मध्यप्रदेश

Proposal to open Millets Restaurant in GIS | GIS में मिलेट्स रेस्टोरेंट खोलने का प्रस्ताव: इन्वेस्टर्स बोले-बेरोजगार गृहिणियों को ट्रेंड कर आजीविका मुहैया कराएंगे – Bhopal News

जीआईएस में आयुर्वेद आहार के स्टॉल पर मिलेट्स से बने फूड टेस्ट करते डेलीगेट्स

भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में हुई दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देश-विदेश के उद्योगपतियों ने सरकार के तमाम विभागों के साथ एमओयू किए। वहीं, दूसरी तरफ जीआईएस में शामिल होने आए डेलीगेट्स ने आयुष विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल पर

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इस स्टॉल पर आए डेलीगेट्स ने भोपाल, इंदौर जैसे बड़े शहरों में मिलेट्स रेस्टोरेंट खोलने का सुझाव दिया है।

भोपाल में वेल्दी रेस्ट्रो शुरू करने का सुझाव

आयुष विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जीआईएस में लगे स्टॉल पर बड़ी संख्या में देशी-विदेशी मेहमान पहुंचे। मेहमानों ने मिलेट्स से बना केक, कुकीज, खीर, कोदो की खिचड़ी जैसे आयटम टेस्ट किए। लोगों ने ये सुझाव दिया है कि भोपाल में लोगों को मोटापे और बीमारियों से बचाने वाले मोटे अनाज से बनी डिशेज का आनंद लेने के लिए वेल्दी रेस्ट्रो शुरू किया जाए।

भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक कॉलेज के आसपास ये रेस्टोरेंट शुरू करने के लिए विभागीय अफसरों से चर्चा की जाएगी।

बीमारियों से बचाने में मिलेट्स फूड का अहम रोल

भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक कॉलेज के स्वस्थ व्रत विभाग की प्रोफेसर डॉ.चारु बंसल ने बताया – आज के समय में जो लाइफ स्टाइल डिजीज हो रहे हैं, जैसे भारत में हर पांचवां व्यक्ति डायबिटीज से पीड़ित है। हार्ट डिजीज नंबर वन कॉज ऑफ डेथ है।

ओबेसिटी सबसे ज्यादा रिस्क फैक्टर है। इंडिया में ये एक एपिडेमिक की तरह हो रहा है। हमारा आहार बहुत महत्वपूर्ण है, जौ हमारे यहां क्लासिक्स में बताया गया है कि इसे डाइट में शामिल होना ही चाहिए। उसकी अलग-अलग रेसिपीज हैं कि उसे कैसे बनाकर खा सकते हैं।

मिलेट्स बने फूड की थाली को आयुर्वेद आहार का नाम दिया गया है।

मिलेट्स बने फूड की थाली को आयुर्वेद आहार का नाम दिया गया है।

मिलेट्स से बन सकते हैं टेस्टी फूड

डॉ चारू बंसल ने कहा- जीआईएस में स्टॉल पर हमने प्रोसो, ब्रियान मिलेट, जौ, कोदो, रागी की सहायता से डिशेज बनाई हैं। क्योंकि मिलेट्स का नाम सुनते ही लोग सोचते हैं इसे कैसे बनाएंगे और खाने में कैसा होगा? इसी मिथक को हमने तोड़ा है। लोगों ने मिलेट्स से बने डिशेज खाए और कहा कि इतने टेस्टी फूड अलग-अलग रूप से बन सकते हैं। हम इसे आसानी से बना सकते हैं।

जैसे हम घर में चावल बनाते हैं, मिलेट्स में थोड़ा ज्यादा समय तक भिगोकर रखना है। तीन से चार घंटे कम से कम उसे पानी में सोक करके रखें और फिर उसे आसानी से कढ़ाही, कुकर में बना सकते हैं। फिर उसे चाहे हम दाल के साथ खा सकते हैं। या फिर कभी राजमा, कभी छोले कभी सब्जियां, कढ़ी के साथ खा सकते हैं। मिलेट्स को डेली डाइट में शामिल कर सकते हैं।


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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