अजब गजब

…तो पाकिस्तान के नागरिक होते Wipro के संस्थापक अज़ीम प्रेमजी!

नई दिल्ली. विप्रो (Wipro) के संस्थापक अज़ीम प्रेमजी (Azim Premji) का जन्म 1945 में हुआ था. भारत की आज़ादी से लगभग दो साल पहले. पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना (Muhammad Ali Jinnah) चाहते थे कि उनका (अज़ीम प्रेमजी) परिवार भारत में रहने की बजाय पाकिस्तान में रहे, लेकिन ऐसा संभव नहीं हुआ. यदि उनका परिवार आज़ादी के वक्त पाकिस्तान चला गया होता तो भारतीयों में हर दिल अजीज़ अज़ीम प्रेमजी पाकिस्तान के नागरिक होते.

अज़ीम प्रेमजी के पिता मोहम्मद हाशिम प्रेमजी (Mohammad Hashim Premji) भारत के एक बड़े बिजनेसमैन थे. वे बर्मा से भारत आए और यहां चावल का कारोबार स्थापित किया. हालांकि बर्मा (अब म्यांमार) में भी उनका चावल का बड़ा कारोबार था और उन्हें राइस किंग ऑफ बर्मा (Rice King of Burma) के नाम से जाना जाता था. फिर 1945 में उन्हें अपना बिजनेस अंग्रेजी सरकार की नीतियों की वजह से बदलना पड़ा.

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जिन्ना ने बुलाया था पाकिस्तान

भारत के आज़ाद होने से पहले कांग्रेस पार्टी की एक नेशनल प्लानिंग कमेटी थी. इसी कमेटी की तरह पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना चाहते थे कि उनकी पार्टी (मुसलिम लीग पार्टी) की भी एक अलग प्लानिंग कमेटी हो. ये बात आज़ादी से पहले 1944 की है. जिन्ना चाहते थे कि उस कमेटी में पढ़े लिखे और समझदार मुसलमान शामिल हों. जिन्ना ने मोहम्मद हाशिम प्रेमजी को इस कमेटी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था.

यही नहीं, जब ये कन्फर्म हो गया कि भारत और पाकिस्तान दो अलग देश बनने जा रहे हैं, तब भी मोहम्मद अली जिन्ना चाहते थे कि प्रेमजी परिवार पाकिस्तान में रहे. मोहम्मद अली जिन्ना ने अज़ीम प्रेमजी को पाकिस्तान का वित्त मंत्री (Finance Minister) बनने का प्रस्ताव भी दिया, जिसे कि उन्होंने खारिज कर दिया. और तो और उन्होंने एक ऐसे देश में रहने से भी इनकार कर दिया, जोकि एक धर्म के आधार पर बना हो.

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अज़ीम प्रेमजी के पिता मोहम्मद हाशिम ने एक धर्मनिरपेक्ष देश में रहने का फैसला किया. यदि प्रेमजी पाकिस्तान चले जाते तो आज अज़ीम प्रेमजी जैसा सितारा भारत के पास नहीं होता. अज़ीम प्रेमजी ने किस तरह विप्रो (Wipro) को खड़ा किया और उनका जीवन कैसा रहा, इस पर हम एक स्टोरी अलग से लिख चुके हैं, उसे आप यहां पढ़ सकते हैं – अज़ीम प्रेमजी.

Tags: Azim Premji, Corporate Kahaniyan, Successful business leaders, Wipro


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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