Truth of fake robbery story | फर्जी लूट की कहानी का सच: आरोपी बोला- कैंसर से पीड़ित हूं, पत्नी का भी करवाना था इलाज, 2 मिनट में बनाया प्लान, पुलिस ने पकड़ लिया – Jabalpur News

शुक्रवार को 9 लाख रुपए की फर्जी लूट की रिपोर्ट लिखाने के मामले में जबलपुर पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों ही एक गैस एजेंसी में एजेंट और हाॅकर का काम किया करते थे। पुलिस ने आरोपियों से वो 9 लाख रुपए भी बरामद कर लिए हैं, जिसे लूट का नाम द
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वारदात का प्लान बनाने वाले गैस एजेंट जितेश पिल्ले (48) ने पुलिस को बताया कि वह कैंसर और किडनी की बीमारी से पीड़ित है। पत्नी भी मानसिक रूप से बीमार है। उसका इलाज चल रहा है। महज 15 से 18 हजार रुपए की सैलरी में न ही खुद का इलाज हो पा रहा था, न ही पत्नी का। बेटी की पढ़ाई भी बंद होने की कगार पर पहुंच गई थी। रुपए की बहुत ज्यादा जरूरत थी, इसीलिए फर्जी लूट का प्लान बनाया था।
ये था घटनाक्रम
सिविल लाइन में स्थित गैलेक्सी गैस एजेंसी के मैनेजर संतोष सोनी ने जितेश पिल्ले को विजय नगर मुस्कान सिटी में रहने वाले आर.के पोद्दार को 9 लाख रुपए लेने के लिए भेजा था। जितेश पिल्ले के साथ जबलपुर कांचघर में रहने वाला प्रेम यादव भी था। दोनों दोपहर करीब पांच बजे आर.के पोद्दार के घर पहुंचे और रुपए लेकर एक बैग में रखा और वापस आने लगे। दोनों एमआर-4 रोड़ पहुंचे थे कि जितेश पिल्ले ने अचानक ही बाइक रोकी और प्रेम से लूट की कहानी बनाकर रुपए आपस में बांट लेने की बात कही, प्रेम प्लान में शामिल हो गया। इसके बाद दोनों विजय नगर में सड़क किनारे बैठकर कहानी बनाने लगे, करीब 40 मिनट के बाद प्लान बना तैयार किया। जितेश ने सबसे पहले प्रेम से कहा कि 9 लाख में से 5 लाख मेरे और 4 लाख रुपए तुम्हारे होंगे,प्रेम इसके लिए तैयार हो गया। इसके बाद जितेश प्रेम को लेकर अपने घर सदर गया और रुपए छिपा दिए। जितेश जानता था कि पुलिस जब लूट की जांच करेगी तो मोबाइल लोकेशन भी ट्रेस करेगी, इसलिए उसने अपना मोबाइल कैंट क्षेत्र में बंद कर लिया। जितेश प्रेम को लेकर फिर से एमआर-4 रोड़ पहुंचा और एक चाय वाले का मोबाइल लेकर मैनेजर संतोष को लूट की घटना बताई। रात साढ़े सात बजे मैनेजर जितेश और प्रेम के साथ शिकायत दर्ज करवाने यादव काॅलोनी पुलिस चौकी पहुंचा और बताया कि एमआर-4 रोड़ में एक्टिवा में आए दो लड़को ने आंखो में मिर्च ड़ालकर पिस्टल की नोक पर 9 लाख रुपए लूटकर आईएसबीटी तरफ भाग गए है। चौकी प्रभारी ने घटना की जानकारी तुरंत ही एएसपी और सीएसपी को दी।
मौके पर पहुंचे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी
जिस एमआर-4 रोड़ के पास दिन दहाड़े 9 लाख रुपए लूट की घटना हुई थी, वह शहर का सबसे पाॅश इलाका है, लिहाजा एएसपी सोनाक्षी सक्सेना,सीएसपी रितेश सिंह शिव मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले पर कही से ऐसा नहीं मिला कि लूट जैसी घटना हुई हो। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर यादव कालोनी और विजय नगर तक में लगे कई कैमरे खंगाले डाले पर एक्टिवा में सावर लुटेरे कहीं भी नजर नहीं आए। पुलिस जितेश और प्रेम को पूछताछ के लिए चौकी लेकर आई और दोनों से अलग-अलग जब पूछताछ की तो उनके बयान बदले थे। जितेश ने पुलिस को बताया कि विजयनगर से जब रुपए लेकर गैंस कंपनी जा रहा थे, तभी एमआर-4 रोड़ में सामने से दो लड़के एक्टिवा में सवार होकर आए और आंखो में मिर्च पाउड़र ड़ालकर पिस्टल की नोक पर 9 लाख रूपए लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने जितेश के बाद जब प्रेम से पूछताछ की तो उसने कहा कि पीछे से लड़के और आचानक गाड़ी को सामने लगा दिया और मिर्च पाउड़र ड़ाल दिया। दोनों के बयान पर पुलिस को जब शक हुआ और कड़ाई से पूछताछ की तो जितेश और प्रेम ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
ऐसे हुआ पुलिस को शक
जितेश ने जब फर्जी लूट की कहानी बनाई थी तो जल्दबाजी में प्रेम को यह बताना भूल गया था कि जब पुलिस घटना को लेकर पूछताछ करे एक जैसी बात ही बताना है। जितेश ने लूट की जो घटना पुलिस को बताई उसके बिल्कुल विपरित प्रेम ने पुलिस को बयान दिया। दोनों की बाते अलग-अलग थी। पुलिस ने जांच के दौरान यह भी पाया कि जितेश ने हेलमेट और चश्मा लगा रखा था, इसके बाद भी इतनी असानी से बीच सड़क पर कैसे लूट हो गई। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में रुपए से भरा बैग ले जाते हुई भी कई जगह दोनों नजर आए थे।
कैंसर का मरीज है जितेश-हार्ट की हुई सर्जरी
48 वर्षीय जितेश ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि रूपए की बहुत जरूरत थी, इसलिए उसने फर्जी लूट का प्लान बनाया था। जितेश ने बताया कि जैसे ही उसके हाथ में 9 लाख रुपए आए, उसी पल उसने सोच लिया कि इस रूपए से वह अपना और पत्नी का इलाज करवाएगा। बेटी की पढ़ाई बंद हो गई है, तो यह पैसा उसमें भी काम आ जाएगा। जितेश को लंग्स का कैंसर के अलावा किड़नी की भी बीमारी है, हाल ही में हार्ट का आपरेशन भी हुआ है। जितेश का कहना है कि पत्नी भी मानसिक रूप से बीमार है, जिसका इलाज मेडिकल कालेज में चल रहा है। महज 15 ले 18 हजार रूपए की नौकरी में ना ही घर चल रहा था और ना ही इलाज हो पा रहा था। दिन पर दिन पत्नी की तबियत भी बिगड़ रही थी। ये तमाम ख्याल महज चंद मिनट में आए और फिर सोच लिया कि फर्जी लूट की कहानी बनाकर इन पैसों से इलाज करवाएगा।
दोनों को भेजा गया है जेल
यादव कालोनी चौकी प्रभारी सतीष झारिया ने बताया कि जितेश और प्रेम को गिरफ्तार करने के बाद लूट का बहाना बनाकर घर में छिपा रखे 9 लाख रुपए बरामद कर लिए गए है। वारदात में प्रयुक्त बाइक भी जब्त कर दोनों को कोर्ट में पेश किया गया है, जहां से उन्हें जेल भेजा गया है। पुलिस भी मान रही है कि जितेश की परावारिक स्थिती ठीक नहीं थी। स्वंय के साथ साथ उसकी पत्नी भी बीमार थी जिसके चलते उसने लूट की फर्जी कहानी बनाई थी।
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