मध्यप्रदेश

IT raid at the house of hawala dealer in Ratlam | रतलाम में हवाला कारोबारी के यहां IT की रेड: 9 घंटे में बाहर निकले अधिकारी, देर रात तक चलती रही कार्रवाई – Ratlam News

रतलाम के गायत्री मल्टीप्लेक्स रोड पर बुधवार दोपहर से लेकर देर रात तक एक हवाला कारोबारी के यहां इनकम टैक्स विभाग ने छापेमार कार्रवाई की। कार्रवाई करने 15 से 20 अधिकारी 8 से अधिक वाहनों में रतलाम आए। गाड़ियों का काफिला जब शहर सराय क्षेत्र में पहुंचा तो

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मेटल डिटेक्टर के साथ खड़े रहे पुलिसकर्मी। अंदर किसी को जाने की इजाजत नहीं थी।

अधिकारियों ने जहां छापामार कार्रवाई की है उनका नाम मनीष पटवा व लवीश पटवा बताया जा रहा है। दोपहर 2 से ढाई बजे अधिकारी इनके मकान में घुसे। देर रात 11 बजे कुछ अधिकारी कुछ सामान के साथ कुछ लोगों को लेकर बाहर निकले। अपने साथ गाड़ी में बैठाकर ले गए। इसके बाद भी तीन से चार गाड़िया घर के बाहर ही खड़ी रही।

जो गाड़ियां आई थी उनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर पासिंग की नंबर प्लेटे लगी थी। देर रात समाचार लिखे जाने तक कार्यवाही जारी रही। अधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं थे।

बाहर आए कैमरा देख मुहं पलटाया

बाहर आए अधिकारी कैमरा देख वापस घर के अंदर चले गए।

बाहर आए अधिकारी कैमरा देख वापस घर के अंदर चले गए।

कुछ अधिकारी कारोबारी के घर से बाहर आए। लेकिन कैमरा देख मुंह पलटा लिया। जब उनसे पूछा गया कि ई़डी, आईटी या सीबीआई किसकी कार्रवाई है तो कहने लगे हमें कोई जानकारी नहीं है। हम अधिकृत नहीं है। सूत्रों की माने तो अधिकारी प्राइवेट वाहनों से अलग-अलग जगहों से आए थे। जो ड्रायवर गाड़ी चलाकर आए उन्हें भी नहीं मालूम था कि उन्हें कहां जाना है।

इसी घर में दोपहर से लेकर देर रात तक चलती रही कार्रवाई।

इसी घर में दोपहर से लेकर देर रात तक चलती रही कार्रवाई।

यह भी बात सामने आई कि एक टीम द्वारा उक्त कारोबारियों के चांदनी चौक स्थित एक अन्य प्रतिष्ठान पर भी छापामार कार्रवाई की गई। लेकिन पूरी कार्रवाई को लेकर किसी प्रकार से कोई अधिकृत बयान नहीं आया और नहीं कोई अधिकारी बोलने के लिए तैयार थे।

दुकान में बैठे रहे पुलिसकर्मी

जिस मकान पर कार्रवाई चल रही थी, उसी के नीचे नवकार एग्रो एजेंसी की दुकान पर पुलिसकर्मी बैठे रहे।

जिस मकान पर कार्रवाई चल रही थी, उसी के नीचे नवकार एग्रो एजेंसी की दुकान पर पुलिसकर्मी बैठे रहे।

जिस मकान के अंदर कार्रवाई चल रही थी। उसी के नीचे एक नवकार एग्रो एजेंसी नामक दुकान थी। जहां पुलिसकर्मी बैठे हुए थे। बताया जा रहा है एग्रो एजेंसी द्वारा किराये से दुकान संचालित की जाती है। पुलिसकर्मियों से भी इस बारे में जानकारी लेना चाही। लेकिन वह भी भोलने के लिए तैयार नहीं थे। किसी को घर के अंदर जाने की अनुमति तक नहीं थी।


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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