Outside medicine being prescribed recklessly | धड़ल्ले से लिखी जा रही बाहर की दवा: डॉक्टर और मेडिकल संचालकों की साठगांठ से चल रहा खेल – Chhatarpur (MP) News

जिला मुख्यालय मुख्यालय में शहर चौक बाजार स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर अपनी मनमानी करते नजर आ रहे है। मेडिकल संचालकों से साठगांठ कर बाहर की दवा लिख रहे हैं। जिससे बीमार और बेबस गरीब व्यक्ति महंगे दामों में दवाइयां खरीदने पर मजबूर हैं।
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अगर कोई व्यक्ति आयुर्वेदिक अस्पताल में इलाज करने के लिए जाता है तो ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर मरीज के हाथों में दवाइयां का लंबा पर्चा थमा देते हैं और कहते हैं कि अस्पताल में दवाई खत्म हो चुकी है बाहर से दवा खरीद लो क्योंकि अस्पताल में दवाई खत्म हो चुकी है।
जिससे मेडिकल संचालक और डॉक्टरों की जमकर कमाई हो रही है, इन लोगों ने अब यह कमाई का जरिया बना लिया है, ऐसा ही एक मामला सामने आया है जब महिला डॉक्टर के पास इलाज कराने पहुंची तो डॉक्टर ने उसे अस्पताल के बाहर मेडिकल से दवा खरीदने के लिए कहकर एक लंबा पर्चा थमा दिया।
जानकारी के अनुसार, दीप्ति पटेल निवासी खजुराहो बुधवार की दोपहर 12 बजे चौक बाजार स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में इलाज कराने पहुंची तभी वहां मौजूद डॉक्टर ने इलाज करते हुए एक दवा का लंबा पर्चा थमा दिया जब डॉक्टर से कहा कि अस्पताल की दवा लिख दीजिए तो डॉक्टर ने स्पष्ट कह दिया कि अस्पताल में कोई दवा नहीं है। आपको बाहर से ही दवा खरीदनी पड़ेगी। उसके बाद जब महिला डॉक्टर के बताए अनुसार मेडिकल दुकान पर पहुंची तो दुकानदार ने दवा निकाली दी।
उसके साथ 820 रुपए का बिल भी थमा दिया। लेकिन जब महिला ने कहा कि हमारे पास इतने पैसे नही है तो तत्काल पैसे कम करते हुए कहा कि डिस्काउंट के साथ 650 रुपये दे दो। इलाज कराने आई महिला दीप्ति पटेल ने बताया कि के पास पैसे ना होने के कारण वह सरकारी अस्पताल में इलाज कराने पहुंची लेकिन डॉक्टरों की मनमानी के चलते उन्होंने उसे दवाई का एक लंबा परिचय थमा दियाऔर कहा अस्पताल के बाहर से खरीद लो अस्पताल में दवाई नही है।
जबकि सरकार की तरफ से अस्पताल में फ्री दवाई दी जाती है। अगर मेरे पास पैसे होते तो सरकारी अस्पताल में इलाज करने क्यों जाती।मेडिकल संचालक नगरिया ने बताया कि अस्पताल में दवाई मिलती है वह खराब रहती है उसमें मरीज को आराम नहीं मिलता, इस वजह डॉक्टर मरीज को बाहर से दवाई लिखते हैं।

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