पिता चलाते हैं छोटी-सी दुकान, बेटा बन गया डिप्टी कमिश्नर, ऐसे पढ़ाई कर क्लियर किया UPSC

विकाश कुमार/बांदा: अगर दिल में कुछ कर सकने का जज्बा हो तो कामयाबी भी आपके कदम चूमती है. ऐसा की कुछ कर दिखाया है उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के एक लाल ने. उन्होंने यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा पास कर पूरे देश में 20वीं रैंक हासिल की. बुंदेलखंड के साथ-साथ अपने जिले का नाम भी रोशन किया है. यूपीएससी की परीक्षा क्लियर करने के बाद उनके घर में खुशी की लहर और बधाई देने वालों का ताता लगा हुआ है. बता दें की यूपीएससी की परीक्षा पास करने वाले इस युवा के पिता मोबाइल रिचार्ज की दुकान चलाते हैं.
यूपीएसी क्लियर करने वाले विवेक कुमार
बांदा जिले के विवेक कुमार गुप्त ने यूपीएससी की परीक्षा पास करके डिप्टी कमिश्नर प्रोवाइडेट का पद हासिल कर लिया है. विवेक शहर कोतवाली के अंतर्गत छोटे बाजार के निवासी है. उनके पिता की मोबाइल रिचार्ज की दुकान है. विवेक की एक छोटी बहन भी है जो झांसी में बीटेक की पढ़ाई कर रही है.
विवेक कुमार का एजुकेशन क्वालिफिकेशन
विवेक ने बी टेक के बाद ही प्राइवेट नौकरी ज्वाइन कर ली थी. इसी के साथ विवेक ने एम टेक किया और प्राइवेट नौकरी करने लगा. केवाइसी अपडेट के दौरान नाम गलत गोने की वजह से विवेक गुप्ता की सैलरी 3 महीने लेट हो गई. इस दौरान उन्हें काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा. तभी उन्होंने यह ठाना की वो ऑफिसर बनेंगे और ऐसी कमियों को दूर करेंगे. ताकि उनके जैसे किसी और को मशक्कत न करनी पड़े. तभी उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की पहले अटेंप्ट में वह फेल हो गए. पर दूसरे अटेम्प्ट में वह पास हो गए और देश में 20वीं रैंक हासिल की है.
खुद नोट्स बनाकर की मेहनत
विवेक बताते हैं की उनकी प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती विद्या मंदिर बांदा से हुई है.उन्होंने केवल इंटरव्यू के लिए कोचिंग ली. बाकी यूपीएससी की तैयारी उन्होंने खुद के नोट्स बनाकर की. विवेक कहते हैं, ‘जो लोग कहते हैं यूपीएससी पास करने के लिए जी तोड़ मेहनत करनी पड़ती है, वह गलत हैं. आपको बस फ्रेश माइंड से खुश रहते हुए तैयारी करनी होगी. रटने वाले इस परीक्षा को कभी पास नहीं कर सकते.’ वहीं उनका कहना है लक भी यूपीएससी में अहम होता है, जो उनका अच्छा था.
FIRST PUBLISHED : July 18, 2024, 15:20 IST
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