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सर्वदलीय बैठक में उठा NEET का मुद्दा, ढाबों के नाम और मणिपुर के हालात पर भी चर्चा की मांग

नई दिल्ली. कांग्रेस ने रविवार को सर्वदलीय बैठक में जोर दिया कि नीट मामले, उत्तर प्रदेश सरकार के भोजनालयों को आदेश और जम्मू तथा मणिपुर में आंतरिक सुरक्षा स्थिति जैसे मुद्दों पर संसद के बजट सत्र के दौरान चर्चा की जानी चाहिए.

कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सदन के नेताओं की सर्वदलीय बैठक में लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने पार्टी की ओर से कई मुद्दे रखे जिन्हें सोमवार से शुरू हो रहे संसद सत्र में उठाया जाना चाहिए.

रमेश ने कहा कि गोगोई ने ‘नीट, नेट मामले, यूपीएससी विवाद, रेलवे सुरक्षा में गिरावट और अग्निवीर’ से संबंधित शासन संबंधी मुद्दों पर चर्चा का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस पर भी जोर दिया कि जम्मू और मणिपुर में आंतरिक सुरक्षा की स्थिति को लेकर सत्र के दौरान चर्चा होनी चाहिए.

रमेश के अनुसार, गोगोई ने बैठक में यह भी कहा कि चीन के साथ सीमा पर चुनौतियों और बाढ़ तथा प्राकृतिक आपदाओं, वनों की कटाई और प्रदूषण से उत्पन्न पर्यावरण संबंधी चिंताओं पर सत्र के दौरान चर्चा की जानी चाहिए. कांग्रेस ने केंद्र-राज्य संबंधों और अर्थव्यवस्था से संबंधित मुद्दों को भी उठाते हुए कहा कि इस पर बहस होनी चाहिए.

बैठक में शामिल रहे रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित ढाबों को मालिकों के नाम प्रदर्शित करने के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों के विवादास्पद निर्देश का हवाला देते हुए पार्टी ने ‘असंवैधानिक आदेश पारित करके उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में ध्रुवीकरण के जानबूझकर किए जा रहे प्रयासों’ के मुद्दे को भी उठाया.

इससे पहले, बैठक शुरू होते ही रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि सर्वदलीय बैठक में जनता दल (यूनाइटेड) के नेता ने बिहार के लिए विशेष श्रेणी का दर्जा देने की मांग की. रमेश ने पोस्ट में कहा, ‘युवजन श्रमिक रायथु कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) नेता ने आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की. अजीब बात रही कि तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के नेता इस मामले पर चुप रहे.’

कांग्रेस नेता ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “राजनीतिक माहौल कैसे बदल गया है! सदन के नेताओं की सर्वदलीय बैठक में बीजू जनता दल (बीजद) के नेता ने रक्षा मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जेपी नड्डा को याद दिलाया कि ओडिशा में 2014 के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के घोषणापत्र में राज्य को विशेष श्रेणी का दर्जा देने का वादा किया गया था.”

रमेश ने ‘एक्स’ पर यह भी लिखा कि यह सार्वभौमिक मांग है कि ‘सेंट्रल हॉल’ को एक बार फिर सांसदों के लिए खोला जाना चाहिए ताकि वे एक-दूसरे से मिल सकें और दलों के बीच संवाद बेहतर हो सके. उन्होंने कहा, “संसद के नए भवन के उद्घाटन के बाद ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल का उपयोग बंद हो गया है.”

रमेश ने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में कहा, “रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सदन के नेताओं की सर्वदलीय बैठक में 24 विभाग-संबंधित स्थायी समितियों के गठन और उन्हें उचित महत्व दिए जाने की सार्वभौमिक मांग की गई. परामर्श समितियों को फिर से शुरू करने की भी सार्वभौमिक मांग है, जहां सांसद संबंधित मंत्रियों के साथ बातचीत कर सकें.”

Tags: BJP, Congress, Jairam ramesh, Parliament session


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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