स्वाद ही नहीं आकार के भी दीवाने हैं लोग; तीसरी पीढ़ी ने पुश्तैनी बिजनेस को ग्लोबल लेवल तक पहुंचाया | People are crazy not only about the taste but also about the shape; The third generation took the ancestral business to the global level

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इंदौर15 मिनट पहलेलेखक: अभय शुक्ला
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जायका की बात हो और इंदौर का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। स्वच्छता की दीवानगी के बीच स्वाद की राजधानी में जायके का जो तड़का लगता है, उसकी बात ही कुछ और है।
आज जायका में हम बात करेंगे राजवाड़ा के नजदीक नरसिंह बाजार में वर्षों पुराने प्रतिष्ठान मधुरम सैंडविच की। यहां के सैंडविच अपने खास आकार और स्वाद के लिए प्रसिद्ध हैं। दुकान संभालने वाले दो भाई वैभव और आयुष नामदेव ग्राहकों के बीच गिरोठिया ब्रदर्स के नाम से फेमस हैं।
आयुष और वैभव के पिता राजेश गिरोठिया (नामदेव) बताते हैं- हमारे पूर्वज काम धंधे की तलाश में राजस्थान से निकले थे। वे मंदसौर के गरोठ गांव में रुक गए। कुछ समय वहीं रोजी-रोटी की तलाश में गुजारे। गरोठ गांव में रहने के कारण ही उनकी पहचान गिरोठिया से होने लगी।

घर पर सैंडविच बनाने से की नई शुरुआत
आयुष और वैभव के दादा शंकर लाला की नरसिंह बाजार के शीश महल चौराहे पर चाय की दुकान थी। इसी वजह से वे शंकरलाला जी चाय वाले के नाम से प्रसिद्ध हो गए। उनके बेटे राजेश गिरोठिया (नामदेव) ने समोसे, कचौरी, पेटिस और जूस बेचने का काम शुरू किया। काम बढ़ा तो आयुष और वैभव भी उनके कंधे से कंधा मिलाने दुकान पर आ गए।
दोनों ने कुछ नया करने का सोचा और शुरुआत सैंडविच से की। घर में ही सैंडविच बनाकर दुकान पर बेचना शुरू कर दिया। इसके बीच लागत और कीमत को लेकर परेशानी भी आई।

तीसरी जनरेशन दे रही इंदौरवासियों को नया स्वाद
आयुष बताते हैं- यह हमारी तीसरी जनरेशन है, जो खानपान के धंधे में है। हमारे दादा और परदादा नमकीन और स्वीट्स बनाने का काम किया करते थे। उन्हीं के व्यापार को हम आगे बढ़ा रहे हैं। सैंडविच बनाते हुए 20 साल से भी ज्यादा हो गए हैं।
वैभव ने कहा कि पापा और दादा जी के साथ दुकान में जाते.. उनके साथ हाथ बंटाते। इसी दौरान पुश्तैनी बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए सोचा।
आयुष की एक और बात उनके ग्राहकों के बीच फेमस है। वे गले में वजनदार चेन और हाथ में कड़ा पहनते हैं। उनका कहना है कि सोना पहनना हमारे परिवार का शौक है। बचपन से ही पिता को भी सोना पहनते देखा है।

ऐसे तैयार होती है खास जंबो सैंडविच
गिरोठिया ब्रदर्स ने बताया- हमारे यहां रोजाना 100 से ज्यादा पैकेट ब्रेड की खपत हो जाती है। एक दिन में करीब 300 सैंडविच बनाई जाती हैं। वीकेंड पर तो यह संख्या 500 से अधिक होती है।
गर्मी के दिनों में हमारे यहां एक हजार तक सैंडविच बिक जाती हैं। इनमें ऑनलाइन ऑर्डर भी शामिल हैं। तैयार होने के बाद एक सैंडविच का वजन 800 ग्राम तक हो जाता है। इस जंबो सैंडविच की कीमत 150 रुपए है।
सबसे पहले ब्रेड पर टमाटर पेस्ट की टॉपिंग की जाती है। उसके बाद धनिया और हरी मिर्च की मिक्स ग्रीन चटनी लगाई जाती है। इसके बाद ब्रेड के ऊपर पहले से चॉप करके रखे गए कैप्सिकम, टोमेटो और स्वीट कॉर्न को मिक्स कर डाला जाता है। सैंडविच बनाने के लिए पनीर और सब्जी को पहले ही काट कर रख लिया जाता है।

एक जंबो सैंडविच को पूरा परिवार खा सकता है
राजेश बताते हैं- जब मैंने सैंडविच की दुकान शुरू की थी, तब इसका रेट 60 रुपए रखा था। बाकी जगह 30 से 40 रुपए में सैंडविच बिकता था। हमारे रेट सुनकर कम ग्राहक आते थे। परिवार वाले भी कहते थे कि इतनी महंगी और बड़ी सैंडविच कौन खाएगा। लेकिन मैंने टेस्ट और साइज के साथ कभी कंप्रोमाइज नहीं किया।
धीरे-धीरे लोग हमारे सैंडविच पसंद करने लगे। क्वालिटी और क्वांटिटी मेंटेन करने में 60 रुपए की सैंडविच अब 150 रुपए की हो गई है। पिछले 10 साल से इसका रेट यही है। अब लोग इसको खाने के लिए 15 से 20 मिनट का इंतजार भी करते हैं। एक प्लेट वाले जंबो सैंडविच को एक परिवार आराम से खा सकता है।

मधुरम सैंडविच से ज्यादा गिरोठिया ब्रदर्स के नाम से जानते हैं लोग
आयुष और वैभव ग्राहकों के बीच अपने व्यवहार और खास अंदाज के लिए फेमस हैं। सोशल मीडिया पर दोनों भाई गिरोठिया ब्रदर्स के नाम से जाने जाते हैं। लोग इनके साथ सेल्फी और रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं। इसके चलते इन्होंने दुकान के बाहर गिरोठिया ब्रदर्स के नाम से बैनर भी लगा दिया।

घर में ही तैयार करते हैं ब्रेड, नॉट फोर सेल का टैग लगाते हैं
आयुष बताते हैं कि जंबो सैंडविच में डाले जाने वाले लगभग सभी आइटम हम घर में ही तैयार करते हैं। दो-तीन आइटम जैसे चीज और बटर ही बाजार से खरीदते हैं। ब्रेड जंबो सैंडविच के लिए बड़े साइज में तैयार होती है। इसमें नाम के साथ नॉट फोर सेल का टैग लगा रहता है।

इंदौर ही नहीं, दूसरे शहरों से भी सैंडविच खाने आते हैं लोग
अपने बड़े साइज के लिए फेमस जंबो सैंडविच के ग्राहक सिर्फ शहर और देश ही नहीं, भारत से विदेश जाने वाले भी हैं। उत्तर प्रदेश के सीतापुर से आए एक ग्राहक ने बताया कि वे उज्जैन में महाकाल के दर्शन करने आए थे। जंबो सैंडविच को सोशल मीडिया पर देखा था। इंदौर घूमने के साथ आज टेस्ट का भी आनन्द लिया।
अधिकतर ग्राहक परिवार के साथ या तीन-चार दोस्तों के साथ यहां पहुंचते हैं। उनका कहना है कि मधुरम का जंबो सैंडविच अकेले खाना मुश्किल है। कुछ ग्राहक ऐसे भी हैं, जो थोड़ा खाकर बाकी घर के लिए पैक करवा लेते हैं।


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