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Swati Singh of Satna secured post of Deputy Collector with 7th rank in MPPSC know Swati Singh 5 special success tips that can make topper

Agency:News18 Madhya Pradesh

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Swati Singh of Satna: सतना की स्वाति सिंह ने चौथे प्रयास में MPPSC परीक्षा में 7वीं रैंक हासिल कर डिप्टी कलेक्टर बनकर सफलता की नई मिसाल पेश की. स्वाति ने अपनी मेहनत, समय प्रबंधन और शेड्यूल का सही तरीके से पालन …और पढ़ें

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किसान की बेटी स्वाति सिंह ने चौथे प्रयास में हासिल किया डिप्टी कलेक्टर का पद

सतना. लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा परीक्षा 2022 के हाल ही में घोषित परिणामों में सतना जिले के दलदल गांव की स्वाति सिंह ने डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित होकर प्रदेश में सातवीं रैंक हासिल की है. एक छोटे से गांव से आने वाली स्वाति ने अपनी मेहनत और परिवार के समर्थन से यह मुकाम पाया. किसान पिता और गृहिणी मां की बेटी स्वाति ने चौथे प्रयास में सफलता हासिल की. स्वाति ने लोकल 18 से अपने पढ़ाई के दौरान के कुछ अनुभव साझा किए, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभागियों के लिए सफलता की कुंजी साबित हो सकते हैं.

शिक्षा और संघर्ष का सफर
स्वाति ने अपनी शुरुआती पढ़ाई सीएमए स्कूल सतना से की और पीसीएम विषय के साथ 12वीं की पढ़ाई पूरी की. MPPSC की तैयारी के दौरान उन्होंने 2017 से पढ़ाई शुरू की और 8 महीने यूपीएससी की कोचिंग लेने के बाद एमपीपीएससी की पूरी तैयारी सेल्फ स्टडी से की. तीन बार असफल होने के बावजूद, स्वाति ने हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में डिप्टी कलेक्टर बनने का सपना पूरा किया.

समय प्रबंधन और शेड्यूल
स्वाति ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि खाने, सोने के अलावा जो भी समय बचता था, वह पूरी तरह पढ़ाई में लगी रहती थीं. उनका मानना है कि इंटरव्यू में आपकी पर्सनालिटी और समग्र ज्ञान का परीक्षण होता है. तैयारी के दौरान उन्होंने गुरुजनों का मार्गदर्शन लिया, जिससे सफलता के रास्ते आसान हुए.

महिला सशक्तिकरण पर रहेगा फोकस
डिप्टी कलेक्टर बनने के बाद स्वाति ने शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने की बात कही. उनका कहना है कि पूरी एनर्जी के साथ मेहनत करने पर सफलता जरूर मिलती है, चाहे देर से ही क्यों न मिले.

अभ्यर्थियों के लिए संदेश
स्वाति ने अन्य अभ्यर्थियों को संदेश दिया कि निरंतर प्रयास और सकारात्मक दृष्टिकोण से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. उन्होंने कहा, “सफलता में भले समय लगे, लेकिन अगर लगन सच्ची हो तो मंजिल जरूर मिलती है.” सतना की स्वाति सिंह की यह सफलता न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा है.

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4 प्रयासों के बाद डिप्टी कलेक्टर बनी स्वाति सिंह, जानें सफलता के 5 खास टिप्स


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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