छतरपुर. डिकौली और लखनगुणं खरीदी केंद्र से 2600 बोरी गेहूं की हेराफेरी करने पर अपर कलेक्टर ने भाग्यलक्ष्मी चाकघाट रीवा के ठेकेदार सूर्य प्रताप सिंह को 5 साल के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। अपर कलेक्टर नम: शिवाय अरजरिया की कोर्ट ने अनुबंध शतों के उल्लंघन पर परिवहन ठेकेदार की नागरिक आपूर्ति निगम में जमा 20 लाख की अमानत राशि को भी राजसात कर लिया है। इसके साथ ही एडीएम कोर्ट ने महाराजपुर की नगर पालिका अध्यक्ष सपना खटीक के कॉर्पोरेशन को डिफाल्टर घोषित कर दिया है।
अपर कलेक्टर न्यायालय ने सरकारी गेहूं की हेराफेरी मामले में नागरिक आपूर्ति निगम की जिला प्रबंधक रिंकी साहू की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। एडीएम ने इस मामले अंतिम आदेश पारित करते हुए साफ कहा है कि जिला प्रबंधक की उदासीनता बरतने के कारण गेहूं का सरकारी वेयर हाउस में भंडारण नहीं हो पाया है। एडीएम ने यहां तक कहा है कि यदि नान डीएम सजग होती. तो परिवहन ठेकेदार और पेटी कांट्रेक्टर का यह कृत्य किया जाना संभव नहीं होता। अपर कलेक्टर ने नान की डीएम की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर कार्रवाई के लिए आदेश की प्रति प्रबंधक संचालक स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरिशन भोपाल को भेजी है।
इनका कहना है
परिवहन ठेकेदार और पेटी कांट्रेक्टर को पांच साल के लिए लिस्टेड करने के लिए आदेश दिया है। रखी और खरीफ उपार्जन नीति और अनुबंध का उल्लंघन पाए जाने पर परिवहनकर्ता की 20 लाख की अमानत राशि भी राजसात किए जाने की कार्रवाई की गई है।
नम: शिवाय अरजरिया, अपर कलेक्टर
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संपादक, बुंदेलखंड समाचार
अधिमान्य पत्रकार
मध्यप्रदेश शासन
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