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Baba Siddique Murder Case: सलमान खान के दुश्मन लॉरेंस बिश्नोई का साबरमती जेल में कैसे कटता है दिन? जानें

नवीन झा
अहमदाबाद.
क्या कोई मान सकता है कि नवरात्र में 9 दिन मौन व्रत रखने वाला या हफ्ते में दो दिन मौन व्रत रखने वाला व्यक्ति किसी की हत्या भी करवा सकता है? शायद नहीं, पर हाल ही में मुंबई में हुई बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद साबरमती जेल में बंद एक कैदी को लेकर ये चर्चाएं शुरू हो गई हैं. ये कैदी और कोई नहीं पर लॉरेंस बिश्नोई है.

लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की जिम्मेदारी ली है. वह साबरमती की ऐसी हाई सिक्योरिटी सेल में बंद है, जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता. ऐसे में सवाल यह उठता है कि जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई हत्या को अंजाम कैसे दे सकता है? लॉरेंस कब से साबरमती जेल में है और यहां उसकी किस तरह की गतिविधि है, उस पर भी एक नजर डालनी जरूरी है.

सुबह 5 बजे उठ जाता है लॉरेंस बिश्नोई
साबरमती जेल से जुड़े सूत्रों बताते हैं कि लॉरेंस बिश्नोई हर रोज सुबह 5:00 बजे उठ जाता है. सबसे पहले पूजा-पाठ और उसके बाद वो कसरत करता है. वह हर रोज सुबह नियमित रूप से एक्सरसाइज करता है. ऐसी भी जानकारी सामने आई है कि वह खाने में फ्रूट ही ज्यादा खाता है. उसके बाद जेल में आराम करता है. नवरात्र के समय वह नौ दिन तक व्रत रखता है. इसके अलावा हर हफ्ते दो दिन मौन व्रत रखता है.

साबरमती जेल में लॉरेंस बिश्नोई हाई सिक्योरिटी जोन में बंद है. जेल से मिली जानकारी के मुताबिक, साबरमती सेंट्रल जेल 2 भागों में बंटा हुआ है: नई जेल और पुरानी जेल… पुरानी जेल में गंभीर अपराधों वाले कैदी और नई जेल में छोटे-मोटे जुर्म वाले कैदियों को रखा जाता है. लॉरेंस को फिलहाल सुरक्षा के हिसाब से पुरानी जेल में रखा गया है.

50 लोगों के बैरक में अकेला कैदी
पुरानी जेल में कुल 7 वार्ड हैं, इनमें 10 खोली, 50 खोली, 200 खोली, छोटा चक्कर, हाई सिक्योरिटी जोन शामिल है. इसमें 10 खोली वार्ड के पास एक बैरक है, जिसमें 40 से 50 कैदी रह सकते हैं, लेकिन उस बैरक में लॉरेंस अकेला रहता है. वहां जेल पुलिस के अलावा एटीएस और एनआईए के 10 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. लॉरेंस के बैरक में सीसीटीवी लगा हुआ है, जिससे 24 घंटे उसकी निगरानी की जाती है. उसे बैरक से बाहर नहीं निकाला जाता. उसे कोई भी सामान चाहिए होता है तो कूपन से लाकर दिया जाता है.

लॉरेंस बिश्नोई को एटीएस ने अप्रैल 2023 में ड्रग केस में गिरफ्तार किया था और तकरीबन 1 महीना वह सेंट्रल जेल में बंद था. उसके बाद उसे किसी और जेल में शिफ्ट कर दिया गया था. हालांकि ATS ने इस ड्रग केस की जांच एनआईए को सौंप दी थी. इसके बाद फिर एनआईए ने साल 2023 के अगस्त महीने में फिर से लॉरेंस को अहमदाबाद के सेंट्रल जेल में बंद कर दिया था और तब से वह साबरमती सेंट्रल जेल में ही बंद है.

 

Tags: Lawrence Bishnoi, Mumbai murder, Mumbai police


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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