मध्यप्रदेश

The dilapidated wall fell down, the only lamp was extinguished | जर्जर दीवार गिरी, बुझ गया इकलौता चिराग: घर के आंगन में खेल रहा था मासूम, मां के सामने तोड़ा दम – Gwalior News

हादसे के बाद मामा गोद में मासूम का शव ले जाते हुए।

ग्वालियर के थाटीपुर में घर के आंगन में खेल रहा ढाई साल का मासूम दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। जर्जर हो चुकी दीवार उसके ऊपर आ गिरी। मलबे में दबकर मासूम ने मां के सामने ही तड़पते हुए दम तोड़ दिया। हांलाकि परिजन उसे हॉस्पिटल लेकर पहंुचे, लेकिन तब तक देर

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मासूम कुछ दिन पहले ही अपनी मां के साथ नानी के घर आया था। परिजन बच्चे के शव को लेकर अपने घर के लिए रवाना हो गए हैं। इधर पुलिस उनको कॉल कर वापस बुला रही है। जो दीवार गिरी है वह 20 साल से भी ज्यादा पुरानी है।

धरासायी दीवार और पास ही रखी साहिल की साइकिल, जिसे वह चला रहा था।

शहर के थाटीपुर थाना क्षेत्र में दर्पण कॉलोनी भदौरिया मार्केट के पीछे सरकारी क्वार्टर में रहने वाले राकेश बाथम पेशे से एक मजदूर हैं। 3 महीने से राकेश बाथम की बेटी मधु अपने ढाई साल के बेटे साहिल को लेकर पिता के घर रह रही थी। रविवार सुबह 9:00 बजे मधु का बेटा साहिल घर के आंगन में खेल रहा था। उसकी मां और अन्य परिजन घर के काम में व्यस्त थे। तभी सरकारी क्वार्टर में बनी पुरानी जर्जर दीवार आंगन में खेल रहे साहिल पर गिर पड़ी। दीवार गिरने की आवाज सुनते ही बच्चे के परिजन व अन्य पड़ोसी मौके पर पहुंचे तो देखा कि बच्चा दीवार के नीचे दब गया है। इसका पता चलते ही परिजन ने तत्काल दीवार का मलबा हटाकर बच्चे को बाहर निकाला। मासूम को गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर ने बच्चे की नब्ज टटोलने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। दीवार के नीचे दबने से बच्चे के हाथ पैर और सिर में गंभीर चोट आई थीं।
लापरवाही से बुझ गया इकलौता चिराग
पता लगा है कि मधु की शादी 4 साल पहले फिरोजाबाद में रहने वाले इंद्रजीत बाथम के साथ हुई थी। शादी के 1 साल बाद साहिल का जन्म हुआ था। लेकिन 3 महीने पहले मधु का अपने पति से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था और वह अपने बेटे साहिल को लेकर ग्वालियर अपने पिता राकेश के पास आकर रह रही थी। यहां एक पुरानी व जर्जर दीवार अचानक ढह जाने से बच्चा उसकी चपेट में आ गया। परिजन कई बार उस दीवार को सही कराने की सोचते रहे, लेकिन लापरवाही में छोडी दीवार से बुझ गया इकलौता चिराग।
पड़ोसी चश्मदीद मालती ने बताया आंखों देखी घटना
घटना के वक्त मौजूद पड़ोसी महिला मालती यादव वहीं थी मालती ने बताया कि ढाई साल का साहिल, अपने घर के आंगन में खेल रहा था तभी उस पर पुरानी दीवार आ गिरी। दीवार काफी पुरानी थी और उसके नीचे नाली बनी हुई थी। जिससे बच्चा उसमें दब गया। कुछ देर पहले तक उसे साइकिल चलाते देखा था, लेकिन यह नहीं पता था कि उसके साथ पांच मिनट बाद यह हादसा होने वाला है।
मां की हालत खराब
इकलौते बेटे की मौत का पता चलते ही उसकी मां मधु की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। उसकी हालत देखकर परिजन उसे पास ही स्थित एक डॉक्टर के पास ले गए। जिसके बाद उसकी चेतना लौटी है। बच्चे के अपने सामने तड़पते हुए दम तोड़ते देखने के बाद उसके आंसु थम नहीं रहे हैं।
पुलिस को नहीं दी सूचना
घटना के बाद परिजनों ने अभी पुलिस को सूचना नहीं दी है। मृतक बालक का शव लेकर परिजन वापस घर पहुंच गए हैं। इसके बाद वह शहर से बाहर जाने के लिए निकल गए हैं। अब पुलिस परिजन ने संपर्क कर शव को लाने के लिए कह रही है।


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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