Metro ran for the first time between RKMP and AIIMS | RKMP से एम्स के बीच पहली बार दौड़ी मेट्रो: 10 से 20Km प्रतिघंटा रही स्पीड; 3Km की दूरी 12 मिनट में पूरी की – Bhopal News

भोपाल के आरकेएमपी स्टेशन से एम्स की ओर जाती मेट्रो।
भोपाल में रानी कमलापति (RKMP) रेलवे स्टेशन से एम्स के बीच पहली बार मेट्रो दौड़ी। इसकी स्पीड़ 10-20Km प्रतिघंटा की रही। 3 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 12 मिनट में पूरी हुई। इस रूट पर मेट्रो का ट्रायल सफल रहा।
.
अब तक 4 किमी लंबे सुभाषनगर से आरकेएमपी के बीच ही मेट्रो दौड़ रही थी। मंगलवार को आगे के 3 किमी के ट्रैक पर भी मेट्रो का ट्रायल हो गया है। शाम को सबकी निगाहें आरकेएमपी स्टेशन से एम्स की ओर बढ़ रही मेट्रो पर टिकी हुई थी। 10 से 20 किमी की रफ्तार में मेट्रो आगे बढ़ी और अफसरों के चेहरों पर खुशी दिखाई देने लगी। मेट्रो ने 12 मिनट में डीआरएम,अलकापुरी और एम्स स्टेशनकी दूरी पूरी कर ली।
हर स्टेशन पर रुकी मेट्रो मेट्रो का ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी रूट सुभाषनगर से एम्स तक करीब 7 किमी है। सुभाषनगर से आरकेएमपी के बीच 3 अक्टूबर 2023 को पहली बार ट्रायल रन हुआ था। इसके बाद अब तक टेस्टिंग का दौर जारी है। टेस्टिंग में मेट्रो पास भी हो गई। अब आरकेएमपी से एम्स के बीच का ट्रायल भी हो गया। अफसरों ने बताया कि मेट्रो हर स्टेशन पर 2-2 मिनट के लिए रुकी।
आरओबी से गुजरती मेट्रो।
पहली बार आरओबी से गुजरी मेट्रो ट्रेन रानी कमलापति से चलकर ROB (रेलवे ओवर ब्रिज), डीआरएम ऑफिस एवं अलकापुरी स्टेशन होते हुए एम्स स्टेशन पहुंची। बता दें कि आरओबी का काम कुछ महीने पहले ही पूरा हुआ है। इसके बाद ट्रैक बिछाया गया। रेलवे ट्रैक और डीआरएम तिराहे पर दो स्टील ब्रिज बिछाए गए हैं।

मेट्रो डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी स्टेशन होते हुए एम्स तक पहुंची।
90Km तक पहुंचेगी स्पीड मेट्रो कॉरपोरेशन के अफसरों ने बताया कि आरकेएमपी से एम्स के बीच मेट्रो की स्पीड अब बढ़ेगी। अधिकतम स्पीड 90 किमी प्रतिघंटा तक पहुंचेगी। रात में भी टेस्टिंग होगी। ताकि, जब कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम आए तो कॉमर्शियल रन के लिए हरी झंडी मिल सके। बता दें कि मेट्रो ट्रेन (रोलिंग स्टॉक) के एक कोच की लंबाई लगभग 22 मीटर और चौड़ाई लगभग 2.9 मीटर है। इसमें 3 कोच हैं। जिसकी डिजाइन स्पीड 90 किमी प्रति घंटा है।
ट्रायल रन के दौरान यह रहे मौजूद मेट्रो एमडी एस. कृष्ण चैतन्य भी ट्रायल रन के दौरान मौजूद रहे। उन्होंने बाकी बचे कामों को जल्दी पूरा करने के निर्देश भी दिए

Source link