लोकसभा चुनाव में रात साढ़े 9 बजे तक वोटिंग… यह सच है, कहां और क्यों हुई इतनी देर तक वोटिंग?

मुंबई. आपने सुना होगा और खुद देखा भी होगा कि वोटिंग शाम 6 बजे तक होती है और जो वोटर्स लाइन में लगे होते हैं उनको वोटिंग करने की इजजात दी जाती है. ऐसे में अमूमन वोटिंग ज्यादा से ज्यादा 7 बजे तक खत्म हो जाती है. पर महाराष्ट्र के पालघर लोकसभा सीट पर एक बड़ा ही अजीब वाकया सामने आया है. यहां तीन पोलिंग स्टेशन पर रात साढ़े 9 बजे तक वोटिंग होती रही. बताया जा रहा है कि इतने लोग लाइन में थे कि सबको अपने माताधिकार का उपयोग करते-करते साढ़े 9 बज गए. इसकी एक बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि गर्मी के चलते लोग देर शाम को वोटिंग करने के लिए पोलिंग स्टेशन पर आए.
मिड-डे के रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव अधिकारियों ने कहा कि कई वोटर्स मतदान खत्म होने के कुछ समय पहले ही पोलिंग बूथ पर पहुंचे और ईवीएम द्वारा वोट रिकॉर्ड करने की धीमी गति के कारण समय मतदान करने का समय बढ़ाना पड़ा. रिपोर्ट के अनुसार, दहानू के मतदान केंद्र पर काफी अव्यवस्था भी थी, क्योंकि कई बूथों पर पंखें तक नहीं थे, जिसके कारण वोटर्स को अपना मतदान करने के लिए काफी पसीना बहाना पड़ा. इतना ही नहीं सोमवार दोपहर भयंकर गर्मी के चलते वसई में एक वोटर बेहोश भी हो गया था. वोटर के बेहोश होने के बाद वहां कोई स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं था, इसलिए मतदान केंद्र के अधिकारियों द्वारा मतदाता को उसके हाथों और पैरों से उठाकर लेकर गए.
पालघर लोकसभा सीट जहां पर रात साढ़े 9 बजे तक वोटिंग हुई. वहां कुल 63.91 फीसदी मतदान हुआ. डिप्टी कलेक्टर विजया जाधव जो सिस्टमेटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन (एसवीईईपी) के नोडल अधिकारी थे. उन्होंने बताया कि रात साढ़े 9 बजे तक मतदान का समय बढ़ाने के लिए विशेष अनुमति मांगी गई थी, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग वोट करने के लिए आए थे. नोडल अधिकारी ने मिड-डे को बताया कि हमें मतदान केंद्र में आने वाले सभी लोगों को मतदान करने की अनुमति देनी थी. इसलिए हमने गेट बंद कर दिया और अंदर आ चुके लोगों को मतदान जारी रखने की अनुमति दी गई. इसके चलते रात 9 बजे के बाद भी वोटिंग चलती रही और ईवीएम पर हर एक वोट को रिकॉर्ड करने में समय लग रहा था.
दिन में मतदान करने आए स्थानीय लोगों का कहना था कि तापमान बढ़ रहा था और सभी को गर्मी महसूस हो रही थी. कुछ मतदान केंद्रों पर पंखे तक नहीं थे, जहां मतदान अधिकारियों को पूरे दिन गर्मी से दो चार होना पड़ा लेकिन वह एक शब्द भी नहीं बोल सके क्योंकि वे सरकारी अधिकारी थे. दहानू के निवासी संजीव जोशी ने कहा कि इसके अलावा, हमें उनकी तकलीफों की फोटो भी नहीं मिल सकीं क्योंकि मतदान केंद्रों के अंदर किसी को भी मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं थी.
बहडोली मतदान केंद्र पर मतदाताओं ने मिड-डे को बताया कि मतदान प्रक्रिया काफी धीमी गति से चली. एक मतदाता ने कहा कि मतदान के दिन रात 8 बजे लगभग 100 लोग कतार में खड़े थे. जिला प्रशासन ने दावा किया कि सभी मतदान केंद्र मेडिकल किट सहित अन्य सुविधाओं से लैस थे. शेड लगाए गए थे ताकि कतारों में खड़े मतदाता थोड़ी छांव के नीचे खड़े हो सकें. इसके अलावा पालघर जिले के प्रत्येक मतदान केंद्र पर पीने के पानी की सुविधा, दवाएं और प्राथमिक चिकित्सा किटें दी गईं.
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FIRST PUBLISHED : May 22, 2024, 16:39 IST
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