Policy made for young entrepreneurs | युवा उद्यमियों के लिए बनाई पॉलिसी: बीएससी एग्रीकल्चर के छात्र संचालित करेंगे मिट्टी परीक्षण लैब, सरकार दे रही 1.25 लाख रुपए महीना आय की गारंटी – Bhopal News

मप्र में ब्लॉक स्तर पर मौजूद मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला (सॉइल टेस्टिंग लैब) अब कृषि और उद्यानिकी की पढ़ाई करने वाले छात्रों द्वारा संचालित की जाएगी। सरकार ने एग्रीकल्चर से पढ़ाई करने वाले बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के लिए अब इन लैब की जिम्मेदारी इन
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दूसरी तरफ किसानों को भी इन लैब पर नि:शुल्क मिट्टी परीक्षण कराने की सुविधा मिलेगी। सरकार ने एग्रीकल्चर की पढ़ाई करने वाले युवाओं और एग्रीकल्चर व हॉर्टिकल्चर सेक्टर में काम करने वाले युवा उद्यमी को ध्यान में रखकर यह पॉलिसी बनाई है। एक लैब पर तीन युवा तैनात किए जाएंगे। एक लैब को एक साल में करीब 4500 सैंपल देने का लक्ष्य रखा है।
बदले में प्रति सैंपल 300 रुपए दिए जाएंगे। यानी पूरे साल में करीब 13.50 लाख रुपए एक लैब पर सरकार खर्च करेगी। वहीं सभी 265 लैब पर लगभग 38 करोड़ रुपए एक साल में खर्च करेगी। यदि इससे कम सैंपल आएंगे तो भी सरकार 4500 सैंपल का पैसा युवाओं को भुगतान करेगी। यदि इससे अधिक सैंपल आते हैं तो वह कमाई युवाओं को अलग से होगी।
एग्रीकल्चर की पढ़ाई करने वाले 1000 युवाओं को मिलेगा रोजगार
प्रत्येक लैब पर कम से कम तीन युवाओं को नियुक्त किया जाएगा। ऐसे में ब्लॉक स्तर की 265 और जिला स्तर की 55 लैब को मिलाकर करीब एक हजार युवाओं को सीधे रोजगार मिलेगा। यदि सवा लाख रुपए भी एक लैब पर दिया जाता है तो एक युवा को लगभग 25 हजार रुपए महीने की बचत होगी। इनके अलावा फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में काम करने वाली संस्थाएं, कृषक उत्पादक समूह, कृषक उत्पादक कंपनी को भी कुछ लैब पर मिट्टी परीक्षण का काम दिया जाएगा।
- किसानों को करेंगे प्रोत्साहित
हर साल 12 लाख सैंपल का परीक्षण, इन्हें बढ़ाकर 15 लाख किया जाएगा
मप्र में अभी हर साल करीब 12 लाख सैंपल परीक्षण के लिए आते हैं। सरकार के कृषि और उद्यानिकी विभाग मिलकर किसानों को प्रोत्साहित करेंगे कि वह बिना मिट्टी परीक्षण किए फसल नहीं लगाए। दोनों ही विभागों ने मिलकर करीब 15 लाख सैंपल का लक्ष्य तय किया है।
इससे न केवल युवाओं की आय बढ़ेगी, बल्कि किसानों को भी अधिक फायदा मिलेगा। योजना में यह भी शामिल किया गया है कि जो युवा लैब पर काम करने के साथ किसानों को सैंपलिंग के लिए प्रोत्साहित करेंगे, उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा। अभी सभी जिलों में कृषि उप संचालक को ऐसे युवाओं का चयन करने की जिम्मेदारी दी जाने वाली है।
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