मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के हरसूद थाना अंतर्गत डैम के बैकवॉटर में बोरे में बंद मिली अज्ञात लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। बालिका अपनी पसंद के लड़के से शादी करने की जिद पर अड़ी थी, लेकिन उसके पिता को बेटी का यह प्रेम प्रसंग नागवार गुजरा, और उसने पहले तो खेत ले जाकर नाबालिग बेटी को मौत के घाट उतार दिया। फिर इस हत्या के गुनाह और सबूत को छिपाने इसमें अपने पिता को भी शामिल कर लिया। उनकी मदद से बेटी के शव को बारे में बंद कर, मोटरसाइकिल से घर से करीब 30 किलोमीटर दूर जाकर डेम के बैकवाटर में फेंका आया। खंडवा पुलिस ने लाश के साथ मिली एक बोरी और खेत में गेहूं कटाई के अवशेषों से इस हत्या की गुत्थी सुलझा ली और अब हत्यारा पिता और दादा पुलिस की गिरफ्त में हैं। जिन्हें गुरुवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
खंडवा एसपी मनोज कुमार राय ने बताया कि 30 मार्च को थाना हरसूद पर पंकज पिता विष्णु रघुवंशी ने बताया था कि एक अज्ञात महिला का शव बोरे में बंद चारखेड़ा रेलवे ब्रिज के नीचे के बैक वाटर में तैर रहा है। इस सूचना पर पुलिस ने तत्काल मौके पर जाकर मर्ग जांच शुरू कर शव का पंचनामा बनाया। जांच में अज्ञात मृतिका की किसी व्यक्ति द्वारा हत्या कर, सबूत छिपाने की नीयत से शव को बोरे में भरकर नदी के बैक वाटर में फेंकना सामने आया। इस मामले को सुलझाने एक टीम गठित की गई। क्षेत्र के सीसीटीव्ही फुटेज खंगाले गए। इन दौरान मुखबिर की सूचना पर अज्ञात मृतिका की शिनाख्त 16 वर्षीय बालिका, निवासी जिला हरदा के रूप में हुई। जो कि चार दिन से घर से गायब थी लेकिन परिजन ने अब तक उसकी कोई गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई थी। इससे पुलिस को उन पर शंका हुई।
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पिता और दादा निकले आरोपी
पुलिस ने जब मृतिका के पिता से पूछताछ की, और शक की बुनियाद पर आरोपी (मृतिका के पिता) लोकेश पिता विष्णुप्रसाद मीणा, निवासी छिपाबड़ एवं आरोपी विष्णुप्रसाद पिता हरिकिशन मीणा (मृतिका के दादा), निवासी छिपाबड, जिला हरदा को गिरफ्तार किया। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि उनकी लड़की अपनी इच्छा से उसके प्रेमी के साथ शादी करना चाहती थी। लेकिन मृतिका के पिता को यह रिश्ता मंजूर नही था। जिस पर पिता ने उसे मानने की कोशिश भी की, लेकिन वह पसंद के लड़के से शादी करने की बात पर अड़ी रही। इसी बीच 26 मार्च को मृतिका के पास एक मोबाइल मिला, जिसका लॉक खोलने को लेकर उसने पिता को साफ इंकार कर दिया।
बेटी के मोबाइल का लॉक खोलकर न देने की बात से गुस्साए पिता ने, रात में दादा से मिलाने का कहकर मृतिका को अपने साथ छिपाबड़ स्थित खेत ले गया। जहां बालिका का एक बड़े रुमाल से गला घोंट कर हत्या कर दी। इसके बाद हत्या के निशान मिटाने इस बेरहम पिता ने दादा को घटना बताई। दोनों ही शव को खेत मे गेहूं भरने के लिए रखे बोरे में भरकर, मोटर सायकल से चारखेड़ा तक लाए। जहां नदी के ब्रिज से शव को बैक वाटर के पानी में फेंक दिया। उनका यह गुनाह ज्यादा देर छुप नहीं पाया और आखिरकार हत्यारे पिता और दादा को अब जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा।
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खंडवा एसपी मनोज राय ने बताया कि थाना हरसूद को सूचना मिली थी कि चारखेड़ा ब्रिज के नीचे बोरे में बंद एक युवती की लाश पड़ी है। उसके शरीर पर चोट के निशान भी थे। शव का परीक्षण करने के बाद पता चला कि यह दो से तीन दिन पुरानी लाश थी। उस समय किसी ने लाश की पहचान नहीं की। हमने तत्काल उस शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसके गले पर निशान है। जिस पर से हमने थाना हरसूद में अज्ञात व्यक्ति पर मुकदमा कायम किया।
पुलिस इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने का प्रयास कर ही रही थी कि बुधवार शाम में एक महत्वपूर्ण सुराग मिला कि छिपाबड़ में एक नाबालिक लड़की लापता है और उसके परिजनों ने उसकी कोई गुमशुदगी भी दर्ज नहीं कराई है। जब हमारी टीम ने पूछताछ की तब जाकर खुलासा हुआ कि मृतिका उन्हीं के परिवार की बेटी है। उसके पिता ने ही उसकी हत्या की थी। हत्या के बाद पिता ने दादा के साथ मिलकर लाश को बोरे में डाल बैकवॉटर में फेंक दिया था। ताकि किसी को पता ना चल पाए। दोनों ही आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और न्यायालय में पेश किया जा रहा है।