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Priyanka Gandhi tweeted on the letter of the contractors | कहा- कर्नाटक की 40% कमीशन वाली सरकार से आगे निकली मप्र की 50% कमीशन वाली सरकार

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भोपाल5 मिनट पहले

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मध्यप्रदेश के ठेकेदार संघ द्वारा हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखे जाने के मामले को लेकर राजनीति गरमा गई है। इस मामले को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने भी प्रदेश सरकार पर हमला बोला है।

प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर लिखा -मध्य प्रदेश में लघु एवं मध्यम श्रेणी संविदाकार संघ ने हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है। इसमें शिकायत की है कि प्रदेश में 50% कमीशन देने पर ही भुगतान मिलता है। कर्नाटक में भ्रष्ट BJP सरकार 40% कमीशन की वसूली करती थी। मध्य प्रदेश में BJP भ्रष्टाचार का अपना ही रिकॉर्ड तोड़कर आगे निकल गई है। कर्नाटक की जनता ने 40% कमीशन वाली सरकार को बाहर किया। अब मध्य प्रदेश की जनता 50% कमीशन वाली भाजपा सरकार को सत्ता से हटाएगी।

पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने ठेकेदारों का पत्र किया शेयर

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने ठेकेदारों द्वारा ग्वालियर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखे पत्र को ट्विटर पर शेयर किया हैै। मध्यप्रदेश के लघु ठेकेदार संघ ने मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र में कहा है कि मप्र में 50 प्रतिशत कमीशन देने पर ही भुगतान मिलता है।

ठेकेदारों द्वारा मुख्य न्यायाधीश को लिखा गया लैटर सोशल मीडिया पर सामने आया है।

ठेकेदारों द्वारा मुख्य न्यायाधीश को लिखा गया लैटर सोशल मीडिया पर सामने आया है।

अरुण यादव ने पत्र को शेयर करते हुए सवाल किया। मुख्यमंत्री जी आपकी देख-रेख में ही यह खेल चल रहा है क्या? इस पत्र में लघु एवं मध्यम श्रेणी संविदाकार संघ के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र अवस्थी ने ग्वालियर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मांग की कि मामले की जांच हाई कोर्ट के जज से कराकर हमारे सभी पुराने लंबित भुगतान करवाने की कृपा करें।

पत्र में लिखा है कि ​पिछले 10 साल में पेटी कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर करीब 35,000 किलोमीटर सड़क, 15,00 छोटे-बड़े भवन और 1 हजार से अ​धिक बड़े तालाब समेत कई निर्माण कार्यों में अहम भूमिका निभाई है। लगभग हर जिले में बड़े निर्माण कार्यों के भुगतान लंबित हैं। किसी भी जिले में पुराने कार्यों का भुगतान करने के लिए बजट नहीं है।

अधिकारी सरकार से राशि न मिलने की बात कह रहे हैं। सरकार में कोई सुनने वाला नहीं है। विभाग में दलाल इस कदर सक्रिय हैं कि 50 प्रतिशत कमीशन लेकर भुगतान करा रहे हैं। मूल ठेकेदार हमें निविदा में स्वीकृत राशि का मात्र 40 प्रतिशत हिस्सा देकर कार्य कराते हैं। कुल स्वीकृत राशि में से 50 प्रतिशत राशि कमीशन के तौर पर बंट जाती है। 10 प्र​तिशत मूल ठेकेदार रखते हैं होता है। ऐसे में पेटी कॉन्ट्रैक्टर का जीवन नारकीय हो गया है।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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