अजब गजब

ये हैं राकेश झुनझुनवाला के गुरु, 5000 से शुरू की ट्रेडिंग, आज हैं अरबपति

नई दिल्ली. शेयर मार्केट में दिलचस्पी रखने वाले राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) को बड़ा खिलाड़ी मानते हैं. लेकिन शायद ही कोई जानता होगा कि राकेश झुनझुनवाला अपना गुरु किसे मानते हैं? बाजार के बिग बुल के गुरु का नाम है राधाकिशन दमानी (Radhakishan Damani). वे भारत के चुनिंदा सेल्फ-मेड अरबपतियों में से एक हैं. राधाकिशन दमानी ने 5000 रुपये के साथ शेयर मार्केट में ट्रेंडिंग शुरू की, लेकिन बाद में रिटेल के बिजनेस में उतर गए और डी-मार्ट (D-Mart) खड़ा कर दिया. इस वक्त डी-मार्ट की मार्केट कैप 2,56,638 करोड़ (13 सितंबर 2021 तक) से ज्यादा है.

शेयर बाजार में कैसे आए राधाकिशन दमानी

राधाकिशन दमानी का जन्म 15 मार्च 1954 में एक मारवाड़ी परिवार में हुआ था. उनके पिता स्टॉक ब्रोकर (Stock Broker) थे, जिसके चलते राधाकिशन को भी शेयर बाजार की अच्छी समझ थी. आरके दमानी अपनी बीकॉम की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए. मुंबई यूनिवर्सिटी में पढ़ते हुए वे डॉप-आउट हो गए, ताकि शेयर मार्केट में अपना काम स्थापित कर सकें. वो भी एक स्टॉक ब्रोकर बन गए.

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1985-86 की बात है जब उनके पिता शिवकिशन दमानी इस दुनिया को अलविदा कह गए. स्टॉक मार्केट के अलावा उनका बॉल-बेयरिंग का एक छोटा सा बिज़नेस भी था. पिता की मौत के बाद राधाकिशन दमानी ने उस बिज़नेस को बंद कर दिया.

खुद बने इन्वेस्टर तो हुआ जबरदस्त मुनाफा

चूंकि राधाकिशन दमानी स्टॉक ब्रोकर थे तो उन्हें महसूस होने लगा कि यदि बाजार से पैसा बनाना है तो खुद इन्वेस्टमेंट करना होगा. स्टॉक ब्रोकर बनकर ज्यादा पैसा नहीं बनाया जा सकता. इसके बाद वे मात्र 5 हजार रुपये लेकर शेयर बाजार में उतरे. उस समय 5 हजार रुपये भी काफी होते थे. अपनी अच्छी एनालिसिस के माध्यम से उन्होंने बड़े और नामी स्टॉक्स में पैसा लगाने की बजाय ऐसे स्टॉक्स में पैसा लगाया, जिनका बिजनेस आने वाले समय में बढ़ सकता था. उनका एनालिसिस सही साबित हुआ और उन्हें काफी मुनाफा भी हुआ.

हर्षद मेहता स्कैम में भी खूब कमाया

आपने हर्षद मेहता (Harshad Mehta) की कहानी तो जरूर सुनी होगी. पिछले दिनों हर्षद मेहता पर बनी एक वेब-सीरीज़ भी काफी हिट हुई थी. हर्षद मेहता को बाजार का “बिग बुल” (Big Bull) कहा जाता था. वे स्टॉक को नीचे खरीदते और काफी ऊपर ले जाकर बेच देते. उसी समय जब शेयर बाजार में घोटाले की बू आने लगी तो राधाकिशन दमानी ने जमकर शॉर्ट सेलिंग (Short Selling) की. मतलब उन्होंने मार्केट के नीचे जाने की तरफ दांव लगाया. कुछ दिनों में घोटाला सामने आया और बाजार भयंकर तरीके से गिरा. चूंकि राधाकिशन दमानी ने शॉर्टस (Short) पॉजिशन बनाई थी, तो उन्हें जबरदस्त मुनाफा हुआ.

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हालांकि एक बार आरके दमानी ने कहा था कि यदि हर्षद मेहता अपनी लॉन्ग पॉजिशन (Long Position) को 7 दिन और होल्ड कर लेते तो उन्हें कटोरा लेकर सड़क पर उतरना पड़ता.

आज लोग राकेश झुनझुनवाला को शेयर बाजार का बिग बुल मनाते हैं. राकेश झुनझुनवाला ने मनीकंट्रोल (Money Control) को दिए इंटरव्यू में कहा कि वे राधाकिशन दमानी को अपना गुरु मानते हैं. झुनझुनवाला कहते हैं कि उन्होंने दमानी से ही ट्रेडिंग सीखी. ट्रेडिंग में उनका जो अनुशासन था, वैसा किसी और में नहीं देखा. वे बेहद अच्छे इंसान हैं और मानवता में भरोसा रखते हैं. मेरा उनके साथ जो रिश्ता है, उसे कहा नहीं जा सकता.

Tags: Business empire, Corporate Kahaniyan, Rakesh Jhunjhunwala, Successful business leaders


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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