मध्यप्रदेश

Girlfriend’s murder revealed by car accident, boyfriend commits suicide: He was angry because girlfriend posted her husband’s photo on social site, was going to dispose of the body by cutting it into pieces | गर्लफ्रेंड की पति के साथ फोटो देखी…और कर दिया कत्ल: 150 किमी दूर लाश के टुकड़े करने ले गया, राज खुला तो किया सुसाइड – Madhya Pradesh News

तारीख 22 जून। स्थान: उमरिया जिले का खामा बैरियर। समय : सुबह 9:25 बजे।

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अमरकंटक की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार कार पेड़ से टकराई और गड्ढे में जाकर फंस गई। गाड़ी चला रहे युवक ने कार को बाहर निकालने के लिए आसपास के ग्रामीणों को मदद के लिए बुलाया।

उन्होंने देखा कि कार की पिछली सीट पर एक युवती की लाश पड़ी है। ग्रामीणों ने जैसे ही युवक को घेरा तो उसने गाड़ी से एक बोतल निकाली और उसे पी गया। बोतल में एसिड था। एसिड पीकर युवक की हालत खराब हो गई। ढाई घंटे बाद पुलिस उसे अस्पताल लेकर गई जहां इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

मरने से पहले पुलिस ने युवक के बयान दर्ज कर लिए थे। उसने पुलिस को जो बताया वो चौंकाने वाला था। युवक ने ही इस युवती की हत्या की थी और उसकी लाश को ठिकाने लगाने वह अमरकंटक से 150 किमी दूर उमरिया के जंगल में पहुंचा था।

उसने पुलिस को बताया कि युवती की लाश के टुकड़े कर उन्हें जलाने की प्लानिंग थी, मगर वो अपने मंसूबे में कामयाब होता उससे पहले कार का एक्सीडेंट हो गया। आखिर युवक और युवती के बीच क्या संबंध था। उसने युवती की हत्या क्यों की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट

अब जानिए ममता और सूरज एक दूसरे के नजदीक कैसे आए

ममता, सूरज की मां शकुंतला की दूर के रिश्ते में आने वाली ननद की बेटी थी। दोनों एक दूसरे को जानते थे और रिश्तेदार भी थे। पांच साल पहले ममता ने शहडोल डिग्री कॉलेज में एडमिशन लिया। इधर, सूरज भी पॉलिटेक्निक की पढ़ाई करने शहडोल पहुंचा था।

दोनों अलग-अलग किराए के कमरे में रहते थे। जान पहचान पहले से थे इसलिए दोनों की अक्सर मुलाकात होती थी। पहले दोनों की दोस्ती हुई फिर वे एक दूसरे से मोहब्बत करने लगे। दोनों शादी करना चाहते थे, मगर घरवालों से ये कहने की हिम्मत नहीं कर सके।

दोनों के रिश्ते के बारे में केवल सूरज की बहन संध्या को पता था। जो सूरज के साथ ही शहडोल में पढ़ती थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद सूरज शहडोल में ही एलआईसी में जॉब करने लगा और ममता अमरकंटक में किराए का कमरा लेकर बीएड की पढ़ाई करने लगी थी।

इसी कार में सूरज ने ममता की हत्या की और लाश को ठिकाने लगाने के लिए अमरकंटक से उमरिया आया था।

इसी कार में सूरज ने ममता की हत्या की और लाश को ठिकाने लगाने के लिए अमरकंटक से उमरिया आया था।

पति के साथ ममता की फोटो देखी तो की मर्डर की प्लानिंग

सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन इसी बीच ममता के घर वालों ने 20 अप्रैल 2024 को उसकी शादी कर दी। सूरज इस शादी के बाद टूट सा गया था। हालांकि, इसके बाद भी दोनों के बीच बातचीत होती रही। ममता कुछ दिन तक ससुराल में रही।

इसके बाद वो पढ़ाई के लिए अमरकंटक जाकर रहने लगी थी। 10-15 दिन पहले ममता ने अपने सोशल अकाउंट पर पति के साथ एक फोटो पोस्ट की। ये देखकर सूरज बौखला गया उसने ममता को फोन किया। दोनों के बीच कहासुनी हुई, बातचीत भी बंद हो गई।

पुलिस के मुताबिक सूरज ने तभी तय कर लिया था कि प्यार में धोखा देने वाली ममता को वह सबक सिखाएगा। चार-पांच दिन पहले सूरज ने पहल कर ममता से बात की थी। उसने उससे माफी भी मांगी, लेकिन वह ममता के मर्डर का प्लान तैयार कर चुका था।

20 जून को ममता से मिलने पहुंचा, 14 घंटे तक होटल में रहे

उमरिया पुलिस को दिए इकबालिया बयान के मुताबिक सूरज 20 जून की सुबह कार लेकर ममता से मिलने अमरकंटक पहुंचा था। उसने कार में पहले ही चाकू, गलब्स, चॉपर और एसिड की बॉटल छिपा कर रखी थी। अमरकंटक पहुंच कर ममता को फोन कर बुलाया।

दोनों अमरकंटक में ही एक होटल में 14 घंटे तक साथ-साथ रहे। रात 12 बजे के बाद दोनों होटल से निकले थे। होटल से निकलने के बाद सूरज कार से ममता को लेकर लॉन्ग ड्राइव पर निकला। बगल वाली सीट पर ममता बैठी थी।

वह कार को अमरकंटक के जंगल वाले रास्ते पर ले गया। ममता उसकी मंशा से बेखबर थी। चलती कार में उसने अचानक चाकू से ममता के पेट पर दो वार किए। पूरा खून कार में फैल गया। कुछ देर तड़पने के बाद ममता ने दम तोड़ दिया।

वन विभाग के चौकीदार की सूझबूझ से खुला हत्या का राज

रात भर कार ड्राइवर कर सूरज 21 जून की सुबह वह मानपुर चौरी से 6 किमी आगे जंगल में पहुंचा था कि तभी कार एक पेड़ से टकरा कर गड्‌ढे में फंस गई। मदद के लिए वहां दूर-दूर तक कोई नहीं दिखा।

सुबह 9 बजे के लगभग चार आदिवासी वहां से निकल रहे थे। उसने कार को धक्का लगाने में मदद मांगी। चारों ने धक्का भी लगाया, लेकिन गड्ढे से बाहर नहीं निकली। तभी वहां जंगल विभाग का चौकीदार आया। उसने भी धक्का लगाने में मदद की।

जब कार नहीं निकली तो उसने सूरज से कहा कि वह भी उतर कर धक्का लगाए, स्टेयरिंग वह संभालेगा। सूरज पीछे की सीट पर ममता की लाश के चलते पहले आनाकानी करता रहा। आखिर में संदेह न हो इसलिए वो तैयार हो गया।

गांव से ट्रैक्टर लाने का कहकर गया और पुलिस को सूचना दी

चौकीदार कार से उतरा और बोला कि ये ऐसे नहीं निकलेगी, वो गांव से ट्रैक्टर लेकर आ रहा है। चौकीदार ने कुछ दूर पहुंचने पर बीट गार्ड और गांव वालों को सूचना दी। बीट गार्ड ने घुनघुटी चौकी पुलिस को खबर दी गई। पुलिस के पहुंचने से पहले गांव वाले मौके पर पहुंच गए।

चौकीदार ने कार में चाकू व चॉपर देख लिया था इसलिए पुलिस ने ग्रामीणों को ताकीद कर दिया था कि उससे दूरी बनाकर रहें, कहीं वह किसी पर हमला न कर दे। ग्रामीणों ने उसे चारों ओर से घेर लिया। राज खुलने पर सूरज बौखला गया। उसे कुछ समझ में नहीं आया।

ग्रामीणों के सामने ही वह लाश को जलाने के लिए रखा एसिड पी गया। चौकी की दूरी घटनास्थल से 50 किमी दूर है। पुलिस को मौके पर पहुंचने में ढाई घंटे लगे। तब तक सूरज की हालत खराब हो चुकी थी। पुलिस उसे लेकर शाम 4 बजे के लगभग शहडोल मेडिकल कॉलेज पहुंची।

पुलिस की सूचना पर दो घंटे बाद शाम 6 बजे उसके बड़े भाई सतीश और मां शकुंतला भी पहुंचीं। मां शकुंतला व भाई सतीश के मुताबिक वह आखिरी बार सिर्फ उनसे पानी मांग रहा था, बता रहा था कि गले सहित पेट में काफी जलन हो रही है।

इससे पहले उमरिया जिले की पाली पुलिस उसका बयान दर्ज कर चुकी थी। रात 10 बजे के बाद उसकी तबियत बिगड़ने लगी। 23 जून की सुबह 11.45 बजे के लगभग उसने दम तोड़ दिया।


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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