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बैग में रखता वर्दी और खुद को बताता आईपीएस अधिकारी, पर निकला बड़े कांड का मास्टरमाइंड, फेक IPS केस में बड़ा खुलासा

हाइलाइट्स

रियल लाइफ में फर्जी आईपीएस और रील लाइफ में फेक आईपीएस के बड़े कांड. मिथलेश कुमार नौकरी दिलाने के नाम पर कर चुका है बड़ी ठगी, लाखों रुपये वसूले. दो लाख रुपये में आईपीएस बनने की भी मिथलेश कुमार ने गढ़ी थी मनगढंत कहानी.

जमुई. पुलिस वर्दी पहन फर्जी आईपीएस बन कर घूमने वाले जिस मिथिलेश कुमार के बारे में पुलिस ने खुलासा कर बताया था कि उसने आईपीएस बनने के लिए किसी को दो लाख नहीं दिया था. वह खुद पुलिस की वर्दी सिलवा फर्जी आईपीएस बन गया था. मिथिलेश के बारे में यह मामला सामने आया है कि मासूम सा दिखने वाला यह लड़का काफी शातिर और चालाक है. फर्जी आईपीएस बनने के लिए 2 लाख देने की मनगढ़ंत कहानी गढ़ दी, लेकिन रियल लाइफ में वह दूसरों को नौकरी दिलाने के नाम पर अब तक लाखों रुपए की ठगी कर चुका है. इसके शिकार लगभग आधा दर्जन लोग बन चुके हैं.

कुछ युवकों को रेलवे में नौकरी दिलाने का दिलासा देते हुए उसने रेलवे गार्ड की झंडी भी दे दी कि उसकी नौकरी लग गई. फर्जी आईपीएस मिथिलेश का फर्जीवाड़ा को लेकर कुछ लोगों ने सिकंदरा थाना में पुलिस को आवेदन भी दिया है. अब मिथिलेश कुमार के बारे में एक नया मामला सामने आया है. मिथिलेश नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का काम अपने फूफा सोखो मांझी के साथ मिलकर किया है.

फर्जी आईपीएस की पूरी फर्जी कहानी
बताया जा रहा है कि मिथिलेश के फूफा सोखो मांझी अपने गांव लखीसराय जिले के गेरुआ के अपने ही समाज के लोगो से ठगी किया है, लालजीत मांझी का कहना है कि नौकरी के नाम पर ठगी करते हुए मिथिलेश ने दूसरे एक लाख 5 हजार रुपया लिया है, मिथलेश ने उसे बताया था कि वह रेलवे विभाग में नौकरी दिलवा देगा वह एसपी बन गया है. लालजीत ने तब मिथलेश से बताया था कि वह तो पढ़ा लिखा नहीं है तो मिथलेश ने कहा था कि वह भी तो पढ़ा लिखा नहीं है. आईपीएस बना कि नहीं, उसकी नौकरी रेलवे में पक्की है, 2 लाख लगेंगे, नौकरी नहीं लगी तो अब रुपए वापस मांगते हैं तो वह फरार है. पता चला कि वह फर्जी आईपीएस है, तब पुलिस से जाकर गुहार लगाई है.

जमुई में 20 सितंबर को सामने आई थी इस फर्जी आईपीएस की कहानी जिसने काफी सुर्खियां बटोरी थी.

खुद को बताता आईपीएस अधिकारी और…
ठगी के एक और शिकार प्रवीण मांझी ने बताया कि सोखो मांझी ने उसकी मुलाकात मिथिलेश से करवाई थी, रेलवे में नौकरी दिलाने के लिए उससे कई बार कर के कुल 90 हजार ले लिये गए. मिथिलेश खुद प्रवीण के घर जाता था और रुपए लेकर आता था, मिथिलेश खुद को आईपीएस अधिकारी बताता था और वर्दी एक बैग में रखता था. प्रवीण मांझी ने यह भी कहा कि मिथिलेश जमुई स्टेशन पर रेलवे टिकट काउंटर पर उसे ले गया था और बतलाया था कि यहीं तुम्हारी नौकरी लगेगी. प्रवीण का कहना है कि जब उसे पता चला कि मिथिलेश फर्जी आईपीएस है और जब उसे अपने रुपए की वापस की मांग की तो वह मेरे नंबर को ब्लॉक कर दिया है.

पुलिस ने मामला जान लिया, अब एक्शन की बारी
एक और युवक जयराम मांझी ने बताया कि मिथिलेश के साथ सोखो मांझी नाम का एक शख्स आया था जो वह जो उसका फूफा है. उसने बताया कि यह एसपी है, तुम्हें रेलवे में नौकरी लगा देगा. डेढ़ लाख रुपए की मांग की गई, इसके बदले अभी तक वह 12 हजार दिया है. ठगी के इस मामले में कुछ लोगों ने सिकन्दरा थाना में आवेदन दिया है. चूंकि मिथिलेश की लखीसराय जिले के हलसी इलाके का रहने वाला है और ठगी आरोप लगाने वाले भी इस संबंध में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है.

पटना के मरीन ड्राइव पर जाकर रील्स बनाता है फर्जी आईपीएस मिथिलेश कुमार.

पटना के मरीन ड्राइव पर बनाता है रील्स
रियल लाइफ में फर्जी आईपीएस बनकर घूमने वाला मिथिलेश अब रिल लाइफ में भी फर्जी आईपीएस बन गया है. मतलब ‘फेक आईपीएस’ टाइटल के साथ अब वह मूवी भी बन गया है, जिसमें मिथिलेश खुद एक्टिंग कर रहा है और इसका ट्रेलर यूट्यूब पर जारी हुआ है. पुलिस की वर्दी पहन फर्जी आईपीएस बनने के मामला सामने आने के बाद अब तक मिथिलेश अपने सोशल मीडिया पर दर्जनों रील्स बना चुका है, यहां तक की पटना के गंगा किनारे मरीन ड्राइव पर आधा दर्जन लड़कियों के साथ भी रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर चुका है.

पुलिस वर्दी में धरा गया था फर्जी आईपीएस
चर्चा है कि क्या सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए मिथलेश ने कहीं खुद यह साजिश तो नहीं रची थी. चर्चा यह भी हो रही है कि पुलिस और मीडिया के आंख में धूल झोंक कर मिथिलेश घर से फरार हो पटना में लड़कियों के साथ मूवी और रील्स बनाते जा रहा है, जो लोगों को ठगी का शिकार भी बना चुका है, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हो रही. बता दें कि बीते सितंबर महीने में 20 तारीख को जमुई जिले के सिकंदरा पुलिस ने फर्जी आईपीएस मिथिलेश को पुलिस वर्दी में पकड़ा था.

Tags: Bihar crime news, Bihar News, Fraud case


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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