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जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे नेताओं का दल बदलने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। जबलपुर में बुधवार की रात को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता और यूथ कांग्रेस के पूर्व नेशनल कार्डिनेटर रहें समीर दीक्षित ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। समीर दीक्षित ने मुख्यमंत्री के हाथों भाजपा की शपथ ली। समीर दीक्षित कैंट विधानसभा से कांग्रेस के टिकट के पद के दावेदार थे लेकिन उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता को भाजपा पार्टी करवाई जॉइन।
बुधवार की रात को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के जबलपुर आगमन के दौरान समीर दीक्षित ने करीब 200 से ज्यादा कार्यकर्ता के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। भाजपा ज्वाइन करने के बाद समीर दीक्षित ने कहा कि उन्हें एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती हुई नजर आ रही है। समीर दीक्षित का कहना है कि 20 साल तक मैंने कांग्रेस में काम किया। बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कई पदों में रहा हूं। निश्चित रूप से पार्टी छोड़ते हुए मन भारी था। मुझे लगा कि सीएम शिवराज सिंह चौहान विकास मॉडल है, इसलिए अब उनके साथ मिलकर काम किया जाए।
कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन करने वाले समिति दीक्षित बीते दिनों भी सुर्खियों में थे। उन्होंने भाजपा के पूर्व मंत्री हरजीत सिंह बब्बू की मुलाकात पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ करवाई थी जिसकी फोटो भी जमकर वायरल हुई थी। समीर दीक्षित बीते कुछ दिनों से ब्राह्मण सभा की राजनीति भी कर रहे थे और जबलपुर में वह ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष है। उनका कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में जाना कहीं ना कहीं कांग्रेस को नुकसान जरूर पहुंचा सकता है।
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