By taking God’s name the ocean of existence is crossed: Sharma | भगवान का नाम लेने से भव सागर पार हो जाता है : शर्मा

राजगढ़एक घंटा पहले
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- आयोजन .13 मंदिरों में एक साथ श्रीमद् भागवत कथा का हो रहा वाचन, सुनने पहुंच रहे श्रोता
प्रभु का नाम रूप मंगलमय है। उनकी लीला आनंद मय है। भगवान का नाम लेने से भव सागर से मनुष्य पार हो जाता है। जब-जब कलयुग बड़ा तब तक भगवान को अवतार लेना पड़ा और पापियों का वध किया।
उक्त प्रवचन सेन समाज के मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में पं. महेशचंद्र शास्त्री ने बात कही। कलयुग केवल नाम नाम आधार जो मनुष्य इस कलयुग में भगवान का नाम लेगा वो भी भवसागर से पार हो जाएगा। कष्ट हर मनुष्य को मिलता है। भागवत का जन्म हुआ वो भी जेल में जन्म के बाद ही माता-पिता से अलग रहना पड़ा। हमें जरा सा कष्ट होता है, तो हम घबरा जाते हैं। लेकिन भगवान को भी इस धरती पर कष्ट उठाना पड़ा। उक्त प्रवचन श्रीकृष्ण मंदिर श्री क्षत्रिय राजपूत मंदिर पर चले रहे कथा में पं. कृष्णकांत शर्मा छड़ावद वाले ने कहे।
श्रीमद् भागवत कथा में मंगलवार चौथे दिन श्री सहकारी राम मंदिर पर कथा वाचन पं. सुनील शास्त्री भानगढ़ वाले ने कथा के दौरान कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को जन्म इसलिए लेना पड़ा। क्योंकि धरती पर अधर्मियों कि बोलबाला हो गया था। धर्म एवं साधु संत संकट में पड़ गए थे। इसलिए सनातन धर्म की रक्षा के लिए कारागार में जन्म लिया और आतताईयों को मारकर के धर्म की स्थापना की। वहीं धर्म की रक्षा के लिए स्वयं अपने मामा कंस को मारकर अपने माता-पिता को कारागार से मुक्त करवाया। नगर के सभी मंदिरों में एक साथ दोपहर 3 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया। जिसमें भक्तों द्वारा मंदिर में नंद के आनंद भयो जय कन्हैयालाल की के नारों से मंदिर गुंज उठे। एक दूसरे को हल्दी भी लगाई गई।
वहीं महाआरती व महाप्रसादी का वितरण सभी मंदिरों पर किया गया। बाद में जन्म जुलूस का आयोजन किया गया। जिसमें महिला भगवान लड्डू गोपाल को सिर पर उठाकर रही थीं, तो बालिका व महिला नाच गा रही थीं। इस दौरान जगह-जगह स्वागत भी किया गया। श्री चारभुजा युवा मंच के अध्यक्ष महेश राठौड़ ने बताया कि 13 मंदिरों पर एकसाथ श्रीमद् भागवत कथा जारी है। जिसमें 27 सितम्बर को शाम 7 बजे से माताजी मन्दिर से धर्म ध्वजा लेकर वाहन रैली का आयोजन किया जाएगा।
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