Mp News:सीबीआई ने भोपाल डीआरएम कार्यालय में कार्मिक शाखा के ओएस को 20 हजार की रिश्वत लेते दबोचा – Mp News: Cbi Caught Os Of Personnel Branch In Bhopal Drm Office Taking Bribe Of 20 Thousand

रिश्वत लेते भोपाल डीआरएम कार्यालय को ओएस को पकड़ा (साकेंतिक तस्वीर)
– फोटो : सोशल मीडिया
ख़बर सुनें
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (सीबीआई) ने भोपाल डीआरएम कार्यालय की कार्मिक शाखा के सेटलमेंट सेक्शन में पदस्थ ऑफिस सुप्रीटेंडेंट (ओएस) को रिश्वत लेते दबोचा है। आरोपी मुकेश भगत सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सेटलमेंट की फाइल क्लीयर करने पैसों की मांग कर रहा था।
सीबीआई को भोपाल डीआरएम कार्यालय की कार्मिक शाखा के सेटलमेंट सेक्शन के ऑफिस सुप्रीटेंडेंट के सेवानिवृत्त कर्मचारी की फाइल क्लीयर करने के लिए पैसों की मांग की शिकायत मिली थी। शिकायत के पुख्ता होने के बाद सीबीआई ने सोमवार को ऑफिस सुप्रीटेंडेंट मुकेश भगत को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते दबोच लिया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर सीबीआई ने जांच शुरू कर दी।
बता दें मुकेश भगत कार्मिक शाखा की सेटलमेंट सेक्शन में ऑफिस सुप्रीटेंडेंट के पद पर पदस्थ था। इस सेक्शन में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों का फाइनल रिकॉर्ड जाता है। इसके बाद उसकी पूरी जांच होती है। जिसके बाद सेटलमेंट की प्रक्रिया पूरी होती हैं। ओएस सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पैसों के लिए परेशान कर रहा था। जिसकी शिकायत के बाद सीबीआई की टीम ने छापेमारी कार्रवाई की और ओएस को रंगेहाथ पकड़ा।
विस्तार
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (सीबीआई) ने भोपाल डीआरएम कार्यालय की कार्मिक शाखा के सेटलमेंट सेक्शन में पदस्थ ऑफिस सुप्रीटेंडेंट (ओएस) को रिश्वत लेते दबोचा है। आरोपी मुकेश भगत सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सेटलमेंट की फाइल क्लीयर करने पैसों की मांग कर रहा था।
सीबीआई को भोपाल डीआरएम कार्यालय की कार्मिक शाखा के सेटलमेंट सेक्शन के ऑफिस सुप्रीटेंडेंट के सेवानिवृत्त कर्मचारी की फाइल क्लीयर करने के लिए पैसों की मांग की शिकायत मिली थी। शिकायत के पुख्ता होने के बाद सीबीआई ने सोमवार को ऑफिस सुप्रीटेंडेंट मुकेश भगत को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते दबोच लिया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर सीबीआई ने जांच शुरू कर दी।
बता दें मुकेश भगत कार्मिक शाखा की सेटलमेंट सेक्शन में ऑफिस सुप्रीटेंडेंट के पद पर पदस्थ था। इस सेक्शन में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों का फाइनल रिकॉर्ड जाता है। इसके बाद उसकी पूरी जांच होती है। जिसके बाद सेटलमेंट की प्रक्रिया पूरी होती हैं। ओएस सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पैसों के लिए परेशान कर रहा था। जिसकी शिकायत के बाद सीबीआई की टीम ने छापेमारी कार्रवाई की और ओएस को रंगेहाथ पकड़ा।