अजब गजब

दोस्त की सलाह ने इस युवक की बदल दी किस्मत, टीएमटी रिंग्स के कारोबार से लाखों में हो रही है कमाई,meet Fayyaz who is earning in lakhs from tmt rings business suggested by friend

बांका. ऐसा कहा जाता है कि अगर आपके जीवन में सही दोस्त है, तो आपका जीवन निश्चित रूप से बदल जाएगा. ऐसा ही कुछ हुआ एक युवक के साथ. दोस्त की सलाह पर बेरोजगार युवक ने बिजनेस शुरू किया और उसके बाद उस युवक की जिंदगी बदल गई. आज युवक सालाना 10 लाख से अधिक का कारोबार कर रहा है. जी हां, जिस युवक की हम बात करने जा रहे हैं वह बांका जिला के शंभूगंज प्रखंड अंतर्गत चुटिया गांव के मो. फैयाज अंसारी है. अपने दोस्त की सलाह पर मो. फैयाज अंसारी ने टीएमटी रिंग्स बनाना शुरू किया. फैयाज का यह धंधा चल निकला और अब वह कई लोगों को रोजगार भी दे रहा है.

मित्र की सलाह ने फैयाज की बदल दी जिंदगी

मो. फैयाज अंसारी ने बताया कि पढ़ाई को लेकर बचपन से जमशेदपुर में हीं रहे. पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी नहीं मिली तो हताश हो गए. इसी दौरान एक दोस्तों ने अपनी टीएमटी रिंग्स फैक्ट्री को दिखाकर बताया कि गांव जाकर इसकी फैक्ट्री लगा लो, इससे अच्छी कमाई होगी. इसके बाद वापस गांव आ गया और फैक्ट्री की शुरुआत के बारे में सोचने लगा. दोस्त से हीं आर्थिक मदद लेकर टीएमटी रिंग्स बनाना शुरू कर दिया. हालांकि अधिक पूंजी की आवश्यकता थी तो पता चला कि उद्योग खड़ी करने के लिए सरकार भी मदद करती है. इसके बाद मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से लोन लेने के लिए आवेदन कर दिया. आवेदन स्वीकृत हो जाने के बाद 10 लाख का लोन मिला. इसके बाद एक फैक्ट्री लगा लिया और बड़े पैमाने पर रिंग्स का निर्माण करने लगा.

सालाना दस लाख से अधिक का है कारोबार

मो. फैयाज अंसार ने बताया कि टीएमटी रिंग्स को बनाने के लिए तीन प्रकार की मशीन लगाई जाती है. जिसमें कटर, मोल्डर, पैकिंग शामिल है. सबसे पहले छड़ की रोल को कटर मशीन में लगाया जाता है और साइज अनुसार कटिंग की जाती है और फिर कटिंग किए हुए सरिया को मोल्डर में मोड़ा जाता है और इसके इसके बाद पैकिंग मशीन में डाल कर पैक किया जाता है. उन्होंने बताया कि एक दिन में 15 टन तक रिंग तैयार कर लेते हैं. उन्होंने बताया कि रिंग की डिमांड हर जगह है, क्योंकि हर जगह छोटे-बड़े मकान का निर्माण कार्य चलते रहता है. जिसमें सरिया के साथ-साथ रिंग की भी आवश्यकता पड़ती है. उन्होंने बताया कि ज्यादातर रिंग बांका और भागलपुर में सप्लाई की जाती है. इस धंधे में 16 लोगों को रोजगार भी मिल रहा है और सालाना दस लाख से अधिक का कारोबार भी हो रहा है. उन्होंने बताया कि यदि आप भी अच्छी आमदनी के साथ-साथ लोगों को रोजगार भी देना चाहते हैं तो अपना खुद का बिजनेस शुरू करें. केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार भी व्यवसाय को वित्तीय सहायता प्रदान करती है.

Tags: Banka News, Bihar News, Local18, Success Story


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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