व्लादिमीर पुतिन की सेहत पर उठते सवाल: अफवाहें और सच्चाई.

Putin Health Rumors : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सेहत को लेकर अटकलों और चर्चाओं का बाजार लंबे समय से गर्म है. व्लादिमीर पुतिन का स्वास्थ्य सालों से अटकलों और अफवाहों का विषय रहा है. दावा किया जाता रहा है कि वह कई तरह की बीमारियों से पीड़ित हैं. ताजा रिपोर्टों के अनुसार रूसी राष्ट्रपति पार्किसंस से पीड़ित हैं, उन्हें हार्ट अटैक हुआ था और वह कई प्रकार के कैंसर से जूझ रहे हैं. पश्चिमी मीडिया में उनकी खराब सेहत के बारे में कई तरह के दावे किए गए हैं. हाल ही में, कुछ वीडियो में पुतिन को सार्वजनिक कार्यक्रमों में असहज या अस्वस्थ दिखाया गया है, जिससे इन अटकलों को और बल मिला है.
इन चर्चाओं के बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पेरिस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, “वो (पुतिन) जल्द ही मर जाएंगे, और यह एक तथ्य है. फिर इस युद्ध का भी अंत हो जाएगा.” जेलेंस्की ने कहा कि पुतिन अपनी मृत्यु तक सत्ता में बने रहना चाहते हैं और उनकी महत्वाकांक्षाएं यूक्रेन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इससे पश्चिम के साथ सीधा टकराव हो सकता है.
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क्रेमलिन ने किया खंडन
हालांकि क्रेमलिन ने हमेशा ही ऐसे किसी भी दावे को खारिज कर दिया है कि पुतिन गंभीर रूप से बीमार हैं. साथ ही उन अफवाहों को भी खारिजे कर दिया है कि वह आराम करने के लिए बॉडी डबल का इस्तेमाल कर रहे हैं. 71 वर्षीय पुतिन ने हमेशा रूसी लोगों को यह दिखाने का प्रयास किया है कि वह कितने मजबूत और दृढ़ हैं. इसके लिए उन्होंने अपनी तस्वीरों में जूडो करते हुए, रूस के ग्रामीण इलाकों में शिकार करते हुए और घोड़े की सवारी करते हुए तस्वीरें खींची हैं. आमतौर पर ये तस्वीरें बिना शर्ट के हैं. बहुत जल्द ही वह राष्ट्रपति के रूप में अपना पांचवां कार्यकाल शुरू करने वाले हैं और एक बार फिर उन्हें अपने स्वास्थ्य के बारे में सवालों का सामना करना पड़ सकता है.
टॉपलेस होकर घुड़सवारी करते पुतिन.
पुतिन की सेहत को लेकर मास्को में जबरदस्त गोपनीयता बनाए रखी जाती है. इसके पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हो सकते हैं…
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शक्ति और स्थिरता बनाए रखना: पुतिन रूस की सत्ता का केंद्र हैं. उनकी कमजोरी या बीमारी की खबरें देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर सकती हैं. रूस की सत्ता संरचना बहुत हद तक व्यक्तिगत नेतृत्व पर टिकी हुई है. अगर उनकी सेहत को लेकर संदेह पैदा हुआ तो यह राजनीतिक संकट का कारण बन सकता है.
दुश्मन न उठा सके फायदा: रूस वर्तमान में यूक्रेन युद्ध में उलझा हुआ है और पश्चिमी देशों से उसकी जबरदस्त टकराव की स्थिति बनी हुई है. अगर पुतिन की सेहत खराब होने की खबरें बाहर आती हैं, तो इससे अमेरिका और यूरोपीय देशों को रूस की कमजोरी का अंदाजा लग सकता है, जिससे वे अपनी रणनीति बदल सकते हैं.
क्रेमलिन की रही है परंपरा: रूस में हमेशा से अपने शीर्ष नेताओं की सेहत को लेकर रहस्य बनाए रखने की परंपरा रही है. जोसेफ स्टालिन (1953) की मौत से पहले उनकी गंभीर बीमारी को छिपाया गया था. बोरिस येल्तसिन (1990 के दशक में) की खराब सेहत को भी लंबे समय तक छिपाने की कोशिश की गई थी. क्रेमलिन हमेशा यह दिखाने की कोशिश करता है कि देश का नेता मजबूत और स्वस्थ है.
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मीडिया पर सख्त नियंत्रण: रूस में सरकारी मीडिया पूरी तरह से क्रेमलिन के नियंत्रण में है. इस वजह से पुतिन की सेहत को लेकर कोई भी नकारात्मक खबर बाहर नहीं आने दी जाती. जो लोग ऐसी खबरें फैलाने की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
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सत्ता संघर्ष से बचाव: अगर पुतिन की सेहत को लेकर कोई पुख्ता जानकारी सार्वजनिक हो जाए, तो रूस के भीतर सत्ता संघर्ष शुरू हो सकता है. क्रेमलिन के कई प्रभावशाली लोग राष्ट्रपति बनने की दौड़ में हैं, लेकिन पुतिन की मजबूत पकड़ के कारण वे अभी शांत हैं. अगर उनकी कमजोरी उजागर होती है, तो यह स्थिति आंतरिक टकराव को जन्म दे सकती है.
रूस अपनी सत्ता की छवि को मजबूत बनाए रखने के लिए पुतिन की सेहत को लेकर रहस्य बनाए रखता है. जब तक वह खुद सत्ता में हैं, मास्को इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रहेगा और अफवाहों को खारिज करता रहेगा.
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