Home मध्यप्रदेश Ayurvedic college students on hunger strike | पांच सूत्रीय मांगों को लेकर...

Ayurvedic college students on hunger strike | पांच सूत्रीय मांगों को लेकर कर रहे अनशन, बोले-आखिरी सांस तक लड़ेंगे

61
0

[ad_1]

ग्वालियरएक घंटा पहले

Google search engine
  • कॉपी लिंक
प्रदर्शन करते आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र - Dainik Bhaskar

प्रदर्शन करते आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र

प्रदेश भर की तरह ग्वालियर में भी आयुर्वेद कॉलेज के छात्रों का आंदोलन जारी है, अब आयुर्वेद चिकित्सा छात्र भूख हड़ताल पर चले गए है। आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र और छात्राएं डॉक्टर सूरज शुक्ला, ऋषि राज मीणा, माधव मुजाल्दे और हरेंद्र सिंह भदौरिया अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।

उन्होंने कहा है कि जब तक शासन उनकी मांगों को पूरा नहीं करता वह इसी तरह बैठे रहेंगे। यदि अधिकार हासिल करने के लिए जान की आहुति भी देनी पड़ेगी तो चिकित्सकों द्वारा उसे भी दिया जाएगा। डॉक्टरों की जांच में हड़ताली डॉक्टरों का स्वास्थ्य गंभीर बना हुआ है।

9 दिनों से छात्र बैठे हैं भूख हड़ताल पर

बता दें कि बीते 25 सितंबर से चल रही हड़ताल में आयुर्वेद कॉलेज छात्रों ने अपनी मांगे सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की है लेकिन जब उनकी मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला तो ऐसी स्थिति में उन्होंने रविवार को अपनी क्रमिक भूख हड़ताल को आमरण अनशन में बदल लिया है। उनकी मांग है कि आयुर्वेद डॉक्टरों को स्टायपेंड बढाकर दिया जाए। सीपीआई से लिंक किया जाए, परीक्षाओं को समय पर कराया जाए ताकि कार्यकाल समय पर पूरा हो, फॉरेस्ट नगर निगम सहित अन्य डिपार्टमेंट में जो जगह निकलती हैं वहां पर आयुर्वेद डॉक्टर को जगह दी जाए, मेडिकल लीव भी दूसरे राज्यों के समक्ष दी जाए।

छात्र बोले जब तक मांग पूरी नहीं होगी हड़ताल पर रहेंगे

आयुर्वेद चिकित्सा छात्र हरेंद्र सिंह भदौरिया का कहना है कि हम पांच सूत्रीय मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे, जो हमारी मांगे हैं उसके लिए शासन की तरफ से कोई भी आश्वासन हमें नहीं दिया जा रहा है। हमने इस भूख हड़ताल को आमरण भूख हड़ताल में बदल लिया है। जब तक शासन हमारी मांगे पूरी नहीं करता है हम इसी तरह भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे।

खबरें और भी हैं…

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here