राजस्थान में 2 क्रिकेट स्टेडियम लेकिन नहीं मिला 1 भी वर्ल्ड कप मैच, जानें इसका कारण | 2 cricket stadiums in Rajasthan but did not get world cup match know the reason

Cricket
oi-Naveen Sharma
World
Cup
2023
Venues:
आईसीसी
वनडे
वर्ल्ड
कप
का
कार्यक्रम
घोषित
होने
के
साथ
ही
आयोजन
की
तैयारियां
भी
शुरू
हो
गई
हैं।
भारत
में
5
अक्टूबर
से
शुरू
होने
वाला
यह
मेगा
इवेंट
दस
शहरों
में
खेला
जाएगा।
बीसीसीआई
ने
इन
शहरों
के
स्टेडियमों
की
कायापलट
करने
के
लिए
बजट
भी
दिया
है।
आईसीसी
वर्ल्ड
कप
के
लिए
कुल
दस
शहरों
को
वेन्यू
के
रूप
में
रखा
गया
है।
अहमदाबाद,
बेंगलुरु,
चेन्नई,
दिल्ली,
धर्मशाला,
हैदराबाद,
कोलकाता,
लखनऊ,
मुंबई,
पुणे
आदि
हैं।
अधिकतर
स्टेडियम
दक्षिण
भारत
में
ही
हैं।
उत्तर
से
कम
ही
स्टेडियम
सामने
आए
हैं।

उत्तर
भारत
से
दिल्ली
और
धर्मशाला
को
वेन्यू
बनाया
गया
है।
इसके
अलावा
उत्तर
प्रदेश
से
लखनऊ
को
भी
वेन्यू
बनाया
गया
है।
मध्य
भारत
में
इंदौर
वेन्यू
हो
सकता
था,
पंजाब
में
मोहाली
स्टेडियम
था।
राजस्थान
में
भी
दो
स्टेडियम
है
लेकिन
इन
सबको
छोड़
दिया
गया।
बीसीसीआई
के
ऊपर
पक्षपात
के
आरोप
भी
लग
रहे
हैं।
राजस्थान
को
लेकर
यहाँ
चर्चा
की
गई
है।
भारतीय
महिला
खिलाड़ी
के
लिए
ऐतिहासिक
पल,
इंटरनेशनल
से
पहले
मिला
विदेशी
लीग
का
अनुबंध
राजस्थान
में
कौन
से
स्टेडियम
हैं
राजस्थान
में
दो
स्टेडियम
है
जहाँ
अंतरराष्ट्रीय
मुकाबले
खेले
जा
चुके
हैं।
जयपुर
का
सवाई
मानसिंह
स्टेडियम
और
जोधपुर
का
बरकतुल्ला
खां
स्टेडियम।
इन
दोनों
स्टेडियम
में
से
किसी
एक
को
वर्ल्ड
कप
मुकाबला
दिया
जा
सकता
था।
कुछ
समय
पहले
जयपुर
में
आईपीएल
मैच
खेले
गए
हैं,
उससे
पहले
न्यूजीलैंड
के
खिलाफ
एक
मुकाबला
हुआ
था
और
लीजेंड्स
लीग
क्रिकेट
का
फाइनल
भी
खेला
गया
था।
राजस्थान
को
वर्ल्ड
से
दूर
रखने
का
कारण
स्टेडियम
चुनने
के
पीछे
मानक
का
कारण
दिया
जाता
है।
जिन
स्टेडियमों
को
नहीं
चुना
गया,
वे
वर्ल्ड
कप
के
मानकों
पर
खरा
नहीं
उतरते।
राजस्थान
के
दोनों
स्टेडियम
भी
तय
मानकों
के
हिसाब
से
नहीं
है।
हालांकि
बीसीसीआई
चाहे
तो
किसी
भी
स्टेडियम
को
वर्ल्ड
कप
के
लायक
बना
सकती
है।
अगर
किसी
स्टेडियम
में
अंतरराष्ट्रीय
मैच
हो
सकता
है,
तो
वर्ल्ड
कप
मैच
क्यों
नहीं
हो
सकता।
बोर्ड
ने
बाकी
स्टेडियमों
को
50-50
करोड़
की
राशि
दी
है।
ऐसे
में
राजस्थान
के
स्टेडियमों
को
भी
ठीक
किया
जा
सकता
था।
मानकों
की
आड़
में
राजनीति
तो
नहीं?
मानकों
की
बात
आती
है,
तो
मोहाली
का
स्टेडियम
वर्ल्ड
कप
के
लिए
फिट
है
और
साल
2011
वर्ल्ड
कप
में
सेमीफाइनल
वहां
हुआ
था।
अब
इस
स्टेडियम
को
बाहर
कर
दिया
गया
है।
पंजाब
सरकार
ने
मामला
बीसीसीआई
के
सामने
उठाया
है।
ऐसे
में
सवाल
है
कि
क्या
मानकों
की
बात
एक
बहाना
है?
यहाँ
राजनीति
भी
हो
सकती
है।
आईपीएल
के
दौरान
राजस्थान
सरकार
के
खेल
मंत्री
और
आरसीए
अध्यक्ष
के
बीच
लड़ाई
सबने
देखी
थी।
इससे
माना
जा
रहा
था
कि
आगे
आईपीएल
मैच
भी
मिलना
मुश्किल
हो
सकता
है।
हालांकि
बीसीसीआई
के
साथ
राजस्थान
का
कोई
टकराव
नहीं
है।
BCCI
पदाधिकारियों
के
शहरों
को
मिले
मुकाबले
बीसीसीआई
पदाधिकारियों
के
शहरों
को
मैच
मिले
हैं।
जय
शाह
अहमदाबाद
से
आते
हैं
और
वहां
कई
मैच
होंगे।
फाइनल
भी
वहां
खेला
जाएगा।
बोर्ड
अध्यक्ष
रोजर
बिन्नी
के
शहर
बेंगलुरु
को
मैच
मिला
है।
चार
महानगरों
में
आने
के
कारण
चेन्नई,
मुंबई
और
कोलकाता,
दिल्ली
को
मैच
मिले
हैं।
पुणे
को
वेन्यू
बनाने
की
बात
समझ
से
बाहर
है,
अन्य
स्टेडियम
भी
शामिल
हो
सकते
था।
यही
बात
हैदराबाद
पर
लागू
होती
है।
अरुण
धूमल
केंद्र
में
मंत्री
अनुराग
ठाकुर
के
भाई
हैं
और
वे
हिमाचल
से
आते
हैं,
धर्मशाला
को
मैच
मिला
है।
बीसीसीआई
उपाध्यक्ष
राजीव
शुक्ला
यूपी
से
हैं
और
वह
भी
लखनऊ
में
मुकाबला
ले
जाने
में
सफल
रहे।
जिन
राज्यों
के
पदाधिकारी
नहीं
थे,
उनको
कोई
मैच
नहीं
मिला।
यहां
मानकों
के
हिसाब
से
भी
मैच
मिले
होंगे
लेकिन
पदाधिकारियों
वाला
मामला
भी
एक
फैक्ट
है,
जो
संयोग
भी
हो
सकता
है।
English summary
2 cricket stadiums in Rajasthan but did not get world cup match know the reason.
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