मध्यप्रदेश

भुगतान नहीं मिलने के चलते निजी अस्पताल संचालकों का निर्णय, रोजाना 4 हजार मरीजों को दिक्कत | Decision of hospital operators due to non-payment, 4 thousand patients will face problem daily


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भोपाल5 मिनट पहले

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प्रदेश के करीब 4 हजार मरीजों को रोजाना आयुष्मान कार्ड से इलाज के लिए दिक्कत होने वाली है। क्योंकि यूनाइडेट प्राइवेट हॉस्पिटल्स डायरेक्टर्स एसोसिएशन ने 15 अप्रैल शाम 5 बजे से आयुष्मान कार्ड पर इलाज नहीं करने का निर्णय लिया है। इस एसोसिएशन में 150 और प्रदेश भर से 622 अस्पताल शामिल हैं। यह अस्पताल संचालक आयुष्मान का भुगतान नहीं होने के चलते सरकार से खफा हैं। एसोसिएशन ने सोमवार को पत्रकार वर्ता में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा अस्पतालों का आयुष्मान के इलाज को लेकर करीब 3 से 15 महीनों से भुगतान नहीं किया गया है। प्रदेश भर में यह भुगतान करीब 600 से 900 करोड़ का है। इसमें बता दें कि सिर्फ भोपाल में निजी अस्पतालों में आयुष्मान के रोजाना करीब 500 से अधिक आईपीडी मरीज भर्ती होते हैं।

भुगतान नहीं मिलने पर लेगें न्यायालय मदद
इस बारे में जानकारी देते हुए एसोसिएशन में एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमेन डॉ. जीशान अहमद ने बताया कि अगर हमारा रुका भुगतान 31 मार्च 2023 तक का सेटलमेंट नहीं किया गया तो हम इसके लिए न्यायालय की मदद लेंगे। इससे पहले हम प्रशासनिक लेवल पर पूरे प्रयास कर चुके हैं वहां से हमें सिर्फ आश्वासन ही मिलते हैं। डॉक्टर जीशान अहमद ने बताया कि इससे पहले रीवा में 10 अप्रैल से कई निजी अस्पतालों ने आयुष्मान पर सेवा देना पहले से ही बंद कर दिया है।

यह आ रहीं हैं दिक्क्तें
एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. जेपी पालीवाल ने बताया क्योंकि इस योजना के कारण योजना में सम्मिलित एवं सेवारत सभी चिकिस्तालयो को अत्यंत गंभीर आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में आयुष्मान योजना में आने वाले रोगियों के इलाज के लिए अस्पतालों के पास पैसा नहीं है साथ ही बिजली बिल कर्मचारियों की तनख्वा बैंक की किश्ते और अस्पताल का किराया इत्यादि यह सब देने के लिए निजी अस्पतालों के पास पैसा नहीं है।

एसोसिएशन की तीन मांगे

  • 31 मार्च 2023 तक के लंबित सभी निजी चिकित्सालयों के भुगतान अतिशीघ्र जारी किया जाए।
  • आयुष्मान भारत निरामयम की कार्ययोजना समिति का विधिवत गठन हो जिसमें शासकीय अधिकारियों के साथ अन्य तथस्त सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं 20 प्रतिशत सदस्यों का प्रतिनिधित्व हम निजी चिकित्सालयों के अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में सम्मिलित किया जाए।
  • भविष्य में तुरंत प्रभाव से सेवा प्रदाता अस्पतालों का नियमानुसार भुगतान 30 दिवस के अंदर होना चाहिए हमारी तरफ से हम यहां समय 45 दिन तक भी बड़वाने को तैयार हैं ताकि प्रत्येक प्रकरण के निरीक्षण एवं ऑडिट के लिए विभाग को समुचित समय मिले।

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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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