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शाजापुर जिले की सुनेरा थाने अंतर्गत आने वाली एक नाबालिग अपनी माता, भाई, मामा और अन्य परिजनों के साथ गुरुवार और शुक्रवार की रात करीब 2 बजे कलेक्टर बंगले के बाहर पहुंच गई। नाबालिग और उसके परिवार का कहना था कि नाबालिग के साथ सुनेरा थाने पर पदस्थ पुलिसकर
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नाबालिग और उसका परिवार आरोपियों पर बलात्कार की धारा बढ़ाने की मांग करने लगा। इस दौरान कलेक्टर बंगले पर नाबालिग के परिजन पहुंचे और कलेक्टर से मिलने की गुहार लगाने लगे। वही कलेक्टर बंगले पर गार्ड ने कोतवाली पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मशक्कत के बाद पीड़िता और उसके परिजनों को महिला थाने पर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने की बता कही।
यहां पर पीड़िता और उसके परिजन मौखिक रूप से आरोप लगाते रहे, लेकिन कोई साक्ष्य नहीं दे पाए। ऐसे में महिला थाना पुलिस ने उन्हें साक्ष्य लाने को कहा। पुलिस के अनुसार यदि साक्ष्य मिलते हैं तो धाराएं बढ़ाई जाएगी।
वही इस मामले में दैनिक भास्कर की टीम ने फोन पर महिला थाना प्रभारी आशा सोलंकी से बात की तो उनका कहना है कि जब इस तरह के मामले में शिकायत होती है तो उसकी रिकॉर्डिंग भी की जाती है इसमें पीड़िता के कोई बलात्कार की बात नहीं कही। इसके बाद में जब न्यायालय में उसके बयान हुए तो उसने बलात्कार की जानकारी नहीं दी।
रात में उन्होंने आकर कहा कि पीड़िता के साथ बलात्कार भी हुआ था । ऐसे में उनसे प्रमाण मांगे गए। इस पर वे प्रमाण लाकर देने को कह कर गए हैं। यदि प्रमाण उपलब्ध होते हैं। फिर यहां आकर शिकायत दर्ज करवा सकती हैं। जिसमें नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले को लेकर दैनिक भास्कर की टीम ने सुनेरा थाना प्रभारी गोपाल नींगवाल से बात की तो उनका कहना है कि नाबालिग से दुष्कर्म की बात मेरे सामने नहीं आई है। करीब एक माह पहले चार नाबालिकों के खिलाफ पीड़िता की शिकायत पर छेड़छाड़ सहित अन्य धाराओं में अपराध पंजीकृत किया गया है। इस मामले में पीड़िता के 164 के तहत न्यायालय में बयान भी दर्ज कराए हैं। वहां पर पीड़िता ने किसी प्रकार के दुष्कर्म की बात नहीं कही है।

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