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लर्निंग के इस स्पेशल तरीके से लॉकडाउन में छोटे शहरों के डेढ़ करोड़ छात्रों तक पहुंची शिक्षा – News18 हिंदी

नई दिल्ली. महामारी की वजह से पूरे साल स्कूल-कॉलेज में पढ़ाई नहीं हो पाई. ज्यादातर ऑनलाइन शिक्षा के जरिए छात्रों को पढ़ाया गया. लेकिन छोटे शहरों यानी टियर-टू व थ्री में डिवाइस से लेकर कई तरह की समस्या थी. इसे देखते हुए ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफार्म कॉन्वेजीनियस ने नया इनोवेशन किया.
दूसरे एडटेक से हटकर कॉन्वेजीनियस ने अपने मौजूदा सॉल्युशन को पैरेंट-बेस्ड ऑफरिंग में बदलने का फैसला किया, जिससे टैबलेट-बेस्ड लर्निंग को व्हाट्सएप पर ले जाया गया. इससे वायरस के फैलने के दौरान भी घर से फोन के जरिए चैट-बेस्ड टीचिंग से छात्र सीख सकते थे. इसके जरिए कॉन्वेजीनियस ने महज 11 महीने में डेढ़ करोड़ से ज्यादा छात्रों को एजुकेशन दी.
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एडटेक प्लेटफॉर्म के आउटरीच को बढ़ावा दिया
कॉन्वेजीनियस में वीपी-ऑपरेशंस विप्रव चौधरी बताते हैं कि कोविड-19 के दौरान, डिजिटल उपकरणों की उपलब्धिता भारत में ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों के लिए शिक्षा में एक बड़ी अड़चन थी. उन्होंने कहा, महामारी के कारण होने वाले टेक्नोलॉजिकल शिफ्ट की पृष्ठभूमि में सोशल एंटरप्राइज

टेबलेट-आधारित अडाप्टिव लर्निंग से चैटबॉट-असिस्टेड टीचिंग और लर्निंग की ओर गया है और इसने एडटेक प्लेटफॉर्म के आउटरीच को बढ़ावा दिया है.
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पांच करोड़ छात्रों तक पहुंचने का लक्ष्य
2014 में अपनी स्थापना के बाद से स्टार्टअप ने माइकल और सुसान डेल फाउंडेशन (MSDF), बेनोरी वेंचर्स, इनेबलर्स, और आशीष गुप्ता, संस्थापक और ट्रस्टी, अशोका विश्वविद्यालय जैसे अन्य लोगों और संस्थागत निवेशकों से 20 करोड़ रुपए की फंडिंग जुटाई है. वित्त वर्ष 2019-20 में इसका वार्षिक राजस्व 18.4 करोड़ रुपए था. शिक्षा क्षेत्र में महामारी से होने वाले परिवर्तनों के बावजूद कॉन्वेजीनियस 2021 में मध्यम और निम्न-आय वाले परिवारों के 4-5 करोड़ छात्रों तक पहुंचने का विकल्प देख रही है, जो कंपनी के ‘एडटेक फॉर नया भारत (ईटीएनबी)’ मिशन का हिस्सा है.
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टेक्नोलॉजी बदलाव से इस तरह से छात्रों को हुई सुविधा
कॉन्वेजीनियस टीम ने अपने सॉल्युशन में व्हाट्सएप एपीआई को एकीकृत कर और घर से पढ़ाई करने वाले छात्रों को सूचना और सामग्री की छोटी-छोटी जानकारी देने के लिए मैसेंजर फ़ंक्शन का उपयोग करके लर्निंग के चैटबॉट-बेस्ड मॉडल को अपनाया. यह मॉडल वायरस के प्रकोप से सामने आई डिवाइस (टैबलेट / पीसी) असमानता से प्रेरित था. साथ ही सभी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के भारतीय घरों में व्हाट्सएप की आश्चर्यजनक सर्वव्यापकता थी. इस ऐप के सुपर-फ्रेंडली इंटरफेस ने आगे चलकर छात्रों को क्वारेंटाइन रहकर पढ़ाई करने और उनके अभिभावकों को अपने बच्चों की लर्निंग प्रोग्रेस पर नजर रखने और उसमें भाग लेने के लिए आदर्श सॉल्युशन बनाया. मई 2020 में चैट-बेस्ड टीचिंग और लर्निंग प्लेटफॉर्म के लॉन्च के बाद से कॉन्वेजीनियस अब 10 भाषाओं के साथ 1.5 करोड़ छात्रों तक पहुंच गया है, जिसमें व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म के माध्यम से लर्निंग सत्र 98% पूरा होने की साप्ताहिक दर तक पहुंच रहे हैं.

Tags: Education, Education news, Online education


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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