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मुख्यमंत्री कार्यक्रम में लाड़ली बहनों की फजीहत: भूखी-प्यासी लाड़ली बहनें बस में धक्के लगाते नजर आईं, CM से जुड़े कार्यक्रम में करतब दिखाने वाले की मौत..

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जनता का दर्शन करने जिले के नौगांव आये। असल में ऐसा लगा जैसे सरकारी व्यवस्थाओं से जनता को जोड़कर मुख्यमंत्री के दर्शन कराये गये हों। पहले से स्वीकृत कामों के शिलान्यास का नाटक हुआ और वहीं ढ़र्रा जन भावनाओं के दोहन का भाषण पिला वह चले गए। इस दौरान अव्यवस्थाओं को लेकर कई अहम सवाल खड़े हो गए। लाड़ली बहनों की जमकर फजीहत हुई और एक कलाकार की असामयिक मौत हो गई।

विधानसभा चुनाव टिकट के महाराजपुर से दावेदारों के बैनरों और फ्लेक्स से नौगांव सजा रहा। एक तरह से शक्ति प्रदर्शन कि तू आगे कि मैं। लेकिन इसमें बाजी मारते शैक्षिक व्यवसाय से जुड़े बृजेंद्र और पुष्पेन्द्र सिंह गौतम बंधु नजर आए। इन्होंने मुख्यमंत्री को भगवान शंकर के प्रतीक धार्मिक चिन्ह त्रिशूल और डमरू भेंट किए। जैसे शिवराज खुश हो इनकों टिकट का आशीर्वाद दे दें। लगा भी ऐसा जैसे सरकार और संगठन ही इनको महाराजपुर से आगे किए हुए है।

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इस आयोजन में सबसे ज्यादा फजीहत मुख्यमंत्री की लाड़ली बहनों की हुई। दिन दस बजे से ही भीड़ जुटाने के लिए सरकारी दबाव व व्यवस्था से गांव-गांव बसों से लाकर लोगों को इकट्ठा कर बैठा रखा गया था। मुख्यमंत्री निर्धारित समय से तीन घंटे विलम्ब से आये। सवेरे से भूखी प्यासी जनता रात तक बिना किसी इंतजाम के बैठी रही। लाड़ली बहनें कोसती रहीं। कार्यक्रम समाप्ति के बाद भूखी-प्यासी लाड़ली बहनों को ढ़ोने वाली बस खराब हो गई,रात के अंधेरे में वह बस में धक्के लगाते नजर आईं। बहुतेरी लाड़ली बहनों को गंतव्य तक वापस जाने के लिए रात के अंधेरे और बरसात में कई किलोमीटर पैदल जाना पड़ा। इनकी चिंता करने वाला कोई नजर नहीं आया।होर्डिंग्स में सजे कलफदार कपड़ों में शिवराज के स्वागत को उतावले कोई भाजपा नेता और प्रशासन का करिंदा इनके दुख दूर करने नहीं दिखा, सब गायब रहे।

छतरपुर के नौगांव में यूपी के कानपुर का कलाकार मुंह से आग निकालने का स्टंट कर रहा था। उसके फेफड़े में डीजल चले जाने से उसकी मौत हो गई।

सर्वाधिक दुखद पहलू यह रहा कि कानपुर से लोगों को लुभाने एक म्युजिकल और डांसिंग ग्रुप की पचीस कलाकारों की टीम बुलाई थी। जिसका एक कलाकार कबीर सिंह पेट्रोल पीकर मुंह से आग निकालने का करतब कर रहा था। यह भी अहम सवाल है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आग के इस खेल की इजाजत किसने दी? आग के करतब के दौरान ज्यादा ज्यादा पेट्रोल पी जाने से उस कलाकार की दर्दनाक मौत हो गई। उसे देखने किसी भाजपा नेता और प्रशासन के करिंदे को फुरसत नहीं मिली।

पता चलते ही कांग्रेस की महिला नेता दीप्ति पांडेय जरूर उसके परिजनों को तसल्ली देते नजर आईं इस हादसे के बाद कांग्रेस नेता भाजपा पर हमलावर हो गए। कांग्रेस की कार्यकारी जिलाध्यक्ष दीप्ती पाण्डेय ने सुबह अस्पताल जाकर पीडि़तों से मुलाकात करते हुए आरोप लगाए हैं कि आखिर भाजपा नेताओं ने ऐसे जानलेवा प्रदर्शन के लिए अनुमति क्यों दी। उन्होंने कलाकार की मौत के दौरान भाजपा नेताओं द्वारा बरती गई असंवेदनशीलता पर भी नाराजगी व्यक्त की है। इन तमाम आरोपों पर भाजपा नेता माणिक चौरसिया का जवाब सामने आया है। उन्होंने कहा कि कोई भी मौत निश्चित रूप से दुखदायी है। उन्होंने कहा कि कलाकार की जान बचाने के लिए पूरे प्रयास किए गए। यह एक हादसा था जिस पर कांग्रेस राजनैतिक रोटियां सेंकना चाहती है। उन्होंने कहा कि हम कलाकार के परिवार की पूरी मदद करेंगे। 

CM के सुरक्षा घेरा में घुसा कुत्ता, भौंकता रहा

शनिवार को नौगांव में सीएम के कार्यक्रम के दौरान अजीब वाकया देखने को मिला। जब सीएम शिवराज सिंह चौहान मंच से भाषण दे रहे थे इसी दौरान नीचे सुरक्षा घेरे में कुत्ता आ गया। कुत्ते को देख सुरक्षा अधिकारियों समेत अन्य अधिकारी हैरान रह गए। उसे वहां से हटाने का बार-बार प्रयास किया गया। आखिर में एक सुरक्षाकर्मी कुत्ते के उठाकर बाहर ले जाने लगा तो सीएम ने देख लिया। इस दौरान सीएम ने कहा कि उसे मत ले जाओ, उसे भी भाषण सुनने दो। यह सुनकर वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े।

इस तरह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए यह आयोजन यश नहीं अपयश वाला ज्यादा साबित रहा। कार्यक्रम की अव्यस्थाओं से त्रस्त जनता कोसती नजर आई। भूखी-प्यासी लाड़ली बहनें ठठरी बारती नजर आईं। जिसका खामियाजा भाजपा को ही भोगना पड़ेगा। यह आयोजन भाजपा में अंतर्विरोध को भी जन्म दे गया। टिकट की दावेदारी में क्षेत्रीय मांग के खिलाफ बाहरी लोगों को तरजीह देने से क्षेत्र के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में आक्रोश घर कर गया। वह साफ कहते दिखे कि विधान सभा से किसी बाहर के व्यक्ति को टिकट दिया गया, तो उसका जमकर विरोध किया जायेगा। एका की जगह फूटन के ऐसे स्वर आगे क्या गुल खिलायेंगे? आगे पता चलेगा। जय हो मामा की।

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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