Cow rearing enriched the life of this woman, she started with a cow by taking a loan, she also runs a cooperative society. – News18 हिंदी

कुंदन कुमार/गया: ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन कमाई का सबसे बड़ा स्रोत माना जाता है. सरकार भी दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को गाय पालन करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. इसको लेकर कई सारी योजनाएं भी चल रही है. गाय पालन कर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं की जिंदगी संवर रही है और आत्मनिर्भर बन रही हैं. गया के सुदूरवर्ती बांकेबाजार प्रखंड क्षेत्र के फुलवरिया गांव की रहने वाली अनीता कुमारी भी गाय पालन कर स्वावलंबी बन गई हैं. अनीता की सफलता की कहानी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है. गाय पालन से इनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और इनके बच्चे आज अच्छी जगह से पढ़ाई कर रहे हैं. दो बच्चे इंजीनियरिंग और एग्रीकल्चर जबकि अन्य बेटा बी फार्मा की पढ़ाई कर रहा है.
अनीता ने लोकल 18 को बताया कि 2010 में एक गाय से शुरुआत की थी. उन दिनों समूह से 10 हजार रुपए लोन लेकर एक गाय खरीदी. धीरे-धीरे गाय की संख्या बढ़ती गई और 2023 तक आंकड़ा 35 गाय तक पहुंच गया, लेकिन जगह की कमी के कारण 25 गाय को बेच दिया. फिलहाल 12 गाय है, जिसमें क्रोस साहिवाल, गिर, जर्सी और फ्रिजियन प्रजाति की गाय है. प्रतिदिन 50 लीटर से अधिक दूध उत्पादन होता है. इसके अलावा अनीता मगध दुग्ध उत्पादन सहकारी समिति का संचालन करती है और गांव के अन्य पशुपालक यही दूध बिक्री करते हैं.
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घर वालों ने भी दिया साथ
अनीता ने लोकल 18 को बताया कि 10 हजार रुपए लोन लेकर 8 हजार रुपये में एक गाय और बछड़ा ख़रीदा था. मेहनत करते-करते गाय की संख्या बढ़ती गई और एक ऐसा दिन आया कि 35 गाय तक पहुंच गया. लेकिन 25 गाय को बेच दिया और आज भी पहली गाय के बच्चे हमारे पास मौजूद है. उन्होंने बताया कि गाय पालन ने जिंदगी को संवारने का काम किया है. बच्चे भी अच्छी जगह से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. अन्य महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वैसी महिलाएं जो घर में बैठी रहती हैं और दूसरों के सामने पैसों के लिए हाथ छानते हैं. वे भी व्यवसाय कर अच्छी आय कर सकती हैं. उन्होंने बताया कि पति और पूरे परिवार का सपोर्ट मिलता है.
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Tags: Bihar News, Business, Gaya news, Local18, Success Story
FIRST PUBLISHED : March 5, 2024, 12:54 IST
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