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केजरीवाल फिर मारेंगे झाड़ू, चप्पल- मफलर भी आएगा नजर, खाली करेंगे ‘शीशमहल’, लौटाएंगे Z Plus सुरक्षा? जानिए सबकुछ

नई दिल्ली. ‘मैं अरविंद केजरीवाल ईश्वर की शपथ लेता हूं कि मेरा कोई विधायक, मंत्री या मुख्यमंत्री बनने पर स्वयं लाल बत्ती वाली कार, सरकारी बंगला और सुरक्षा कवर नहीं लूंगा.’ ये बातें अरविंद केजरीवाल एक बार नहीं बल्कि, कई मौकों पर बोल चुके हैं. एक बार फिर से यही मुद्दा दिल्ली के राजनीतिक गलियारे में अगले कुछ दिनों तक गूंजे तो आप हैरान न होना. दरअसल, अरविंद केजरीवाल सीएम आवास, जिसे बिपक्षी पार्टियां ‘शीशमहल’ कहती है, पंजाब सरकार की जेड प्लस सिक्योरिटी और दिल्ली पुलिस की सिक्योरिटी भी छोड़कर आम आदमी की तरह गुजरबसर करेंगे.

बीते 10 सालों तक आम आदमी से खास आदमी हो चुके अरविंद केजरीवाल एक बार फिर से आम आदमी बनने की राह पर चलने की तैयारी कर रहे हैं. यह बात कोई और नहीं उनके करीबियों में से एक राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा है. सिंह ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल अपना सरकारी आवास खाली कर आम आदमी की तरह अब रहेंगे. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सचमुच केजरीवाल ‘शीशमहल’, लग्जरी गाड़ियां, वीआईपी सुरक्षा और सरकारी सुविधाओं को परित्याग कर देंगे? क्या पंजाब सरकार अरविंद केजरीवाल की जेड प्लस कैटेगरी की सुरक्षा वापस ले लेगी?

केजरीवाल के पुराने दिन फिर लौटेंगे?
क्या केजरीवाल को जनता अब पैरों में चप्पल, गले में मफलर, शर्ट का बटन खुला होना और केजुअल पेंट पहनते हुए एक बार फिर से देखना चाहती है? वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक संजीव पांडेय कहते हैं, ‘अरविंद केजरीवाल जब सीएम पद पर नहीं रहेंगे तो वैसे भी उन्हें सीएम के तौर पर मिलने वाली सारी सुविधाएं वापस ले ली जाएंगी. ऐसे में घर और सुरक्षा तो औपचाकिता मात्र है. पंजाब सरकार ने उन्हें जेड प्लस की सुरक्षा दे रखी है. क्या वो भी वापस करेंगे? मुझे लगता है कि इस औपचारिकता को आम आदमी पार्टी और उसके नेता इवेंट बनाने में लग गए हैं. शीशमहल छोड़ने, सुरक्षा छोड़ने से 10 वर्षों में उनके नेतृत्व में किए गए भ्रष्टाचार और सरकारी विभागों के घोटालों के दाग धोना मुश्किल होगा.’

क्या कहते हैं राजनीतिक विरोधी
दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव न्यूज 18 हिंदी के साथ बातचीत में कहते हैं, ‘आम आदमी पार्टी के नेताओं के द्वारा केजरीवाल के इस्तीफे के बाद से ही महान बनाने की कोशिश चल रही है. 10 सालों तक शीशमहल और जेड प्लस कैटेगरी जैसी सुरक्षा घेरे में रहने वाला शख्स चुनाव आ गया तो ड्रामा शुरू कर दिया है. संजय सिंह का ये कहना है कि केजरीवाल घर और सुरक्षा छोड़ेंगे और आम आदमी की तरह रहेंगे, यह पूरी तरह से गुमराह करने वाला बयान है.’

मफलर और चप्पल बन गई थी पहचान
आपको बता दें कि शुरुआती दिनों में केजरीवाल पुलिस की सुरक्षा लेने से मना कर दिया था. लेकिन, बार-बार सुरक्षा में चूक और एक-दो बार हमला होने के बाद दिल्‍ली पुलिस के जवान और अफसर उनकी सुरक्षा में दिन-रात मुस्‍तैद रहते हैं. अगर दिल्ली पुलिस की बात करें तो केजरीवाल की सुरक्षा में ही तकरीबन 22 जवान तैनात रहते हैं. अरविंद केजरीवाल के रुट पर यानी रास्ता, आवास, ऑफिस, अन्य कार्यक्रमों की बात करें तो औसतन दिन में उनकी सुरक्षा पर लगभग 1000 जवान तैनात रहते हैं.

अभी जेड प्लस सिक्योरिटी में चलते हैं
पंजाब पुलिस की जेड प्लस सुरक्षा की बात तो छोड़ दीजिए. अमूमन केंद्र सरकार के द्वारा दिया जाने वाला जेड प्लस सिक्योरिटी में 10 से ज़्यादा नेशनल सिक्योरिटी गार्ड , कमांडो और पुलिस कर्मियों समेत कुल 55 सुरक्षाकर्मी होते हैं. ये सभी कमांडो 24 घंटे अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा करते हैं. एक शिफ्ट 8 घंटे की होती है. इससे आप अंदाजा लगा सकते है कि तीन शिफ्ट में कितने जवान होंगे.

अरविंद केजरीवाल का ये है सुरक्षा घेरा
अरविंद केजरीवाल हमेशा घेरे में रहते हैं. चार-पांच जवान हमेशा उनकी कार के पीछे चलते हैं. पहले दिल्ली पुलिस के 6 कमांडो भी केजरीवाल की सुरक्षा में तैनात रहते थे, लेकिन उनमें से 4 को हटा लिया गया है. वहीं, पंजाब पुलिस की बात करें तो अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा में तकरीबन 2 हजार जवान तैनात हैं, जो तीनों शिफ्ट में काम करते हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि पूर्वी दिल्ली के सुंदर नगरी और नंदनगरी के झुग्गियों में रात गुजारने का दावा करने वाले आम आदमी पार्टी के मुखिया क्या एक बार फिर से झुग्गी पॉलिटिक्स शुरू करने वाले हैं?

Tags: Aam aadmi party, Arvind kejriwal


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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