अमेरिका का खांटी दुश्मन, दुनिया का खतरनाक तानाशाह, अचानक पहुंचा मिलिट्री कैंप, जापान-कोरिया के उड़े होश – america enemy world most dangerous dictator kim jong un visit military base another attack conspiracy

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Kim Jong Un News: अमेरिका के टैरिफ वॉर के साथ ही दुनिया की सामरिक स्थितियां भी बदलने लगी हैं. जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की समस्याएं बढ़ गई हैं. दूसरी तरफ नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के एक कदम स…और पढ़ें
उत्तर कोरिया के तानाशाह ने किम जोंग उन ने मिलिट्री बेस का दौरा किया है. (फाइल फोटो/AP)
हाइलाइट्स
- नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने मिलिट्री बेस का किया दौरा
- स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यूनिट जाकर जाना हाल, किस बात की है तैयारी
- ट्रंप नीति से जापान और साउथ कोरिया के सामने सुरक्षा का बड़ा सवाल
सियोल (दक्षिण कोरिया). डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से दुनियाभर में आर्थिक हाहाकार जैसी स्थिति है. अटलांटिक से लेकर प्रशांत क्षेत्र तक में खलबली मची हुई है. इसके साथ ही एक और परिवर्तन की आहट स्पष्ट तौर पर सुनाई देने लगी है. अब दुनिया सामरिक तौर पर भी बदलाव के मोड में आ गई है. दरअसल, ट्रंप सरकार के फैसले से अमेरिका के दो परंपरागत मित्र देश जापान और दक्षिण कोरिया की हालत खराब है. अमेरिका इन दोनों देशों का हर हाल और हर परिस्थिति में साथ देता रहा है, लेकिन ट्रंप की नीतियों से अब हालात बदल गए हैं. ऐसे में बदली परिस्थितियों में जापान और दक्षिण कोरिया को अपनी रणनीति में बदलाव करने पर मजबूर होना पड़ा है. इन सब हलचल के बीच, उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन ने मिलिट्री बेस का दौरा कर टोक्यो से लेकर सियोल तक की नींद उड़ा दी है.
उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी KCNA की ओर से शनिवार को दी गई जानकारी के अनुसार, किम जोंग उन ने शुक्रवार को कोरियन पीपुल्स आर्मी के मिलिट्री ट्रेनिंग बेस स्थित स्पेशल ऑपरेशन यूनिट्स का दौरा किया था. किम जोंग उन ऑब्जर्वेशन पोस्ट जाकर जनरल टेक्टिकल ट्रेनिंग और स्मॉल-आर्म्स शूटिंग कॉन्टेस्ट का मुआयना किया. बता दें कि उत्तर कोरिया का स्पेशल ऑपरेशन यूनिट्स खास अभियान के लिए जाना जाता है. ऐसे वक्त में जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की वजह से सबकुछ उलट-पलट हो रहा है, तब किम जोंग उन का स्पेशल ऑपरेशन यूनिट का दौरा करना कोई सामान्य घटना नहीं है. नॉर्थ कोरियन तानाशाह के इस कदम के बाद से जापान और दक्षिण कोरिया के कान खड़े हो गए हैं. तानाशाह का सैन्य बेस का दौरा बड़े संकट का संकेत है या नहीं यह आने वाला वक्त ही तय करेगा.
…तो इसलिए डरा साउथ कोरिया
KCNA की रिपोर्ट के अनुसार, किम जोंग उन ने कहा कि स्पेशल ऑपरेशन यूनिट को मजबूत करना वर्तमान में आर्मी स्ट्रैटजी का एक प्रमुख पहलू है. किम ने आगे कहा कि स्पेशल ऑपरेशन यूनिट्स को मजबूत करना वर्तमान सैन्य रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और किम जोंग उन ने उनकी ऑपरेशनल कैपेसिटी को बढ़ाने के उद्देश्य से कई प्रमुख कार्यों की रूपरेखा तैयार की. केसीएनए प्रमुख कार्यों का विवरण नहीं देता है. किम ने एक स्नाइपर राइफल का परीक्षण भी किया, जिसे स्पेशल ऑपरेशन यूनिट को दी जानी है. उत्तर कोरियाई तकनीक द्वारा विकसित स्नाइपर राइफल के प्रदर्शन और शक्ति पर संतोष व्यक्त किया. दक्षिण कोरिया ने कहा है कि उत्तर कोरिया की स्पेशल यूनिट्स उन हज़ारों सैनिकों में से हैं, जिन्हें प्योंगयांग ने यूक्रेन युद्ध में लड़ने के लिए रूस में तैनात किया है.
नॉर्थ कोरिया को फायदा
विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर कोरिया युद्ध के मैदान में ऑपरेशनल एक्सपीरिएंस के आधार पर हथियार और सैनिक उपलब्ध कराकर लाभ उठा सकता है. वहीं, कीव का कहहन है कि उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है. मॉस्को और प्योंगयांग ने शुरू में तैनाती की रिपोर्टों को खारिज कर दिया था, लेकिन अक्टूबर 2024 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस बात से इनकार नहीं किया कि उत्तर कोरियाई सैनिक रूस में हैं और उत्तर कोरियाई अधिकारी ने कहा है कि ऐसा कोई भी कदम वैध होगा.
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