The minister asked to explore new options | मंत्री ने नए विकल्प तलाशने को कहा: कनाडिया रोड पर विवाद के नौ महीने बाद हुई बैठक में भी कोई फैसला नही – Indore News

मंत्री- एमजी रोड पर अंडरग्राउंड मेट्रो चाहते ही नहीं हैं, फिर से प्लान बनाएं
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अफसर- इससे नाला खत्म हो जाएगा लागत भी 1633 करोड़ बढ़ जाएगी
बंगाली कॉलोनी से पलासिया के बीच मेट्रो अंडरग्राउंड रहे या एलिवेटेड, इसे लेकर पेंच और फंस गया है। बुधवार को नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेट्रो के अफसरों के साथ दौरा और बैठक की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। विजयवर्गीय ने कहा, हम एमजी रोड पर अंडरग्राउंड मेट्रो नहीं चाहते हैं, फिर से प्लान बनाएं। उन्होंने कहा, यदि पलासिया पर मेट्रो एलिवेटेड रही तो वहां ब्रिज भी नहीं बन पाएगा। विकल्प ये हो सकता है कि पलासिया से पहले इसे अंडरग्राउंड करें।
मेट्रो के अफसर इससे सहमत नहीं दिखे। वे अपोलो टॉवर और ट्रेजर आईलैंड के बीच इसे अंडरग्राउंड करना चाहते हैं। बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, मेट्रो के एमडी एस कृष्ण चैतन्य, शोभित टंडन, रणवीर राजपूत, अजय कुमार, निगमायुक्त शिवम वर्मा, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, विधायक मधु वर्मा, गोलू शुक्ला आदि मौजूद थे।
विजयनगर पर ऐसी जगह स्टेशन बनाया है कि वहां फ्लायओवर नहीं बन सकता- ये गलती पलासिया पर न हो
विजयवर्गीय: पलासिया के पहले ही मेट्रो अंडरग्राउंड करना चाहिए। हम शहर का विस्तार करना चाहते हैं। ऐसा हुआ तो भविष्य की संभावनाएं खत्म हो जाएंगी। अफसर: अगर यहां अडंरग्राउंड किया तो नाला हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। यहां पर ट्रैफिक भी डायवर्ट करना पड़ेगा। एक्सपर्ट: पलासिया चौराहे पर दिक्कत आ रही हो तो गायत्री मंदिर के पास से अंडरग्राउंड कर सकते हैं। वहां ज्यादातर जमीनें सरकारी हैं।
विजयवर्गीय: मुझे लगता है कि इन सब बातों के बजाय पहले नाले का हल ढूंढो। यदि नाले का समाधान मिल जाए और स्टेशन को थोड़ा पीछे ले जाएं तो सब ठीक हो जाएगा। आप लोग इस पर काम कीजिए। अतुल शेठ: जब सरस्वती नदी के नीचे से अंडरग्राउंड ट्रैक बन सकता है तो नाले के पास बनाने में क्या दिक्कत है। एक्वाडक्ट बनाकर काम कर सकते हैं। एक्सपर्ट: राजबाड़ा क्षेत्र में नदी के ऊपर नदी है। वहां से अंडरग्राउंड ट्रैक आ रहा है तो नाले को क्रॉस करने में कोई दिक्कत नहीं होना चाहिए। नाले के पहले कितने रेडियस आना है, उसके हिसाब से एक्सरसाइज करेंगे। जब नदी से जा सकते हैं तो नाले से जा सकते हैं। एक्सपर्ट: विजय नगर पर ऐसी जगह स्टेशन बनाया है कि अब वहां फ्लायओवर ही नहीं बन सकता। यही हालात पलासिया पर न बन जाएं। यहां अंडरग्राउंड ही रखें।
बंगाली से अंडरग्राउंड किया तो 1633 करोड़ अधिक खर्च होंगे….
- मेट्रो एमडी एस कृष्ण चैतन्य ने बताया, बंगाली से अंडरग्राउंड किया तो 1633 करोड़ अधिक खर्च हाेंगे।
- बंगाली से पहले अंडरग्राउंड किया तो टनलिंग से 225 करोड़ की लागत बढ़ेगी।
- पहले 550 करोड़ में एलिवेटेड का टेंडर हो चुका है। उसमें 50 भी करोड़ का नुकसान होगा।
- मार्किंग करने पहुंची टीम- इधर, बुधवार को मेट्रो की टीम ने पलासिया से 56 दुकान तक बिल्डिंगों में मार्किंग की। व्यापारियों ने इसका विरोध किया। वे बोले- तीन साल तक काम चलेगा, व्यापार चौपट हो जाएगा।
जमीन अधिग्रहण भी करना होगा
बैठक में ये सवाल उठाया कि एमजी रोड पर अंडरग्राउंड करने के लिए 56 के सामने जमीन अधिग्रहण करना होगी। जब सुपर कॉरिडोर पर खुली जगह में जमीन नहीं मिली तो यहां कैसे मिलेगी। पलासिया नाले पर फिर बात हुई तो अफसरों ने कहा एलिवेटेड ला रहे हैं तो नाले पर तीन मीटर का डिफरेंस आ रहा है। बारिश के समय डेढ़ मीटर नीचे चला जाएगा। हमारा रेडिएंट बढ़ जाएगा।
प्लान फाइनल होने के बाद तय करेंगे कब चलेगी मेट्रो बैठक में विकल्पों पर चर्चा की। हम संतुष्ट नहीं हैं। फिर से विकल्प दिए हैं। हम एमजी रोड पर अंडरग्राउंड नहीं चाहते। अफसरों ने फाइनेंशियल स्थिति बताई है। हमने एक्सपर्ट से भी चर्चा की। जितनी समस्या उन्होंने बताई हैं, उसका निराकरण करेंगे। एमजी रोड से अंडरग्राउंड की जाएगी तो वह खराब हो जाएगी। पहले जो प्लान बनाया गया था, उसमें जनप्रतिनिधियों से राय नहीं ली गई थी। एक बार फिर से बैठक करेंगे। नए विकल्प तलाशने की भी कोशिश की जाएगी। सुपर प्रॉयोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो के सफर शुरू होने को लेकर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। एक बार प्लान फाइनल हो जाए तब बता पाएंगे मेट्रो कब चलेगी। -कैलाश विजयवर्गीय, नगरीय प्रशासन मंत्री, मप्र
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