अजब गजब

Hrithik Solanki become Treasury Officer his father Drives Khandwa SDM Car and Roop Singh Solanki Ranger in Forest Department

Agency:News18 Madhya Pradesh

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Khandwa News: खंडवा के एडीएम के वाहन चालक रूप सिंह सोलंकी के दोनों बेटों ने एमपीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर पिता का नाम रोशन किया. छोटे बेटे ऋतिक ने ट्रेजरी ऑफिसर और बड़े बेटे राहुल ने वन विभाग में रेंजर …और पढ़ें

रूप सिंह का पूरा परिवार 2 बेटे ओर धर्मपत्नी साथ में

पिता चलाते हैं ADM की गाड़ी, अधिकारियों के किस्से सुन एक बेटा बना ट्रेजरी अफसर, दूसरा वन विभाग में रेंजरखंडवा. खंडवा में एडीएम के वाहन चालक रूप सिंह सोलंकी के घर नव वर्ष 2025 में खुशियों ने दस्तक दी है. 15 दिनों के भीतर ड्राइवर के दोनों बेटों ने एमपीपीएससी में सफलता हासिल कर अपने पिता का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है. खंडवा एडीएम काशीराम बडोले के वाहन चालक रूप सिंह सोलंकी के छोटे बेटे ने एमपीपीएससी 2022 की परीक्षा में ट्रेजरी ऑफिसर का पद हासिल किया है. कुछ दिन पहले ही बड़े बेटे ने वन विभाग में रेंजर बनकर पिता को खुशियों की सौगात दी थी. ठीक 15 दिन बाद छोटे बेटे ने भी सफलता की नई कहानी लिख दी है.

बड़े भाई के नक्शे कदम पर चला ऋतिक
खंडवा के पंधाना स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़ने वाले ऋतिक सोलंकी ने खंडवा में अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2020 में ग्रेजुएशन के लिए दिल्ली का रुख किया. बड़े भाई राहुल का 2018 में IIT मुंबई में चयन हो जाने के बाद ऋतिक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की और राज्य प्रशासनिक सेवा परीक्षाओं की तैयारी में जुट गया. 2022 में एमपीपीएससी की परीक्षा में पहली बार शामिल हुआ और तीनों चरणों में सफलता हासिल की. 18 जनवरी 2025 को घोषित परिणाम में ऋतिक को ट्रेजरी ऑफिसर का पद मिला है.

2023 और 2024 की परीक्षा का परिणाम आना बाकी
ऋतिक ने 2022 की एमपीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर ली है. वहीं, 2023 और 2024 के प्रीलिम्स एग्जाम में भी सफलता पाई है. अब 2023 और 2024 के मेंस एग्जाम 2025 में आयोजित होंगे. ऋतिक को उम्मीद है कि वह इन परीक्षाओं में भी बेहतर अंक लाकर और भी उत्कृष्ट पद हासिल करेगा.

बड़े भाई राहुल ने इंजीनियर की नौकरी छोड़कर मध्य प्रदेश में सेवा करने की ठानी
ऋतिक के बड़े भाई राहुल ने मुंबई से IIT पास करने के बाद इंजीनियरिंग की नौकरी की, लेकिन उसमें मन नहीं लगा. इसलिए उन्होंने 2024 में मध्य प्रदेश वन विभाग की परीक्षा में शामिल होकर रेंजर का पद हासिल किया. इसका परिणाम भी 15 दिन पहले ही आया.

ऋतिक के पिता ने कहा, अधिकारियों की गाड़ी चलाते हुए मन में रहती थी एक उमंग
ऋतिक के पिता रूप सिंह सोलंकी ने Local 18 से फोन पर कहा कि वह कभी एसडीएम की गाड़ी चलाते हैं तो कभी एडीएम की या किसी अन्य डिप्टी कलेक्टर की. ड्यूटी अलग-अलग हिसाब से तय होती है. अधिकारियों को जब भी भ्रमण के लिए कहीं ले जाते थे, तो उनके सफरनामे की बातें अपने बच्चों को करीब 10 साल पहले बताई थीं. तभी बच्चों ने प्रण कर लिया था कि मध्य प्रदेश में बड़े पद पर सुशोभित होकर अपने पिता का सम्मान बढ़ाएंगे. आज बच्चों ने अपने पिता का सम्मान बढ़ा दिया है. पहले खंडवा एसडीएम की गाड़ी चलाने वाले रूप सिंह अब अपने बेटों की गाड़ी में घूमने को तैयार हैं.

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पिता चलाते हैं ADM की गाड़ी, अफसरों के किस्से सुनकर बड़ा बेटा बना ऑफिसर


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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