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इन देशों की जेलों में कैदियों को है पार्टनर से प्राइवेट रूम में मिलने की आजादी, नहीं होती निगरानी

नई दिल्ली: इंटीमेसी यानी अंतरंगता जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह किसी के लिए भी सच है- चाहे वह आजाद हो या सलाखों के पीछे. कैद के दौरान संबंधों को सामान्य बनाए रखना बहुत कठिन होता है, खासकर यदि आपका प्रिय व्यक्ति बाहर हो. न्यूयॉर्क बेस्ड इंटरनेशनल वेबसाइट ‘Vice News’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक कई यूरोपीय देशों में, कैदियों को जेल के अंदर प्राइवेट कमरों में अपने पार्टनर से मिलने की अनुमति है. हालांकि, यूनाइटेड किंगडम जेल के अंदर ऐसी मेल-मुलाकातों पर रोक लगाता है. इसके बजाय, वहां की जेलों में बंद कुछ कैदियों को हर 14 दिनों में अधिकतम एक बार अपने परिवार को देखने के लिए घर जाने की अनुमति मिलती है. इनमें अधिकतर ऐसे कैदी होते हैं, जो किसी अपराध के लिए न्यायालय द्वारा दोषी करार दिए गए होते हैं.

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एनजीओ ‘प्रिजन एडवाइस एंड केयर ट्रस्ट’ की संचार प्रमुख लौरा बेस्ले ने ‘Vice’ को बताया, ‘होम विजिट की सुविधा बहुत हद तक प्रतिबंधित है और आमतौर पर कम जोखिम वाले कैदियों के लिए आरक्षित है, जो अपनी सजा के अंत के बहुत करीब होते हैं.’ रिपोर्ट के मुताबिक एक शोध से पता चलता है कि दांपत्य मुलाकातें कैदियों के परिवारिक बंधन को मजबूत करती हैं और उनके जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाती हैं. इस रिसर्च में यह भी बताया गया है कि अमेरिका की जेलों ऐसी मुलाकातों की अनुमति दी जाती है. इस मामले में वहां के हर राज्य की पॉलिसी अलग-अलग है. उन्हीं राज्यों के जेलों में कैदियों को अपने पार्टनर या फैमिली से मिलने की अनुमति है, जहां हिंसा की दर कम है.

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वाइस की रिपोर्ट के मुताबिक 2012 के एक अध्ययन में जेलों के अंदर ‘दांपत्य मुलाकातों’ को कैदियों में उनके सर्वोत्तम व्यवहार को प्रोत्साहित करने का एक शक्तिशाली माध्यम माना गया है. इससे उन्हें अपने मौलिक अधिकारों नहीं खोने का एहसास होता है. बेल्जियम में, जेलों के अंदर बंद कैदियों को अपने पार्टनर्स से मिलने के लिए यह साबित करने की आवश्यकता होती है कि वे कानूनी तौर पर एक प्रतिबद्ध रिश्ते में हैं. ऐसा होने पर कैदियों को बिना किसी सुपरविजन के प्राइवेट कमरे में मिलने की अनुमति दी जाती है. जेल के अंदर ये एक स्टूडियो में ये मुलाकातें कराई जाती हैं, जहां नियमित मुलाकात कक्ष की तुलना में अधिक गोपनीयता होती है. बेल्जियम का कानून प्रति माह एक विवाहित कैदी को अपने पार्टनर से प्राइवेट रूम में 2 घंटे की मुलाकात की अनुमति देता है, लेकिन कुछ मामलों में कैदियों को मिलने वाली ऐसी सुविधाएं अधिक उदार हैं.

जेल में पार्टनर से मुलाकात का क्या होता है मनोवैज्ञानिक असर?
लेकिन जेलों के अंदर कैदियों के लिए अपने पार्टनर या फैमिली से प्राइवेट रूम मिलना बहुत सुखद भी नहीं होता. ‘वाइस बेल्जियम’ (VICE Belgium) ने एक महिला कैदी और उसके बॉयफ्रेंड से बातचीत कर जेल में अंदर उनकी मुलाकात के दुखद अनुभव के बारे में एक आर्टिकल भी लिखा है. महिला कैदी 7 साल से अधिक समय से जेल में है- पहले मॉन्स शहर में, फिर बर्केंडेल में. बर्केंडेल जेल प्रति माह 2 बार 4 घंटे तक विवाहित कैदियों को अपने पार्टनर से मिलने की अनुमति देता है. वह और उसका प्रेमी अपने रिश्ते को जीवित रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जेल व्यवस्था अनिवार्य रूप से उन पर भारी पड़ रही है.

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महिला कैदी ने VICE Belgium को जेल के अंदर अपने पार्टनर से पहली मुलाकात के अनुभव के बारे में कहा, ‘यह बहुत ही भयावह था. कमरे में जाने के दौरान अन्य कैदियों, गार्ड्स और स्टाफ की निगाहें मेरी तरह ही थीं. दूसरी कैदी चिल्ला रहे थे, अश्लील टिप्पणियां कर रहे थे. प्राइवेट रूम में फर्श भीगा था, एक सोफा और बेड पड़ा था, जिनकी हालत बहुत खराब थी. गंदगी थी. अंदर रहने के दौरान ​बाहर ​से शोरगुल और टीका टिप्पणी हो रही थी. बाहर निकलने पर लोग देखकर हंस रहे थे. कितनी भी सुविधाएं मिलें, बात यह है कि आप जेल व्यवस्था के खिलाफ नहीं जीत सकते. जेल के अंदर पार्टनर से मिलना मनोवैज्ञानिक रूप से बहुत पीड़ादायक होता है.’

Tags: Prison, Prisoners, Trending


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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