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नए कलेक्टर संदीप जी आर के लिए छतरपुर की कलेक्टरी चुनौतीपूर्ण

छतरपुर। छतरपुर के कलेक्टर संदीप जी आर को प्रथम जिले की कलेक्टरी की कमान मिली है और यह सौभाग्य है कि छतरपुर जिले में जो भी कलेक्टर आते हैं उन्हें यहां प्रयोगशाला के रूप में देखा जाता है। यदि छतरपुर में कोई कलेक्टर सफलता पूर्वक काम करके निकल जाता है तो वह पूरे प्रदेश में लगातार सफलता के शिखर तक पहुंचता है। छतरपुर के तत्कालीन कलेक्टर एमके राउत ने कहा था कि छतरपुर जिले में कलेक्टरी करना कलेक्टरों के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य है और यदि छतरपुर में कोई कलेक्टर सफल हो जाता है तो वह अपनी पूरी सर्विस में सफलता के लिए नए नए आयाम कायम करता है। नए कलेक्टर संदीप जी आर को भी मप्र सरकार ने पहली बार कलेक्टर बनाकर भेजा है और उनके लिए भी कलेक्टरी चुनौती पूर्ण रहेगी। छतरपुर जिले में तीन सांसदों का सीधा जुड़ाव है इसके अलावा 6 विधायक इस जिले से चुनकर विधानसभा में पहुंचे हैं वहीं प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती का भी छतरपुर जिले से व्यक्तिगत लगाव है और उनका हस्तक्षेप भी प्रशासनिक गलियारों में बना रहता है। इसके अलावा विपक्ष भी काफी मजबूत होने के कारण यहां पर पदस्थ होने वाले कलेक्टरों को काफी समस्याओं से जूझना पड़ता है। इसके अलावा छतरपुर जिले की पत्रकारिता भी मप्र में अपना अलग स्थान बनाए हुए है। छतरपुर के इतिहास में कई कलेक्टर आए और चले गए लेकिन जिन कलेक्टरो ंने छतरपुर में चहुमुखी विकास किया उसमें एमके राउत, आरएस जुलानिया, जेएन कंसोटिया, आजात शत्रु श्रीवास्तव, मसूद अख्तर खा, के अलावा व्हीके बाथम जैसे कलेक्टरों ने छतरपुर की जनता और शहर के विकास में अपना योगदान दिया। सबसे ज्यादा कार्यकाल पूर्ण करने वाले छतरपुर के एक मात्र कलेक्टर मसूद अख्तर थे जिन्होंने तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण किया था। वर्तमान में वह इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनके द्वारा छतरपुर जिले में काफी विकास कार्य कराए गए। वहीं दूसरी ओर कई ऐसे कलेक्टर भी आए जिन्होंने अपना कार्यकाल विवादों और अपने सीमित समय के अनुसार किया। फिलहाल छतरपुर कलेक्टर के लिए छतरपुर जिला चुनौती भरा रहेगा। उनसे उम्मीद है कि वह छतरपुर जिले में अच्छा कार्यकाल पूर्ण करें और मप्र में अपनी अच्छी छवि निर्मित करें। फिलहाल छतरपुर कलेक्टर संदीप जी आर को लेकर छतरपुर की जनता को काफी आशाएं हैं देखना है कि वह अपने कार्यकाल में कितने सफल हो पाते हैं हालंकि उनकी कार्यशैली अभी काफी ठीक दिख रही है। 

एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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