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बेगूसराय: बिहार में उद्योग नगरी के नाम से मशहूर बेगूसराय अब हवाओं को सुर देने वाली मशीन के निर्माण को लेकर भी अपनी विशेष पहचान बना रही है. हवा में सुर देने वाली मशीन का नाम सुनते ही मन में ढेर सारे सवाल उठ रहे होंगे कि आखिर यह कौन सी मशीन है, जिसमें से संचारित हवा सुर में बदल जाती है. जी हां, हम बात कर रहे हैं हॉरमोनियम की. बेगूसराय में तैयार होने वाला हॉरमोनियम यूपी और बिहार सहित पड़ोसी मुल्क नेपाल के कलाकारों की पहली पसंद बनी हुई है. हॉरमोनियम के निर्माता सुनील कुमार शर्मा बताते हैं कि इसमें सारा खेल लकड़ी की होता है और यहां कुछ भी अतिरिक्त नहीं होता है. पहले पिताजी दिल्ली की कंपनी में हॉरमोनियम निर्माण का कार्य किया करते थे. पिताजी के नक्शे-कदम पर चलकर इसका फैक्ट्री लगा लिया.
दूसरो के यहां काम करने से बेहतर था खुद का स्टार्टअप
जेएमएस हॉरमोनियम कंपनी के निर्माता सुनील कुमार शर्मा ने लोकल 18 को बताया कि पहले पिताजी के साथ दिल्ली के एक हॉरमोनियम कंपनी में काम करते थे. जरूरत पड़ने पर भी छुट्टी नहीं मिलती थी. ऐसे में सोचा कि किसी बड़े कंपनी में काम करने से बेहतर है कि खुद का छोटा सा स्टार्टअप शुरू किया जाए. इसके गांव वापस आ गया और बखरी में अपना जेएमस नामक हॉरमोनियम कंपनी खोल दिया. शुरूआत के दिनों में इस बिजनेस को स्टार्ट करने के लिए उद्योग विभाग को एप्लीकेशन दिया. वहां से उद्यमी योजना के तहत लोन अप्रूव हुआ भी, लेकिन बैंक ने लोन नहीं दिया. इसके बाद पीएनबी बैंक जाकर वहां के लोन सहायक से मिलकर 9.50 लाख का लोन लेकर इस बिजनेस को एक नई पहचान देना शूरू कर दिया. धीरे-धीरे हॉरमोनियम की बिक्री ने रफ्तार पकड़ी और आज 10 लाख के आस-पास का हॉरमोनियम हर महीना निर्माण कर रहे हैं.
5500 से रेंज की होती है शुरूआत
सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि यहां रोजाना 25 वर्कर काम करते हैं. ये सिर्फ हॉरमोनियम बनाने के काम में लगे रहते हैं. कारीगर अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि यहां साइज मैनेजमेंट पर काम करते हैं. इसके लिए 25 हजार महीने की सैलरी है. वहीं देवानंद महतो ने बताया कि वह बंगाल का रहने वाला है और यहां हॉरमोनियम को रंगने का काम करते हैं. इस कार्य के बदले अच्छी सैलरी मिल रही है. सुनील ने बताया कि हॉरमोनियम के लिए सबसे बेस्ट लकड़ी हिमाचल प्रदेश से मंगवाते हैं. प्रत्येक महीने इस फैक्ट्री में 200 पीस हॉरमोनियम का निर्माण हो जाता है. प्राइस रेंज की बात की जाए तो 5500 रूपए से लेकर 30 हजार तक का हॉरमोनियम बनाते हैं. इस दौरान उन्होंने बताया कि सिर्फ हॉरमोनियम बनाने से ही लोग आकर्षित नहीं होते हैं, अपितु इसे हम ठीक ढंग से बजाना भी जानते हैं. इसलिए जब कोई ग्राहक आता है तो हॉरमोनियम को बजाकर भी दिखाना पड़ता है. इसके बाद कीमत तय होती है.
Tags: Begusarai news, Bihar News, Business news, Local18
FIRST PUBLISHED : June 20, 2024, 08:49 IST
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