छत्रसाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पन्ना में दशकों से चला आ रहा जुगाड़ू कार्य
कैलाश पाण्डेय ब्युरो पन्ना

पन्ना।* प्रत्येक विद्यालय अथवा महाविद्यालय में कक्षाओं के समय को निर्धारित करने हेतु एक विशेष प्रकार के घंटे की व्यवस्था होती है। जिसके बजते ही परिसर में एक क्लास से दूसरी क्लास लगने का ज्ञान होता है। परंतु जिले के छत्रसाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में दशकों से घंटे के नाम पर जुगाड़ू काम चलता आ रहा है। घंटे के स्थान पे विधुत खंभे के टुकड़े का प्रयोग किया जाता रहा है। और वह भी ऐसे स्थान पर लगाया गया है जहाँ से विधार्थियो आने जाने का मार्ग है। ऐसे में कई बार विद्यार्थियों के इस जुगाड़ू घंटे से टकराकर चोटिल होने की घटनाएं भी होती रहती हैं। और यह विधुत खंभे का टुकड़ा भी अपने स्थान पर एक जंग लगे लोहे के कमजोर तार से बंधा हुआ है जिसकी स्थिति काफी गंभीर है। जो की किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का सबब बन सकता है।