अजब गजब

शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने वक्फ बिल का किया विरोध, बयान में किया अमित शाह का जिक्र

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लोकसभा ने वक्फ संशोधन विधेयक को पास कर दिया है।

पटना: शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद अफजल अब्बास ने वक्फ संशोधन बिल का कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि यह बिल जल्दबाजी में लाया गया है और इसे लेकर सत्ता पक्ष की ओर से कही गई बातों से मुस्लिम समाज संतुष्ट नहीं है। अब्बास ने यह भी आरोप लगाया कि JDU ने लोकसभा में इस मुद्दे पर सही तरीके से अपना पक्ष नहीं रखा, जिसके चलते बिल में हुए कई अहम बदलावों का श्रेय TDP को मिल गया। उन्होंने कहा, ‘हमसे चूक हो गई। हम एक पद पर हैं, नीतीश कुमार के बनाए हुए आदमी हैं, लेकिन लोग हमसे सवाल पूछेंगे।’

गृह मंत्री ने किया था डाक बंगला चौराहे का जिक्र

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान पटना के डाक बंगला चौराहे का जिक्र किया था। इस इलाके में शिया वक्फ बोर्ड की कई संपत्तियों पर अतिक्रमण और गलत तरीके से जमीन हड़पकर इमारतें बनाने की शिकायतें सामने आई हैं। बिहार में शिया वक्फ बोर्ड की कुल 138 संपत्तियों पर अतिक्रमण के मामले कोर्ट में लंबित हैं, जिनमें से करीब 30 संपत्तियां डाक बंगला चौराहे के आसपास हैं।

हाल ही में 14 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने डाक बंगला चौराहे के पास रिजवान पैलेस मामले में शिया वक्फ बोर्ड के पक्ष में फैसला सुनाया था। यह संपत्ति हसन इमाम वक्फ एस्टेट का हिस्सा है, जिसे 1929 में हसन इमाम ने वक्फ के लिए दान किया था। 122 कट्ठे में फैली इस कीमती जमीन और भवन को लेकर निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट तक लंबी कानूनी लड़ाई चली थी। सैयद अफजल अब्बास ने इसे बोर्ड के लिए बड़ी जीत बताया।

‘अगर अमित शाह संपत्तियों को वापस दिलवा दें…’

शिया वक्फ बोर्ड के पास पटना में 117 और पूरे बिहार में कुल 327 संपत्तियां हैं, जिनमें से 138 के मामले वक्फ ट्रिब्यूनल और 37 मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर वक्फ की जमीन पर कब्जा कैसे हो रहा है? अब्बास ने इंडिया टीवी से बातचीत में माना कि इसमें मुतवल्ली (वक्फ संपत्ति की देखरेख करने वाले) की भूमिका होती है। उन्होंने कहा, ‘मुतवल्ली गलत तरीके से बिल्डरों को जमीन दे देते हैं। कब्जा मेरे समय में नहीं हुआ, यह पहले से चला आ रहा है।’

अब्बास ने पटना के प्रमुख स्थानों पर शिया वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का जिक्र करते हुए कहा, ‘वन मॉल, सेंट्रल मॉल, टाइम्स ऑफ इंडिया के बगल में विशाल मेगा मार्ट, बंदर बगीचा और रिजवान पैलेस जैसी प्रॉपर्टी अवैध रूप से कब्जाई गई हैं। अगर अमित शाह इन संपत्तियों को बोर्ड को वापस दिलवा दें, तो हजारों करोड़ की जमीन हमें मिल जाएगी।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि वक्फ की संपत्ति बेची नहीं जा सकती, केवल 11 महीने के लिए लीज पर दी जा सकती है, लेकिन बेचने का अधिकार किसी को नहीं है।

सुन्नी वक्फ बोर्ड की भी स्थिति गंभीर

इसी तरह सुन्नी वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर भी अतिक्रमण का मामला गंभीर है। सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष इरशादुल्लाह ने कैमरे पर बात करने से इनकार किया, लेकिन बताया कि बिहार में उनकी 2900 से अधिक संपत्तियां हैं, जिनमें से पटना में ही 300 से ज्यादा हैं। इनमें 250-300 संपत्तियों के मामले वक्फ ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट में लंबित हैं। वहीं, अफजल अब्बास ने कहा कि वक्फ बिल को लेकर लोग सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘हम एक पद पर हैं और कम्युनिटी को लीड करते हैं। अगर हम चुप रहे, तो लोग पूछेंगे कि वक्फ बोर्ड में इतना कुछ हुआ और आपने क्या किया? हमारे हाथ में ज्यादा कुछ नहीं है, लेकिन हम अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।’




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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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