Enjoy the story of Krishna Rukmini marriage | कृष्णा रुक्मणि विवाह की कथा का आनंद: कथा में श्री छारद्वारी हनुमान मंदिर के महंत का मिला आशीर्वाद – Niwari News

निवाडी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले जिला मुख्यालय के समीप स्थित ग्राम दुलावनी में सांसद प्रतिनिधि राजेश पटेरिया और उनके परिजनों के सौजन्य से श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा के समापन के अवसर पर भगवान श्री कृष्ण रुक्मणी की कथा सुनाई।
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गुरुवार को कथा के समापन अवसर पर कथा व्यास पंडित धर्मेश शरण शास्त्री ने भगवान श्री कृष्ण रुक्कमणी की कथा सुनाई। इसमें कथा व्यास द्वारा बताया गया कि रुक्कमणी ने भगवान श्री कृष्ण से अपने भाई के प्राणों की रक्षा की थी।
भाई-बहन का रिश्ता दुनिया का सबसे अटूट रिश्ता होता है और बहन जब अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है तो उस रक्षा सूत्र से भाई की हर मुसीबत से रक्षा होती है और भाई भी अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है।
कथा का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने रुक्कमणी के साथ-साथ सात और विवाह किए थे तथा एक राक्षस का वध कर उसके चंगुल से 36 हजार 100 कन्याओं को छुड़ाया था और उन सभी कन्याओं से भगवान श्री कृष्ण ने विवाह किए थे।
इस तरह भगवान श्री कृष्ण के 36 हजार 108 विवाह संपन्न हुए थे। कथा में श्रोताओं ने भगवान श्री कृष्ण रुक्कमणी विवाह की कथा का आनंद लेते हुए जमकर नृत्य किया। इस अवसर पर ओरछा के श्री छारद्वारी हनुमान जी मंदिर के महंत का भी आशीर्वाद श्रोताओं को मिला।
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