगों को कहना है कि इस वार्ड में कोई भी कर्मचारी ध्यान नहीं देता है यहां से आते हैं और निकल जाते हैं पर इस ओर कोई ध्यान नहीं देता है कई बार तो कचरा गाड़ी आने के बावजूद भी ध्यान नहीं देते हैं। जब इस मामले में सीमओ से बात की तो बोले, हम जल्दी इसकी जांच करवाएंगे और जल्द से जल्द साफ-सफाई करवाएंगे। तब से अभी तक कोई भी इस पर ध्यान नहीं दे रहा। मामले में नगर परिषद घुवारा के CMO रामसजीवन पटेल का कहना है कि आपके द्वारा जानकारी प्राप्त हुई है, हम जल्द इसकी जांच करवाएंगे।
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