अजब गजब

150 करोड़ की जॉब को मार दी लात, 40 लाख रुपये उधार लेकर शुरू किया बिजनेस, आज 8300 करोड़ की कंपनी

हाइलाइट्स

स्‍टैक्‍स को सफल बनाने में उनके भाई साल रहमतुल्‍लाह का बड़ा योगदान है. दोनों भाई-बहन ने मिलकर साल 2014 में फ्लोरिडा में स्‍टैक्‍स की नींव रखी.यह प्‍लेटफॉर्म सब्‍सक्रिप्‍शन मॉडल पर सभी तरह के भुगतान की सुविधा देता है.

नई दिल्‍ली. सुनीरा मधानी, नाम जितना साधारण है, काम उतना ही असाधारण. सुनीरा की सफलता जज्‍बे और जुनून की ऐसी कहानी है जो लाखों की प्रेरणा बन सकता है. अपने काम को बड़ा करने का ऐसा जुनून कि 150 करोड़ का ऑफर भी छोटा लगा और एक झटके में ठुकरा दिया. इसी जज्‍बे ने उन्‍हें हिम्‍मत दी और आखिर 40 लाख रुपये उधार लेकर अपने बिजनेस को बड़ा करने की ठानी. मेहनत रंग लाई और आज सुनीरा की कंपनी 8300 करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा बड़ी हो गई है.

दरअसल, हम बात कर रहे हैं ऑल इन वन पेमेंट प्‍लेटफॉर्म स्‍टैक्‍स (Stax) की फाउंडर सुनीरा मधानी की. सुनीरा का जन्‍म पाकिस्‍थान में हुआ था, लेकिन उनकी शिक्षा अपने भाई के साथ अमेरिका में हुई. स्‍टैक्‍स को बनाने और सफल बनाने में उनके भाई साल रहमतुल्‍लाह का बड़ा योगदान है. दोनों भाई-बहन ने मिलकर साल 2014 में फ्लोरिडा में स्‍टैक्‍स की नींव रखी. यह प्‍लेटफॉर्म सब्‍सक्रिप्‍शन मॉडल पर सभी तरह के भुगतान की सुविधा एक ही जगह पर देता है. इससे पहले तक भुगतान को ब्‍याज के आधार पर पूरा किया जाता था.

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ग्रेजुएशन के बाद शुरू हुआ सफर
सुनीरा का सफर फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद ही शुरू हो गया था. फाइनेंस की डिग्री लेने के बाद अटलांटा की पेमेंट प्रोसेसर कंपनी फर्स्‍ट डाटा में नौकरी शुरू कर दी. उनके माता-पिता ने आइडिया दिया कि पर्सेंटेज के आधार पर भुगतान के बजाए मंथली सब्‍सक्रिप्‍शन मॉडल पर इसे शुरू करना ठीक रहेगा. उन्‍होंने यह प्रस्‍ताव बैंकों के सामने और अपने सीनियर्स को दिखाया तो सभी ने इस आइडिया को रिजेक्‍ट कर दिया.

शुरू हुआ सफलता का सफर
सुनीरा और उनके भाई ने मिलकर मंथली सब्‍सक्रिप्‍शन मॉडल पर आधारित भुगतान ऐप बनाना शुरू कर दिया. ओरलैंडो में अपने पहले ही प्रेजेंटेशन में उन्‍होंने 100 क्‍लाइंट को अपने आइडिया से आकर्षित किया. इसी समय उन्‍हें स्‍टैक्‍स को खरीदने के लिए 145 करोड़ रुपये का ऑफर मिला, जिसने उन्‍हें आगे बढ़ने की हिम्‍मत दी और बेचने से इनकार कर दिया.

नौकरी छोड़ी तो उधार लेना पड़ा
सुनीरा ने अपना काम आगे बढ़ाने के लिए नौकरी छोड़ दी तो फाइनेंशियल दिक्‍कतें आनी शुरू हो गईं. उन्‍होंने अपने भाई-बहनों, दोस्‍तों और परिवार से 50 हजार डॉलर (करीब 43 लाख रुपये) का उधार लिया और अपने बिजनेस में लगाया. धीरे-धीरे काम निकल पड़ा और स्‍टैक्‍स के साथ 300 से ज्‍यादा कर्मचारी जुड़े हुए हैं. कंपनी का मार्केट कैप भी 8,305 करोड़ रुपये पहुंच गया है.

Tags: Business news in hindi, Success Story, Successful businesswoman, Womens Success Story


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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